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Difference Between Off Grid and Hybrid Solar System | SolarSquare

By SolarSquare

Summary

Topics Covered

  • Hybrid: Solar, Battery, Grid Backup
  • Solar Capacity Ignores Backup Load
  • Off-Grid Fully Self-Reliant
  • Size Battery by Load and Hours

Full Transcript

तो दोस्तों, आप लोग यह जानते ही होंगे कि अगर आपके घर पावर कट है, तो हाइब्रिड या ऑफग्रेड सोलर सिस्टम आइडियल रहता है। [संगीत] लेकिन आप सोच रहे होंगे कि मेरे रिक्वायरमेंट के हिसाब से कौन सा सिस्टम

सही है? हाइब्रिड या ऑफग्रिड। कन्वीनियंस

सही है? हाइब्रिड या ऑफग्रिड। कन्वीनियंस तो मेरे लिए बहुत मैटर करता है। लेकिन बैटरी की कॉस्ट भी ज्यादा है। क्या यह बात सच है? मेरे घर पे कितनी बैटरीज लगेगी? और

सच है? मेरे घर पे कितनी बैटरीज लगेगी? और

इससे कौन-कौन से अप्लायंसेस चल पाएंगे?

एसी, [संगीत] माइक्रोवेव, वाशिंग मशीन, लाइट्स, फैंस, टीवी, चार्जिंग सॉकेट। क्या यह सब आप इन बैटरीज से चला सकते हैं? अगर

यह सब सवाल आपके भी दिमाग [संगीत] में है तो इस वीडियो को एंड तक जरूर देखिएगा। क्योंकि इस वीडियो के बाद आप क्लियरली समझ जाएंगे कि हाइब्रिड और ऑब्जेक्ट सिस्टम्स में क्या डिफरेंस रहता है। आपकी सिचुएशन

के हिसाब से कौन सा सिस्टम आइडियल है और बैटरी और इन्वर्टर [संगीत] की साइज कैसे डिसाइड होती है। रियल वर्ल्ड एग्जांपल्स के साथ इन सारी चीजों [संगीत] के बारे में हम समझेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं

हाइब्रिड सोलर सिस्टम से। हाइब्रिड सिस्टम का कांसेप्ट सिंपल है। बैटरी का बैकअप भी मिलेगा और ग्रिड का सपोर्ट भी। हाइब्रिड सिस्टम्स में तीन चीजें एक साथ काम करती है। सोलर से बनी बिजली, बैटरी का बैकअप और

ग्रिड [संगीत] का सप्लाई। दिन के टाइम सोलर से जो बिजली बनती है वो आपके लोड को चलाती है और जो एक्सेस बिजली होती है वो बैटरी में या तो स्टोर हो जाती है या ग्रिड में एक्सपोर्ट हो जाती है। रात के

समय जब सोलर अवेलेबल नहीं होता [संगीत] तब ये बैटरी में स्टर्ड एनर्जी या फिर ग्रिड के थ्रू जो सप्लाई आ रहा है उन दोनों में से किसी के भी थ्रू आप अपने लोड को चला सकते हैं। इसमें से किसको प्रायोरिटाइज

करेंगे [संगीत] ये डिपेंड करता है हमने जो इन्वर्टर में सेटिंग्स की है उस पे जो कि हम कभी भी कॉन्फ़िगर कर सकते हैं। [संगीत] पर जब भी बिजली जाती है तब जो भी अवेलेबल है सोलर या बैटरी या दोनों ये तीन

अल्टरनेटिव्स [संगीत] के थ्रू हम अपने सारे लोड को चला सकते हैं। ये सब क्लियर है? चलिए आगे बढ़ते हैं। अब मैं आपको बताता हूं हाइब्रिड और ऑफग्रेड सोलर सिस्टम्स के बारे में [संगीत] एक खास बात। हाइब्रिड और ऑफिड

सोलर सिस्टम्स में लगते हैं मल्टीपल कंपोनेंट्स जैसे कि इन्वर्टर, बैटरी, एमसीवी, एसपीडी, डिस्ट्रीब्यूशन [संगीत] बॉक्स एटसेट्रा। इसीलिए सोलर लेके आया है

अपना खुद का ब्रांड न्यू प्रोडक्ट जो कि एक ऑल इन वन स्यूशन है। इसको लगाने के बाद आपको [संगीत] यह सारे कंपोनेंट्स अलग से लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन सवाल

ये है क्या आप इससे अपने घर के सारे लोड्स [संगीत] को चला सकते हैं? जी हां, आप अपने घर के सारे क्रिटिकल लोड्स को चला सकते हैं। जैसे कि टीवी, लाइट्स, फैंस, [संगीत]

वाई-फाई, एसी, रेफ्रिजरेटर। यह सारे अप्लायंसेस अगर आपके [संगीत] लिए इंपॉर्टेंट है जिसका टोटल रेटिंग है एक से 1ढ़ किलोवाट तो आपका यह ऑल इन वन सॉल्यूशन बस उतने लोड [संगीत] के हिसाब से साइज

होगा। लेकिन क्या इसमें कोई लिमिट है कि आप इतना ही लोड चला सकते हैं? नहीं। यह ऑल इन वन सॉल्यूशन आपके हाइब्रिड या ऑफग्रेड रूफ फट सोलर सिस्टम का बाहुबली है। इससे

आप चाहे उतना लोड चला सकते हैं। बस इसकी साइजिंग अगर सही से की जाए तो लेकिन आपको अगर इस ऑल इन वन स्यूशन से एक से 1ढ़ किलोवाट का ही बैकअप लोड चलाना है तो फिर

आपके छत पे [संगीत] रूफ टॉप सोलर सिस्टम कितने किलोवाट का लगेगा? क्या वो भी एक से 1ढ़ किलोवाट का लगेगा? नहीं। एक चीज ध्यान से समझिएगा। सोलर सिस्टम की कैपेसिटी और

बैकअप लोड की कैपेसिटी यह दोनों अलग चीजें हैं। [संगीत] फॉर एग्जांपल अगर आपका महीने का बिजली का कंजमशन 300 से 400 यूनिट है तो आपके लिए 3 किलो का सोलर सिस्टम इनफ

है। लेकिन 3 किलो हाइब्रिड सोलर सिस्टम का मतलब होता क्या है? 3 किलो हाइब्रिड सोलर सिस्टम का मतलब है 3 किलो [संगीत] की बिजली बना पाए उतने पैनल्स और 3 किलोट की बिजली हैंडल कर सके उतना इन्वर्टर। पर आप

जानते ही हैं कि हाइब्रिड सिस्टम में बैटरी भी एक पार्ट होता है। तो बैटरी की कैपेसिटी कितनी होगी? तो अगर आपको [संगीत] 1 1/2 किलो वाट का लोड 2 घंटे तक चलाना है तो इसके लिए आपको चाहिए तीन यूनिट्स की

बैटरी। अब ये 1 1/2 किलो वाट [संगीत] लोड का क्या मतलब होता है? तो लाइट्स, फैंस, टीवी, रेफ्रिजरेटर, वाईफाई और एक टन का एक

एसी। [संगीत] इतना लोड होता है रफली 1.5 किलो। तो इतना लोड अगर आप 2 घंटे के लिए चलाना [संगीत] चाहते हैं तो आपको चाहिए मिनिमम 3 यूनिट की बैटरी 3 किलोवाट के हाइब्रिड सोलर सिस्टम के साथ। अब बात करते

हैं ऑफग्रिड सिस्टम्स के बारे में। ऑफग्रिड सिस्टम्स हाइब्रिड सिस्टम से [संगीत] काफी अलग होते हैं। ऑफग्रिड सिस्टम्स में ग्रिड का आपके सोलर सिस्टम या बैटरी या लोड से कोई लेनदेन नहीं है।

ऑफग्रिड सिस्टम में जब दिन में सोलर बिजली बनाता है तब वो आपके लोड को पावर करता है और जो भी एक्सेस बिजली होती है वो आपकी बैटरी में स्टोर [संगीत] हो जाती है। ग्रिड से आप कोई एक्सपोर्ट या इंपोर्ट

नहीं कर सकते एनर्जी का। इसका मतलब है कि आपका पूरा सिस्टम आत्मनिर्भर है। तो क्योंकि आपका पूरा सिस्टम आत्मनिर्भर है। आपको जो लोड चलाना है उसकी कैपेसिटी भी ज्यादा है और [संगीत] आपको जितने घंटे तक

वो लोड चलाना है उसका ड्यूरेशन भी ज्यादा है। सो हाइब्रिड सिस्टम के कंपैरिजन में ऑफग्रिड सिस्टम में यूजुअली बैटरी ज्यादा लगती है। इन्वर्टर यूजुअली बड़ी साइज का

यूज किया जाता है और लोड को सोच समझ के चलाना बहुत जरूरी है। तो अब हाइब्रिड [संगीत] और ऑब्वियड सिस्टम्स का डिफरेंस समझते हैं सिर्फ एक लाइन में। हाइब्रिड सिस्टम्स में जब आपका सोलर सिस्टम

सफिशिएंट बिजली नहीं बनाता [संगीत] तब ग्रिड से भी आप बिजली ले सकते हैं। और बैटरीज यूजुअली तब यूज होती है जब पावर कट हो। और ऑफ ग्रिड [संगीत] सिस्टम्स के केस

में आप ग्रिड से कुछ इंपोर्ट या एक्सपोर्ट नहीं कर सकते। इसलिए हमेशा बैटरीज ही यूज [संगीत] होगी। तो अब समझते हैं बैटरी और इन्वर्टर का साइजिंग कैसे करना है। यह

करने [संगीत] के लिए तीन चीजें याद रखें। पहला आपका बैकअप लोड क्या-क्या है? दूसरा

यह [संगीत] बैकअप लोड की टोटल कैपेसिटी वॉट्स में कितनी हो रही है? और तीसरा यह बैकअप लोड [संगीत] आपको कितने घंटे तक चलाना है? फॉर एग्जांपल अगर एक

चलाना है? फॉर एग्जांपल अगर एक रेफ्रिजरेटर, चार लाइट्स, चार फैंस, वाई-फाई [संगीत] टीवी और कुछ चार्जिंग सॉकेट्स आपको चलाने

हैं, तो इनका टोटल लोड होता है रफली 500 से [संगीत] 600 वाट। अगर 600 वाट भी पकड़े इसको अगर आपको 4 घंटे तक चलाना है तो 600

वाट [संगीत] * 4 मतलब 2400 वाट आर मतलब 2.4 किलोवाट आवर्स यानी कि 2.4 यूनिट्स रफली [संगीत] 2ाई यूनिट्स तक की बैटरी की

कैपेसिटी आपको चाहिए होगी जो कि ये 600 वाट के लोड [संगीत] को 4 घंटे तक चला सके। तो 600 वाट के बैकअप लोड के लिए आपको मिनिमम [संगीत] 600 वाट का इन्वर्टर

रिक्वायर्ड होगा। लेकिन जैसे हमने पहले जाना कि आपके सोलर कैपेसिटी की रिक्वायरमेंट [संगीत] डिसाइड होती है आपके मंथली कंसमशन पे। तो अगर 300 से 400 यूनिट का आपका बिजली का महीने का कंसमशन है

[संगीत] तो आपके लिए एक 3 किलवाट का हाइब्रिड सोलर सिस्टम 2ाई यूनिट की बैटरी के साथ इनफ है। तो फाइनल टेक अवे है हाइब्रिड सिस्टम तब चूज़ करें जब ग्रिड की

स्टेबिलिटी के बारे में आप श्योर ना हो और बिजली जाने पर कुछ क्रिटिकल [संगीत] लोड्स चलाना आपके लिए जरूरी हो। और ऑफ ग्रिड सिस्टम्स तब चूज़ करें जब ग्रिड आपके एरिया

में काफी अनरिलायबल हो और [संगीत] आप चाहते हो कि आपका सोलर सिस्टम पूरी तरह से आत्मनिर्भर रहे। तो अगर वीडियो पसंद आया हो तो लाइक और शेयर जरूर करें। चैनल को

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