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अपने Goal पर Focus रखो - जुनून से भर देगा ये वीडियो | Inspirational Video in Hindi | Sonu Sharma

By SONU SHARMA

Summary

Topics Covered

  • लेजर जैसा फोकस ही सफलता का एकमात्र सूत्र
  • निशाना बदलते रहोगे तो खाली हाथ लौटोगे
  • हर जीत के बाद अगला गोल बड़ा रखो
  • स्टैंडर्ड रोज़ ऊपर उठाओ, मग से बाल्टी
  • सफलता का श्रेय अपने गुरु और कोच को दो

Full Transcript

मुझसे अगर आप पर्सनली पूछे कि सोनू सर जिंदगी में कामयाब होने का कोई एक सूत्र जो आपके लिए सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट हो बता दीजिए तो मैं बोलूंगा फोकस अगर आप

मुझसे बोले कि 23 साल में आपने क्या ऐसा कुछ एक शब्द सीखा जिसने जिंदगी की धुरी को चेंज कर दिया मैं बोलूंगा

फोकस सारा का सारा खेल फोकस का है मेरे दोस्त आपको याद होगा बचपन में हमारे हाथ में एक मैग्नीफाइड होता था याद करो अगर

बचपन में वह खेल खेला है तो सन रेस के ऊपर उस लेंस को फोकस करते थे और उस लेंस के बीच में से सनरेज निकलती थी पतली बीम की

तरह और नीचे माचिस की तीली रख के हम उसमें आग लगाते थे किसी ने खेल खेला है ऐसा बचपन में तो जब सन की रेस को फोकस किया जाता है

उस मस्टिक के ऊपर उस मैग्नीफाइंग ग्लास के थ्रू तो 10 15 20 सेकंड के बाद उस माचिस की तीली में फन ब कर मेरे दोस्त पाप चढ़ेगा औलाद

नहीं होगी घर में तुझे ही कह रहा हूं शाहरुख खान तो सारा का सारा खेल एक ही चीज का है

कमन और वह है मैं बोलता हूं द सक्सेसफुल वरियर इज द एवरेज मैन विद लेजर लाइक फोकस सफल लोग साधारण लोग ही होते हैं बस उनका

फोकस बिल्कुल प्रॉब्लम क्या है मैं उस दिन भी शायद कहीं बता रहा था तुम घर से बाहर गए शिकार करने ठीक

जंगल और शिकार करते करते जंगल के बीच में अचानक तुमको दिखा खरगोश तुमने कहा वाह शिकार मेरी आंखों के सामने है धनुष बाण

चढ़ाया और लगाया फोकस निशाना सीधा खरगोश प और तीर छोड़ने वाले थे अचानक दिखा हिरण तुमने कहा खरगोश से बड़ा होता है

हिरण अब लगाया निशाना हिरण पर और जैसे ही हिरण के पास आकर तीर छोड़ने वाले थे दिखा बारा

सिंगा तुमहे लगाओ बारा सिंगा का मास ज्यादा बढ़िया होता है छोड़ हिरन सिंगा के पीछे भाग सुनील सिंगा नहीं बारा

सिंगा तुम सोच रहे हो सुनील सिंघ तुम्हारा फोकस चेंज हुआ खरगोश से रण हिरण से बारा सिंगे अब तुम देख देख देख देख

सिंगा के पीछे भागे थोड़ी देर में बारा सिंगा भी ना माया मिली ना राम थक हार के शाम को

घर आ गए और बोलते क्या है साला किस्मत ही झंडू है साला हमारी किस्मत ही झंडू

है बेटा तेरी किस्मत ही झंडू नहीं है तू महा यहां तक आ गया मेरे एक शब्द साला रिकॉर्डिंग हो रही है नहीं तो बोल देता था मैं

आज अबे तेरी खोपड़ी एक जगह टिकती नहीं मेरे दोस्त प्रॉब्लम अब नहीं है अब घर चले गए ना और खुदान खस्ता फेल हो गए तो

मां बाप को एक ही बात बोल द मां बाप सोचेंगे चलो निकम्मा लड़का था नहीं साला हुआ कुछ इससे कल को बच्चे होंगे बच्चे को क्या बोलोगे

बच्चों को कहानिया सुनाओ ग किस्मत खराब थी मैं बड़ी मेहनत करता था यह वो फलाना डिमना एक बच्चा पलट के एक दिन बोल देगा एक ही चीज ढंग से करता ना तो ढंग से हो

जाती बच्चा बोल देगा एक चीज ढंग से करता तो ढंग से हो जाती तेरी साले बिन पहदे के लोटे बाप तू

खरगोश से हिरन हिरण से बारा सिंगा बारा सिंघा से हाथी हाथी से जिराफ घूम रहा है जीवन भर तो तीर कहां मारेगा [संगीत]

[प्रशंसा] फोकस लेजर लाइका एक चीज पर फोकस करना फोकस किसको बोलते हैं मैं आपको बताता हूं और

फोकस होता तब है जब फोकस के पीछे कोई चीज आपको लालच पैदा करती है या फोकस के पीछे कोई गोल आपका होता है प्रॉब्लम यह नहीं है कि आप गोल अचीव नहीं कर पा रहे सुनना मेरी

बात ध्यान से प्रॉब्लम यह है ही नहीं कि आप गोल अचीव नहीं कर पा रहे आपकी प्रॉब्लम यह है साला तुम्हारे पर गोल ही नहीं है

तुमसे अगर आज मैं एक बात पूछ लू ना कि तुम्हारी जिंदगी का कोई एक लक्ष्य बता दो कि यह करना है तो 99 पर लोग वो एक लक्ष्य

ही नहीं बता पाएंगे एक लक्ष्य ओवरऑल आएगा पैसा कमाना है तेरे पिताजी को भी नहीं आ सकता ऐसे आदमी का नाम मिल्खा सिंह लेसन देता

हूं चार पांच नंबर वन मूवी देखिए है भाग मिलखा भाग देखिए मूवी भाग मिलखा भाग है ना इसको बोला जाता

है तू रेस जीत तू रेस जीत फोकस कर रेस जीतने प क्यों क्योंकि रेस जीतने के बाद दूध का गिलास मिलेगा तो मिल्खा सिंह रेस दौड़ रहा है

दबा के दौड़ रहा है क्योंकि रेस के पीछे एक गोल सेट किया है और वो गोल है और रेस जीत जाता है दूध का गिलास मिल रहा है मेरे

दोस्त दूसरा गोल सेट करता है कि एक दिन यह रेस जीत जाऊंगा इंडिया का जैकेट पहनने को भारत का जैकेट एक दिन पहनू गोल है कि

नहीं और यह गोल के चक्कर में लोग पीट रहे हैं कोच चाटा मार रहा है गिर रहा है खून निकल रहा है लेकिन दौड़ रहा है क्योंकि एक दिन इंडिया

का पहला दूध ने भगाया फिर इंडिया के जैकेट ने भगाया तीसरा कोच लिखता है इंडियन एयरलाइंस के प्लेन में 45.9 कि इस टाइम में तूने रेस

पूरी करनी है बे अब इसको तीसरा गोल मिलता है कि कैसे भी करके इस रेस को 45.9 में पूरा करूंगा उसके लिए हार्डवर्क करता है एफर्ट करता है मूवी देखिए मजा आएगा आपको

और तीसरा गोल भी अचीव करता है फोकस एक ही चीज प है चौथा नेशनल हॉलीडे ऑन माय नेम अपनी गर्लफ्रेंड को बोलता है एक दिन मेरे नाम पर राष्ट्रीय छुट्टी होगी इसलिए मेहनत

कर रहा हूं फोकस देख रहे हो गोल दिख रहे हो आपकी जिंदगी में क्या गोल है यार कोई गोल बना मिल्खा सिंह जैसा कि क्या

कहता है अपनी गर्लफ्रेंड को पचर देखो आप एक दिन मेरे नाम पर नेशनल गोल है ना और उस गोल को पूरा करने

के लिए यह रास्ता है आज यहां से निकलने के बाद साला एक गोल बना लेना जिंदगी का बस मिल्खा सिंह की तरह एक गो कोई भी

गोल आपकी चॉइस है एक गोल बना लेना कि जीवन में अगले एक साल के अंदर अगले छ महीने के अंदर अगले 2 साल 5 साल में किसी भी हालत में

ये दूसरी लेसन देखना डिस्ट्रक्शन जब आप गोल बनाते हैं ना और फोकस क्लियर होता है तो डिस्ट्रक्शन स्टार्ट होती है भगवान

भेजेगा ही भेजेगा सुरसा हनुमान जी के आगे आएगी ही डिस्ट्रक्शन अब वो गया लंडन खेलने और वहां मिल गई गोरी गोरी

मैम और गाने गा रहा है शाम को उनके साथ कौन सा हुल हुल हुल हुल हुल हुल तो हुल हुल हुल हुल गाया और सुबरे मैच में

बेड़ा हो गई डिस्ट्रक्शन हो गया गोल सेट नहीं फिर क्या करता है शीशे के आगे खड़ा हो जाता है और खुद को चाटा मारता है खुद

को थप्पड़ मार रहा है कि डिस्ट्रक्शन लाने का तुम में से बहुत सारे लोगों को शीशे के आगे खड़े होकर चाटा मारने की जरूरत है खुद मार रहा है चाटा अपने मुह के ऊपर

कि तू क्या बड़ा गोल लेकर आया था साला और तू कहां इन अंग्रेजी मेमो के चक्कर में पड़ा है और फिर जब चांटा मारता है गोल क्लियर होता है फोकस क्लियर होता है तो

अगली बार आप देखो मूवी देख रहा था मैं पानी के अंदर फिर एक और आती है होली से कहता है मैडम आपकी प्रॉब्लम नहीं है मेरी

है मेरा फोकस चेंज हो चुका है गोल क्लियर है आप हट जाओ और चुपचाप से निकल जाता है कोई डिस्ट्रक्शन नहीं जिंदगी के अर

तो एक गोल बनाना तीसरी चीज डिस्क गोल अचीव करने के प्रोसेस के अंदर लोग डिस्क भी

करेंगे करेंगे कि नहीं वो पाकिस्तानी कोच की बात याद है मिल्खा सिंह यह रेस तुम्हारी जिंदगी की

आखिरी रेस साबित ये क्या हो रहा है ये इनकरेजमेंट हो रही है या डिस्क जमेंट हो रही है इनकरेजमेंट नहीं हो रही डिस्क आज किया जा रहा है और सबसे इंपॉर्टेंट मूमेंट है रेस अबाउट टू स्टार्ट है और कोई इसको

डिस्क कर रहा है कि मिलका सिंह ये रेस तुम्हारी जिंदगी की आखिरी रेस साबित होती है यूं पलट है दौडा भी ऐसे ही दौडा भी ऐसे ही साला यहां क्या

प्रॉब्लम है तुमको कोई बोलता है ये तुम्हारी आखिरी है तुम बोलते हो हमें भी यही लग रहा है हमें तो कब से लग रहा है बहुत दिनों में आए

भैया तुम्हारा साथ पा के हम धन्य हुए लेकिन नहीं कोई डिस्क करता है तो चमाटर रहा है वह आदमी जिसका गोल और फोकस बिल्कुल

लेडीज एंड जेंटलमैन रेज योर स्टैंडर्ड गोल पूरा करने के प्रोसेस के अंदर आपको सबसे इंपॉर्टेंट चीज करनी पड़ेगी कि अपना

स्टैंडर्ड को उठाना ही पड़े कोई और रास्ता आज अगर आप 10 है तो कल आपको 11 होना पड़ेगा आज अगर आप 15 है तो कल आपको 20

होना पड़ेगा कैसे स्टैंडर्ड रेस कर रहा है भाग रहा है दौड़ रहा है बनियान उतार रहा है पहले मग में निचोड़ रहा है और फिर भाग रहा है दौड़ रहा है बनियान उतार रहा है अब

बाल्टी में निचोड़ रहा है पसीना कि पहले मग भरता था पसीने से अब साला बाल्टी भर के दिखाऊंगा ऐसा बन के दिखाऊंगा क्योंकि मुझे अपना गोल अचीव करना है फोकस मेरा बड़ा

क्लियर है स्टैंडर्ड बढ़ाया जा रहा है अगर आप जिंदगी में कुछ करना चाहते हो तो स्टैंडर्ड तो बढ़ाना मैं 2005 में जैसा बोलता था अगर आज भी वैसा ही बोलता रहा हूं तो कौन सुनेगा

रे अपने मैं अपने लिए चैलेंज फेस करता हूं कि मेरा हर प्रोग्राम पहले वाले से बेटर हो रहा है या नहीं हो रहा मैं कुछ अच्छे तरीके से लोगों को समझा पा रहा हूं या

नहीं समझा पा रहा स्टैंडर्ड तो बढ़ाना लास्ट वैल्यू योर कोच सबसे इंपॉर्टेंट चीज है मेरे दोस्त आखिरी में

जब जीत जाता है ना तो अपना मेडल उतार के अपने कोच के गले में डाल देता है यहां से पहुंचा हूं पाजी आपकी वजह से और उसका माथा चूम लेता हू

उसका पैर छू लेता है मौका मिले जिंदगी में भाग मिलखा भाग ओम प्रकाश मेहरा की जरूर देखना एक फिल्म साला

100 ट्रेनिंग के बराबर हो सकती है कि आदमी की अगर लगन अच्छी हो 80 में से 77 रेस जीता है य

आदमी 77 रेस आउट ऑफ 80 और उसका पूरा श्रेय जानते हैं किसको देता है कह रहा है मैं इसका पूरा श्रेय दो लोगों को देता हूं एक

कोच और एक आर्मी को जिसने मुझे बंदा बना दिया मेरा कोच और आर्मी जिसने मुझे लेडीज एंड जेंटलमैन

फोकस आपकी प्रॉब्लम यह नहीं है कि आप गोल अचीव नहीं कर पा रहे आपकी प्रॉब्लम यह है कि आज तक आप कोई गोल मुझसे अगर आप पूछे तो मैं आपको बता सकता हूं कि अगले एक साल में मुझे क्या

करना है अगले दो साल पा साल में मैं पर्सनल फाइनेंशियल पर्सनालिटी वाइज ट्रेनर वाइज अपने लिए क्या गोल सेट कर रहा हूं मैं क्या बनना चाहता हूं मैं क्या होना

चाहता हूं मैं क्या करना चाहता हूं मेरे सामने है और मुझे यह भी पता है कि वहां तक चलने के प्रोसेस में बहुत सारे चैलेंज आे य मुझे क्लियर है लेकिन अगर गोल

ही क्लियर ना हो तो आदमी पहुंचेगा क्या कहीं आज आपसे रिक्वेस्ट है विनती है यहां से जाने के बाद लाइफ का कोई एक गोल बनाना

गोल भगाए देखो आपको गोल आपको पुश करेगा कि चल यार कहां से लोग कहां पहुंच गए

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