Is Hospital Se Aaj Tak Koi Zinda Bahar Nahi Aaya | Fractured (2019) Movie Explained In Hindi/Urdu
By The Cinema story
Summary
Topics Covered
- दर्दनाक सच्चाई से बचने को दिमाग यादें बदल देता है
- असली शव शुरू से कार की डिक्की में थे
- गुस्से के एक पत्थर से दोबारा गंवाया पूरा परिवार
Full Transcript
रे नाम का यह आदमी अपनी पत्नी और बेटी को मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल लेकर आता है। दोनों टेस्ट कराने के लिए अंदर चली जाती हैं। जबकि रे बाहर बैठकर उनका इंतजार करने लगता है। लेकिन काफी देर तक इंतजार
करते-करते उसकी आंख लग जाती है। कुछ समय बाद जब उसकी आंख खुलती है तो वह तुरंत नर्स के पास जाकर अपनी पत्नी और बेटी के बारे में पूछता है। लेकिन नर्स जो जवाब
देती है, उसे सुनकर रे के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। नर्स का कहना था कि उसकी पत्नी और बेटी अस्पताल आई ही नहीं थी। ना उनका कोई रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड मौजूद था और
ना ही किसी नर्स ने उनको आते देखा था। लेकिन असली झटका तब लगता है जब रे अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज चेक करता है। फुटेज में रे अस्पताल के अंदर घूमता हुआ साफ दिखाई
देता है। लेकिन हर कैमरे में वह अकेला नजर आ रहा था। अब रे को यकीन हो जाता है कि अस्पताल में कुछ ना कुछ गड़बड़ जरूर है। अपनी पत्नी और बेटी को ढूंढने के लिए वह खुद अस्पताल में सुराग तलाशना शुरू कर
देता है। लेकिन जैसे-जैसे वह सच्चाई के करीब पहुंचता है, उसे ऐसे सबूत मिलने लगते हैं जिनसे उसे शक होने लगता है कि अस्पताल का स्टाफ उसे झूठ बोल रहा है। लेकिन तभी
कहानी एक ऐसा मोड़ लेती है जो रे की पूरी दुनिया को उलट देता है। क्योंकि कुछ ऐसे सबूत उसके सामने आते हैं जिन्हें देखकर सवाल उठने लगता है कि कहीं उसकी पत्नी और
बेटी के गायब होने के पीछे खुद रे का ही हाथ तो नहीं था। कहानी की शुरुआत रे नाम के एक आदमी से होती है जो थैंक्स गिविंग की छुट्टियां बिताने के बाद अपनी पत्नी
जवान और छोटी बेटी पेरी के साथ घर लौट रहा होता है। परिवार एक ही कार में बैठा है। लेकिन माहौल बिल्कुल खुशहाल नहीं है। रे और जुवान के बीच लगातार बहस चल रही होती
है। जवान को लगता है कि रे अब पहले जैसा शांत और जिम्मेदार इंसान नहीं रहा। तभी पेरी अपने म्यूजिक प्लेयर के बंद होने की वजह से उनका ध्यान अपनी तरफ खींच लेती है। माहौल को थोड़ा बेहतर करने के लिए रे अपनी
बेटी के साथ गाना गाने लगता है। तीनों मिलकर पेरी का पसंदीदा गाना गाते हुए सड़क पर आगे बढ़ते हैं। कुछ देर बाद पेरी को बाथरूम जाना होता है। इसलिए रे सड़क किनारे बने एक रेस्ट एरिया में कार रोक
देता है। जवान अपनी बेटी को लेकर बाथरूम चली जाती है। जबकि रे पास की दुकान में कॉफी, सोडा और पेरी के म्यूजिक प्लेयर के लिए बैटरी लेने पहुंचता है। लेकिन दुकान पर पहुंचकर रे बैटरी और बाकी सामान के साथ
शराब की दो छोटी बोतलें भी उठा लेता है। कैशियर बताता है कि यहां कार्ड से पेमेंट नहीं हो सकती। रे के पास पूरे पैसे नहीं होते इसलिए वह अपनी बेटी की बैटरीियां वापस रख देता है और शराब खरीद लेता है।
कार में लौटने पर जवान उससे बैटरियों के बारे में पूछती है। रे झूठ बोल देता है कि दुकान में बैटरियां थी ही नहीं। इसी दौरान पेरी को याद आता है कि उसका छोटा सा कॉम्पैक्ट मिरर गायब है। जवान उसे ढूंढने
के लिए दोबारा बाथरूम की तरफ चली जाती है। रेप पेरी को कार से बाहर निकालकर वहीं खड़ा रहने को कहता है और खुद सीट में पेरी का मिरर ढूंढने लगता है। लेकिन कुछ ही सेकंड बाद पेरी की नजर थोड़ी दूर पड़े एक
गुब्बारे पर जाती है। वह बिना किसी को बताए धीरे-धीरे उसकी तरफ चल पड़ती है। तभी एक आवारा कुत्ता बाहर आता है और धीरे-धीरे पेरी की तरफ बढ़ने लगता है। कुत्ता उस पर हमला नहीं करता लेकिन पेरी डर कर पीछे
हटने लगती है। उसे पता ही नहीं चलता कि उसके ठीक पीछे एक गहरा गड्ढा है। तभी रे तुरंत पीछे मुड़ता है और पेरी को बिल्कुल भी हिलने से मना करते हुए धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ता है। रे कुत्ते का ध्यान अपनी
तरफ खींचने की कोशिश करता है। लेकिन कुत्ता लगातार पेरी की तरफ बढ़ रहा होता है। आखिरकार रे जमीन से एक पत्थर उठाकर कुत्ते की तरफ फेंक देता है। कुत्ता तो वहां से भाग जाता है लेकिन पत्थर की वजह
से पेरी भी डर जाती है। उसका पैर फिसलता है और वह सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरती है। अपनी बेटी को बचाने के लिए रे बिना सोचे उसके पीछे खाई में कूद जाता है। नीचे
गिरते ही उसका सिर जमीन से जोर से टकराता है और वह बेहोश हो जाता है। अचानक रे की आंखें खुलती हैं। उसके माथे से खून बह रहा होता है और वह गड्ढे के अंदर पड़ा होता है। पास ही जवान अपनी बेटी के पास बैठी
होती है और उसे होश में लाने की कोशिश कर रही होती है और कुछ ही देर बाद पेरी की आंखें खुल जाती हैं। रे उसका हाथ देखकर समझ जाता है कि शायद उसकी हड्डी टूट गई है। रेप बिना समय गमवाए परिवार को सबसे
नजदीकी हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने लगता है। आखिरकार वे एक अस्पताल पहुंचते हैं जिसका नाम किर्क ब्राइड हॉस्पिटल होता है। हॉस्पिटल की लॉबी काफी भीड़ से भरी हुई होती है। रे
अपनी घायल बेटी को लेकर तुरंत रिसेप्शन पर पहुंचता है और नर्स से उसकी जांच जल्दी करने के लिए कहता है। लेकिन नर्स उसकी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देती। जवान की बेचैनी बढ़ती जाती है और वह रे से कुछ करने के
लिए कहती है। रे अपनी बेटी की हालत देखकर आखिरकार खुद ही अस्पताल के अंदर डॉक्टर को ढूंढने निकल पड़ता है। जब रे वापस रिसेप्शन पर पहुंचता है और पेरी का रजिस्ट्रेशन कराने की जिद करता है। कुछ
देर इंतजार करते हुए उसकी नजर अस्पताल की खिड़की के बाहर जाती है। जहां उसे एक अजीब नजारा दिखाई देता है। एक अस्पताल कर्मचारी हाथ में एक चांदी का कंटेनर लेकर एंबुलेंस
के पास खड़े एक आदमी के पास जाता है। वह कंटेनर उसे सौंप देता है और बदले में दूसरा आदमी उसे एक मोटा सा लिफाफा देता है। दूसरी तरफ पेरी के रजिस्ट्रेशन की बारी आती है। कर्मचारी उससे परिवार की
मेडिकल हिस्ट्री, इंश्योरेंस और किसी तरह की एलर्जी के बारे में पूछती है। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन अचानक उसके सवाल बेहद अजीब हो जाते हैं। वह पूछती है कि क्या रे और जवान अपनी बेटी का
नाम ऑर्गन डोनर लिस्ट में डालना चाहेंगे?
दोनों तुरंत मना कर देते हैं, लेकिन कर्मचारी फिर भी उन्हें मनाने की कोशिश करती रहती है। कुछ देर बाद एक उम्रदराज डॉक्टर पेरी की जांच करने आता है। वह उसके टूटे हुए हाथ को देखता है और पुष्टि करता
है कि उसकी हड्डी टूट गई है। लेकिन जांच के दौरान डॉक्टर अचानक उसकी आंखों को गौर से देखने लगता है। वह पेरी की आंखों की तारीफ करता है। सुनने में यह एक सामान्य और मासूम बात लगती है। लेकिन डॉक्टर का इस
तरह उसकी आंखों को ध्यान से देखना रे और जवान को अंदर से परेशान कर देता है क्योंकि पेरी ऊंचाई से गिरी थी। डॉक्टर को शक होता है कि उसके सिर में भी चोट लगी हो सकती है। इसलिए वह उसका स्कैन कराने की
सलाह देता है। कुछ देर बाद एक पुरुष कर्मचारी व्हीलचेयर लेकर आता है और पेरी को उसमें बैठा देता है। वह उसे एक छोटा सा खिलौना भी देता है। अस्पताल के नियम के मुताबिक स्कैन के दौरान सिर्फ एक
माता-पिता उसके साथ जा सकते हैं। रे के माथे पर भी चोट लगी होती है। इसलिए जवान अपनी बेटी के साथ जाने का फैसला करती है। रे अपनी पत्नी और बेटी को व्हीलचेयर में बैठकर लिफ्ट की तरफ जाते हुए देखता रहता
है। लेकिन तभी रे की नजर लिफ्ट के फ्लोर इंडिकेटर पर पड़ती है। उसे उम्मीद होती है कि लिफ्ट ऊपर जाएगी। लेकिन इंडिकेटर ऊपर जाने के बजाय नीचे जाने लगता है और फिर लिफ्ट बी2 फ्लोर पर जाकर रुकती है। रे को
यह थोड़ा अजीब जरूर लगता है लेकिन उस समय वह इस बात को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता। वह वापस वेटिंग एरिया में आकर बैठ जाता है। सिर में लगी चोट और लगातार हो रही थकान की वजह से उसकी आंखें बंद होने
लगती हैं। कुछ ही देर में उसे नींद आ जाती है। जब रे की आंख खुलती है तब शाम होने वाली होती है। वह घबराकर अपनी घड़ी देखता है और उसके होश उड़ जाते हैं। उसे सोए हुए लगभग 4 घंटे हो चुके होते हैं। लेकिन एक
साधारण स्कैन में इतना समय कैसे लग सकता है? रे तुरंत रिसेप्शन पर दौड़ता है और
है? रे तुरंत रिसेप्शन पर दौड़ता है और अपनी पत्नी और बेटी के बारे में पूछता है। लेकिन सुबह की शिफ्ट खत्म हो चुकी होती है और वहां मौजूद नई नर्स को इस बारे में कुछ भी पता नहीं होता। रे उसे पेरी का नाम
बताता है। नर्स कंप्यूटर में उसका नाम डालती है। लेकिन स्क्रीन पर पेरी नाम की कोई मरीज मौजूद ही नहीं होती। रे को लगता है कि शायद रजिस्ट्रेशन करते समय नाम गलत दर्ज हो गया होगा। इसलिए वह नर्स से सुबह
के पेपर रजिस्ट्रेशन फॉर्म चेक करने के लिए कहता है, लेकिन तब तक सुबह के सारे कागजात हटा दिए गए होते हैं। अब रे के पास सिर्फ एक रास्ता बचता है। वह नर्स से स्कैनिंग विभाग में फोन करने के लिए कहता
है। कुछ देर बाद फोन पर जो जवाब मिलता है, उसे सुनकर रे के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। स्कैनिंग विभाग के मुताबिक उस दिन आखिरी स्कैन सुबह 9:00 बजे हुआ था। वह भी करीब 60 साल की एक महिला का। उसके बाद
स्कैन मशीन का इस्तेमाल ही नहीं हुआ था। मतलब अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक पेरी का कोई स्कैन हुआ ही नहीं था। रे यह मानने को तैयार नहीं होता। उसने अपनी आंखों से
अपनी पत्नी और बेटी को लिफ्ट में जाते हुए देखा था। रे गुस्से में इलाज वाले हिस्से में घुस जाता है और उस बेड को ढूंढ लेता है। जहां कुछ घंटे पहले पेरी की जांच हुई थी। लेकिन जैसे ही वह पर्दा हटाता है,
उसके होश उड़ जाते हैं। बेड पर पेरी नहीं होती। वहां बिल्कुल अनजान मरीज होते हैं। कुछ ही देर में डॉक्टर और अस्पताल की सिक्योरिटी वहां पहुंच जाती है। रे उन्हें पूरी कहानी समझाने की कोशिश करता है। तभी
उसकी नजर उसी नर्स पर पड़ती है जिसने सुबह पेरी का रजिस्ट्रेशन किया था। रे उसे सच बताने के लिए कहता है। लेकिन नर्स जो कहानी बताती है, वह रे के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होती। नर्स मानती है कि
उसने रे को जरूर देखा था। लेकिन उसके मुताबिक रे अस्पताल में अकेला आया था। उसके माथे पर चोट लगी थी और वह काफी परेशान और उलझा हुआ दिखाई दे रहा था। नर्स
के मुताबिक उसके साथ कोई पत्नी या बेटी थी ही नहीं। रे पूरी तरह अपना आपा खो देता है। उसे यकीन हो जाता है कि अस्पताल के कर्मचारी उसकी पत्नी और बेटी को छिपाकर
उससे झूठ बोल रहे हैं। वह नर्स की तरफ बढ़ता है और बार-बार अपनी फैमिली के बारे में पूछता है। लेकिन बाहर से देखने वाले हर इंसान को अब रे एक ऐसे मरीज की तरह
दिखाई देता है जिसके सिर पर चोट लगी है और जो धीरे-धीरे अपना मानसिक संतुलन खो रहा है। सिक्योरिटी गार्ड उसे पकड़ लेते हैं और उसे शांत करने के लिए एक इंजेक्शन लगा
देते हैं। दवा का असर तुरंत शुरू हो जाता है। रे की आंखें भारी होने लगती हैं और उसका दिमाग धीरे-धीरे सुन्न पड़ने लगता है। लेकिन रे जानता है कि अगर वह बेहोश हो
गया तो शायद उसकी पत्नी और बेटी हमेशा के लिए गायब हो जाएंगी। तभी उसकी नजर एक मेडिकल कैबिनेट पर पड़ती है। अंदर उसे कुछ एड्रिनालिन की सिरिंज दिखाई देती है। रे
बिना सोचे उनमें से कुछ उठाता है और अपनी पैर में लगा लेता है। एड्रिनालिन का तेज असर कुछ समय के लिए नींद की दवा के प्रभाव को दबा देता है। रे तुरंत एक तौलिया अपने
हाथ पर लपेटता है और दरवाजे के शीशे पर जोरदार वार कर देता है। रे बाहर निकलता है और अस्पताल के गलियारे में भागने लगता है। सिक्योरिटी गार्ड तुरंत उसके पीछे दौड़
पड़ते हैं। भागते-भागते रे पार्किंग गैराज तक पहुंचता है और वहां खड़ी एक पुलिस कार को रोक लेता है। वह तुरंत अपनी जेब से परिवार की एक फोटो निकालता है और पुलिस वालों को दिखाता है। फोटो में रे, जवान और
पेरी तीनों साथ होते हैं। रे पुलिस वालों को पूरी कहानी बताता है कि किस तरह उसका परिवार अस्पताल आया था। पुलिस वालों को समझ नहीं आता कि रे सच बोल रहा है या फिर उसके साथ कुछ मानसिक समस्या हो रही है।
फिर भी वे उसकी बात को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं करते और उसके साथ वापस अस्पताल जाकर जांच करने का फैसला करते हैं। पुलिस के पहुंचते ही अस्पताल के कर्मचारियों पर दबाव बढ़ जाता है। वे दोबारा रिकॉर्ड चेक
करते हैं। लेकिन नतीजा फिर वही आता है। कंप्यूटर में पेरी नाम की कोई मरीज मौजूद नहीं होती और उस डॉक्टर का भी यही कहना होता है कि रे अस्पताल में अकेला आया था। लेकिन रे अपनी बात पर अड़ा रहता है। वह
कहता है कि उसने अपनी पत्नी और बेटी को खुद लिफ्ट में जाते हुए देखा था और लिफ्ट सीधे बी टू फ्लोर पर गई थी। पुलिस वाले इस बात की जांच करने के लिए रे को अस्पताल की स्कैनिंग मशीन के पास ले जाते हैं। लेकिन
यहां एक और बड़ी गड़बड़ी सामने आती है। स्कैनिंग मशीन तीसरी मंजिल पर लगी हुई होती है। अगर पेरी का स्कैन होना था तो रे की पत्नी और बेटी को बी टू फ्लोर पर जाने की जरूरत ही नहीं थी। अब सवाल और भी बड़ा
हो जाता है। अगर पेरी स्कैन के लिए तीसरी मंजिल पर गई ही नहीं थी तो रे ने अपनी पत्नी और बेटी को बी टू फ्लोर की तरफ जाते हुए क्यों देखा? रे को लगता है कि यही बात साबित करती है कि अस्पताल जानबूझकर उससे
झूठ बोल रहा है। उसे यकीन हो जाता है कि अस्पताल ने पहले से ही उसके परिवार को नीचे ले जाने की योजना बनाई थी। रे की जिद पर अस्पताल उसी डॉक्टर को दोबारा बुलाता
है जिसने सुबह पेरी की जांच की रे डॉक्टर के सामने खड़ा होकर उससे अपनी बेटी के टूटे हुए हाथ का इलाज करने की बात कबूल करवाना चाहता है। लेकिन डॉक्टर के मुताबिक रे अकेला अस्पताल आया था और उसने बताया था
कि उसका कार एक्सीडेंट हुआ है। डॉक्टर ने उसे सिर का स्कैन कराने की सलाह दी थी। लेकिन रे ने मना कर दिया। इसके बाद रे ने लॉबी में वापस जाने की जिद की क्योंकि उसे वहां एबी नाम की एक महिला का इंतजार करना
था। एबी का नाम सुनते ही रे के चेहरे के रंग बदल जाते हैं क्योंकि एबी उसकी पहली पत्नी थी। और सबसे डरावनी बात यह थी कि एबी की मौत 8 साल पहले एक कार एक्सीडेंट
में हो चुकी थी। अब रे को अपने पुराने हादसे की एक और बात याद आती है। उसकी इंश्योरेंस की जानकारी कई सालों से अपडेट नहीं हुई थी। इसलिए रिकॉर्ड में आज भी उसकी पहली पत्नी एबी का नाम मौजूद था। रे
तुरंत समझ जाता है कि अस्पताल ने उसकी फाइल में यह जानकारी देख ली होगी और अब जानबूझकर उसकी मृत पत्नी का नाम इस्तेमाल करके उसे मानसिक रूप से बीमार साबित करने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद अस्पताल के
कैमरों की फुटेज चेक की जाती है। लेकिन यहां भी एक अजीब समस्या सामने आती है। अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम काफी पुराना होता है। कैमरे लगातार रिकॉर्ड नहीं करते। हर 1 मिनट में सिर्फ करीब 30 सेकंड की
फुटेज सेव होती है। मतलब हर मिनट में 30 सेकंड का हिस्सा गायब होता रहता है। फुटेज में साफ दिखाई देता है। लेकिन जवान और पेरी कहीं दिखाई नहीं देती। अस्पताल में दर्जनों कैमरे लगे होने के बावजूद एक भी
कैमरे में जवान या पेरी का चेहरा साफ दिखाई नहीं देता। अब पुलिस वालों को भी रे की कहानी पर शक होने लगता है। तभी रे को रेस्ट स्टॉप की कैशियर याद आती है। वही महिला जिसने उसे उस दिन सामान खरीदते हुए
देखा था। अगर वह उसे ढूंढ लेते हैं तो शायद वह साबित कर सकती है कि रे उस जगह पर अकेला नहीं था और उसने अपनी पत्नी और बेटी के साथ ही रेस्ट स्टॉप छोड़ा था। सब लोग अस्पताल से निकलने की तैयारी करते हैं।
लेकिन तभी रे की नजर जांच वाले बेड के नीचे पड़ी एक चीज पर जाती है। वह एक पीला स्कार्फ होता है। यह वही स्कार्फ होता है जो पेरी ने रेस्ट स्टॉप से निकलते समय पहना हुआ था। स्कार्फ पर खून भी लगा होता
है। रे के लिए यह उसकी बेटी के अस्पताल में होने का सबसे बड़ा सबूत बन जाता है। लेकिन पुलिस वालों का कहना होता है कि सिर्फ एक स्कार्फ यह साबित नहीं कर सकता कि वह पेरी का ही था और उससे भी बड़ी
समस्या यह थी कि रे के सिर पर भी चोट लगी थी। इसलिए खून उसके अपने सिर से भी आया हो सकता था। अब रे के पास मौजूद हर सबूत दो अलग-अलग कहानियां बता रहा था। एक तरफ यह
सब चीजें साबित कर सकती थी कि अस्पताल झूठ बोल रहा है। लेकिन दूसरी तरफ यही चीजें इस बात का सबूत भी बन सकती थी कि रे अपने ही सामान को अपनी पत्नी और बेटी के पीछे छूटे
हुए सबूत समझ रहा है। सच्चाई जानने के लिए अस्पताल एक साइकेट्रिस्ट को बुलाता है। लेकिन वह रे को तुरंत पागल घोषित नहीं करती। वह शांत होकर उसकी पूरी बात सुनती है। रे शुरुआत से लेकर अस्पताल तक हुई हर
घटना उसे बताता है। फिर डॉक्टर उससे उसकी पहली पत्नी एबी के बारे में पूछती है। 8 साल पहले रे शराब पीकर गाड़ी चला रहा था। उस दौरान उसका एक भयानक एक्सीडेंट हुआ था। उस हादसे में उसकी पहली पत्नी और उनका
अजन्मा बच्चा दोनों मारे गए थे। रे खुद बच गया था। लेकिन उस हादसे की याद आज तक उसके अंदर जिंदा थी। रे बताता है कि उसने कई साल पहले शराब पूरी तरह छोड़ दी थी। लेकिन
आज रेस्ट स्टॉप पर उसने अपनी बेटी की बैटरियां खरीदने के बजाय शराब की बोतलें खरीद ली थी। अब साइकेट्रिस्ट एक दूसरी संभावना उसके सामने रखती है। शायद जुवान और पेरी कभी अस्पताल पहुंची ही नहीं थी।
शायद वे अभी भी उसी रेस्ट स्टॉप पर थी। पुलिस और बाकी लोग उसी रात दोबारा रेस्ट स्टॉप पर पहुंचते हैं। एक पुलिस डॉग को इलाके में खोज के लिए लगाया जाता है। कुछ ही देर बाद कुत्ता निर्माण वाली खाई के
पास पेरी का खोया हुआ कॉम्पैक्ट मिरर ढूंढ निकालता है। इससे कम से कम इतना तो साबित हो जाता है कि पेरी उस जगह पर जरूर थी। लेकिन तभी एक पुलिस वाले को बर्फ के नीचे सूखा हुआ खून दिखाई देता है। जमीन पर खून
की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। रे कहता है कि शायद यह खून उसके सिर की चोट से निकला होगा। लेकिन वहां मौजूद सभी लोग देख सकते थे कि रे के माथे की चोट इतनी गंभीर नहीं थी कि इतनी बड़ी मात्रा में खून जमीन
पर फैल जाए। अब मामला सिर्फ एक हादसे की जांच तक सीमित नहीं रहता। जिस जगह को कुछ घंटे पहले एक साधारण एक्सीडेंट की जगह समझा जा रहा था, वही जगह अब एक मर्डर सीन
बन चुकी थी। इसके बाद साइकेट्रिस्ट अब रे से कहती है कि वह उस पल को बिल्कुल शुरुआत से याद करने की कोशिश करें जब बेरी खाई में गिरी थी। रे को धीरे-धीरे सब कुछ याद
आने लगता है। उस समय वह बेहद गुस्से में था। वह जवान से नाराज था और अपनी जिंदगी से परेशान था। फिर उसने जमीन से एक पत्थर उठाया और उसे फेंक दिया। रे का कहना था कि उसका निशाना कुत्ता था। लेकिन
साइकेट्रिस्ट उसके सामने एक डरावनी संभावना रखती है। शायद रे की याददाश्त ने असली निशाने को बदल दिया हो। शायद पत्थर कुत्ते की तरफ नहीं बल्कि पेरी की तरफ गया था। हो सकता है कि पेरी की मौत उसी रेस्ट
स्टॉप पर हो गई हो और उसके बाद जवान ने रे का सामना किया हो। हालात बिगड़े हो और गुस्से में रे ने उसे भी नुकसान पहुंचा दिया हो। साइकेट्रिस्ट समझाती है कि इंसानी दिमाग कभी-कभी किसी बेहद दर्दनाक
सच्चाई को स्वीकार करने के बजाय अपनी ही एक अलग कहानी बना लेता है। यह जरूरी नहीं कि इंसान जानबूझकर झूठ बोल रहा हो। कभी-कभी दिमाग खुद को उस सच्चाई से बचाने के लिए यादों को बदल देता है जिसे इंसान
सह नहीं सकता। साइकेट्रिस्ट बार-बार उससे एक ही सवाल पूछती है। जॉन और पेरी आखिर हैं कहां? इस बार रे के चेहरे पर पहली बार
हैं कहां? इस बार रे के चेहरे पर पहली बार शक दिखाई देने लगता है। अस्पताल में उनका कोई रिकॉर्ड नहीं था। सभी कैमों में रे अकेला दिखाई दे रहा था। डॉक्टर का कहना था कि वह अकेला आया था और रेस्ट स्टॉप पर
इतनी बड़ी मात्रा में खून मिला था कि मामला अब हत्या जैसा लग रहा था। इसी दौरान एक पुलिस अधिकारी अपनी हथकड़ी निकालता है। रे इस बार विरोध नहीं करता। वह चुपचाप खड़ा रहता है। लेकिन तभी रे अचानक ऊपर
देखता है। वह उसी आवारा कुत्ते को देखता है जो कुछ घंटे पहले पेरी के पास गया था। कुत्ता बिल्कुल असली होता है। रे के लिए यह एक बहुत बड़ा सबूत बन जाता है। अगर कुत्ता सच में वहां था तो उसकी बाकी यादें
भी सच हो सकती हैं। अब उसे यकीन हो जाता है कि साइकेट्रिस्ट उसकी मदद नहीं कर रही थी। वह उसे धीरे-धीरे ऐसा बयान देने के लिए मजबूर कर रही थी जिससे वह अपनी ही पत्नी और बेटी की हत्या कबूल कर ले। रे को
लगता है कि अस्पताल के कर्मचारी, डॉक्टर और यहां तक कि पुलिस अधिकारी भी एक ही साजिश का हिस्सा हैं। अचानक रे एक पुलिस अधिकारी की बंदूक छीन लेता है और साइकेट्रिस्ट को बंधक बना लेता है। वह
बाकी सभी लोगों को अपनी बंदूक नीचे रखने के लिए मजबूर करता है। इसके बाद रे उन्हें रेस्ट स्टॉप के एक स्टोरेज रूम में बंद कर देता है। जाने से पहले साइकेटिस्ट उसे समझाने की कोशिश करती है कि सिर्फ उस
कुत्ते का वहां मौजूद होना यह साबित नहीं करता कि रे की बाकी सारी यादें भी सच हैं। लेकिन रे अब कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं होता। वह अस्पताल का एक्सेस कार्ड अपने पास रखता है और एक पुलिस कार लेकर
वापस किर्क ब्राइड अस्पताल पहुंच जाता है। इस बार वह किसी से मदद मांगने नहीं आया था। अब उसका इरादा खुद अस्पताल के बी2 फ्लोर में जाने और अपनी पत्नी और बेटी को वापस लाने का था। रे एक सफेद लैब कोट
पहनता है और बंदूक को उसके नीचे छिपा लेता है। फिर वह लिफ्ट में पहुंचता है। लेकिन बी टू फ्लोर पर जाने के लिए एक खास चाबी की जरूरत होती है। तभी वही सिक्योरिटी गार्ड लिफ्ट में आ जाता है। जिसने कुछ
घंटे पहले रे को पकड़ा था। रे उसे अंदर खींच लेता है और बंदूक दिखाकर बी2 की चाबी मांगता है। गार्ड चाबी देने के बजाय उससे भिड़ जाता है। दोनों के बीच लिफ्ट के अंदर
जोरदार हाथापाई शुरू हो जाती है। आखिरकार रे पीछे से गार्ड की गर्दन पकड़ लेता है। गार्ड कुछ ही देर में विरोध करना बंद कर देता है। लेकिन रे फिर भी उसकी पकड़ नहीं छोड़ता। वह उसे तब तक दबाए रखता है जब तक
उसकी मौत नहीं हो जाती। अब रे चाबी उठाता है और बी2 का बटन दबा देता है। लिफ्ट के दरवाजे खुलते हैं। सामने एक ठंडा और बिल्कुल शांत गलियारा होता है। रे धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। तभी उसकी नजर
कूड़ेदान में पड़ी एक छोटी सी चीज पर जाती है। वह वही खिलौना होता है जो अस्पताल में बेरी को दिया गया था। रे उसे तुरंत पहचान लेता है। अब उसे पूरा यकीन हो जाता है कि उसकी बेटी को सच में इस नीचे वाले हिस्से
में लाया गया था। वह आगे बढ़कर एक कमरे में घुसता है। अंदर उसे एक ऐसा शरीर दिखाई देता है जिसकी सर्जरी की जा चुकी होती है। अब उसके दिमाग में मौजूद सारे सुराग एक दूसरे से जुड़ने लगते हैं। ऑर्गन डोनेशन
को लेकर अस्पताल के अजीब सवाल पेरी की आंखों की डॉक्टर द्वारा की गई तारीफ और घायल मरीजों को नीचे ले जाना। रे को अब यकीन हो जाता है कि अस्पताल जरूरतमंद मरीजों का इलाज करने के बजाय उनके शरीर से
कीमती अंग निकालने का धंधा कर रहा है। वह आगे बढ़ता रहता है। फिर आखिरकार उसकी नजर एक ऑपरेशन थिएटर की कांच की खिड़की पर पड़ती है। रे अंदर झांकता है और उसकी
सांसे रुक जाती हैं। ऑपरेशन टेबल पर पेरी लेटी होती है। चारों तरफ डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ सर्जरी की तैयारी कर रहे होते हैं। रे बंदूक हाथ में लेकर ऑपरेशन थिएटर के
अंदर घुस जाता है और सभी डॉक्टरों को पेरी से दूर रहने के लिए कहता है। लेकिन डॉक्टर बार-बार उसे समझाने की कोशिश करते हैं कि ऑपरेशन टेबल पर मौजूद बच्ची पेरी नहीं है। लेकिन रे अब किसी की बात सुनने को तैयार
नहीं होता। उसे लगता है कि अस्पताल के कर्मचारी फिर से वहीं झूठ बोलकर अपने अपराध को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। रे अपनी बेटी को उठाता है और जुवान को भी वहां से बाहर निकालने लगता है। तभी कई
डॉक्टर उसे रोकने के लिए आगे बढ़ते हैं। रे बंदूक निकालकर ऊपर लगी बड़ी सर्जिकल लाइट पर गोली चला देता है। लाइट टूट कर नीचे गिरती है और वहां मौजूद उपकरणों में
जोरदार विस्फोट हो जाता है। रे इसी मौके का फायदा उठाकर जवान और पेरी को लेकर ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकल जाता है। लेकिन रास्ते में वही डॉक्टर आकर उसका रास्ता रोकता है जिसने कुछ घंटे पहले पेरी को
खिलौना दिया था। वह रे को शांत करने की कोशिश करता है। लेकिन रे डॉक्टर के पैर में गोली मार देता है और अपनी पत्नी और बेटी को लेकर अस्पताल से बाहर निकल जाता है। बाहर निकलते ही दूर से पुलिस की
गाड़ियों के सायरन सुनाई देने लगते हैं। लेकिन पूरे दिन में पहली बार रे को राहत महसूस होती है। वह कार चलाते हुए पीछे के शीशे में अपनी फैमिली को देखता है। जवान पीछे बैठी होती है और प्यार से उसकी तरफ
देख रही होती है। यह सब देखकर रे के चेहरे पर एक ऐसी मुस्कान लौट आती है जो पिछले कई सालों से गायब थी। उसके लिए अब सब कुछ ठीक हो चुका होता है। उसने अस्पताल की साजिश को हरा दिया था। उसने अपनी फैमिली को बचा
लिया था। लेकिन तभी फिल्म हमें वह सच्चाई दिखाती है जिसे रे खुद नहीं देख पा रहा था। कार की पिछली सीट पर जवान मौजूद ही नहीं थी और पेरी भी वहां नहीं थी। पीछे सिर्फ एक अनजान आदमी पड़ा था जो हाल ही
में पेट की सर्जरी से गुजरा था और अभी बेहोश था। रे ने अपनी पत्नी और बेटी को अस्पताल से बचाया ही नहीं था। उसने एक सामान्य ऑन ऑपरेशन थिएटर में घुसकर हंगामा किया था। एक सिक्योरिटी गार्ड की हत्या की
थी। एक डॉक्टर को गोली मारी थी और एक निर्दोष मरीज को अस्पताल से उठाकर अपने साथ ले आया था। लेकिन असली जवान और पेरी वे दोनों पूरी कहानी के दौरान रे की कार की डिक्की में मौजूद थी। अब कहानी वापस
उसी रेस्ट स्टॉप पर लौटती है जहां से यह सब शुरू हुआ था। वह आवारा कुत्ता सच में वहां मौजूद था। रे ने सच में उसकी तरफ पत्थर फेंका था। लेकिन पेरी पीछे हटते हुए अपना संतुलन खो बैठी और सीधे गड्ढे में
गिर गई। उसकी मौत वहीं हो गई थी। रे अपनी बेटी को बचाने के लिए तुरंत खाई में कूदा। लेकिन गिरते समय उसके सिर पर भी गंभीर चोट लगी। जब जुवान नीचे पहुंची और उसने देखा कि पेरी की सांसे रुक चुकी थी तो वह पूरी
तरह टूट गई। रे खुद भी चोट की वजह से भ्रमित और बेहोशी जैसी हालत में था। उसने जुवान को दूर धकेल दिया। जुवान पीछे गिर गई और उसका सिर वहां निकली हुई लोहे की रड से जा टकराया। उसकी भी मौके पर ही मौत हो
गई। सिर्फ कुछ सेकंड में रे ने दूसरी बार अपना पूरा परिवार खो दिया था। लेकिन उसका दिमाग इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर सका। इसलिए उसने उस हादसे की कुछ यादों को अपने लिए बदल दिया। उसकी नई यादों में पेरी मरी
नहीं थी। वह सिर्फ घायल हुई थी। जुवान की भी मौत नहीं हुई थी। वह उसके साथ अस्पताल गई थी और इसी पल से रे एक ऐसी दुनिया में जीने लगा जिसे उसके अपने दिमाग ने बनाया
था। रे ने अपनी पत्नी और बेटी के शव कार की डिक्की में रखे और अकेला अस्पताल पहुंचा। अस्पताल ने सच में उसके सिर की चोट का इलाज किया था। वह सच में अकेला वेटिंग रूम में बैठा था। लेकिन रे की बनाई
हुई दुनिया में जुवान और पेरी हर समय उसके साथ थीं और इसी दर्दनाक सच्चाई के साथ फिल्म खत्म हो जाती
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