दुनिया का सबसे अनोखा NONVEG HOTEL जहाँ 1000+ UNLIMITED NONVEG THALI रोज बिकता||Hotel Parakh
By Zaika Patna Ka
Summary
Topics Covered
- कोल्हापुरी तीखा नहीं होता, ये मिथक है
- अनलिमिटेड रस्सा ही रेस्टोरेंट की जान है
- चार थाली, हज़ार ग्राहक रोज़ाना
- 33 साल में एक भी शेफ नहीं आया
Full Transcript
1000 थाली जाता है। 1000 हां 1000 थाली डेली का डेली जाता है। आप कभी भी आएंगे ना साहब आपको फ्रेश ही मिलेगा सब फ्रेश मिलेगा। वो तो देख ही रहे हैं। वो जिस तरीके से यहां काम हो रहा है ना जितने लोग सिर्फ थाली लगा रहे हैं 25 लोग तो
सिर्फ रोटी बना रहे हैं। तो ब्रश तो मिलना ही है। और यहां हर कोई इनवॉल्वड है थाली लगाने में। नहीं भी तो 10 15 लोग तो सिर्फ अलॉटेड है थाली लगाने में। उनका और कोई काम नहीं है। वो लोग अपना खड़े हैं यहां पर थालीवाली लेके और सिर्फ थाली लगाने का
जो काम है वो कर रहे हैं। और 25 30 40 थाली तो हर समय ऐसे बैकअप में रेडी रहता है। और यहां का माहौल देखिए इस किचन का साल हो गए। 33 साल हो गए बट आज तक कभी कोई शेफ नहीं आया यहां पे। नहीं नहीं और आज भी आप खुद खाना बनाते हैं?
हम खुद ही खाना बनाते हैं। ये 250 लोगों का यहां पर सिंग कैपेसिटी है। उसके बावजूद यहां सारा का सारा टेबल भरा हुआ है। और आप ये देखिए ऐसा लग रहा है कि कुछ अभी प्रोग्राम होने वाला है। म्यूजिक का्टेस्ट वगैरह होने वाला है और
लोग बैठे हुए हैं। बट ये है वेटिंग एरिया और इतने सारे लोग यहां ये सभी लोग वेटिंग में हैं। हां, सभी लोग वेटिंग में हैं। हम लोग यहां पे एक-एक घंटा वेट करके यहीं से खाना खा के जाते हैं। इतना बड़ा रेस्टोरेंट है। 250 लोग के बैठे
हैं। कहते हैं यही उपचार था। यही करने के लिए टाइम नहीं मिलता है। अरे क्या बात है। मतलब यही आपका नहीं हो पाता है। इतना डिमांड है। ये तो मनीष छोटा बच्चा था। तीन पीढ़ी से लोग खाना खाने के लिए आते हैं।
वेटिंग सैटरडे संडे आप अगर आओगे तो आपको 10001 नंबर्स मिलेंगे वेटिंग के। हमारा काम ये ऐसा ही है ना कि जितना खाएंगे ना वो तो हमको हमको आनंद मिलता है।
उसकी झोपड़ी में चालू किया था। अच्छा। और आज इतना बड़ा मतलब अंपायर बना चुके हैं आप जैसे। ये जो जगह है ना यह वो जगह है जो कि आपको पूरे इंडिया के किसी भी जेरिक रेस्टोर में आप चले जाए जहां वही नॉर्मल इंडियन चाइनीस तंदूर मिलता है उस
रेस्टोरेंट के मेन्यू कार्ड में तो दिख ही जाएगा नाम है कोल्हापुर। हेलो एवरीवन स्वागत है आप सभी का इस नए वीडियो में। फिलहाल जैसा कि पता है हम लोग पहुंच चुके हैं कोल्हापुर महाराष्ट्र में एंट्री हो चुका है। पहुंचे हैं ना ये वो जगह है कि
जिसे देख के दिल खुश हो गया। मतलब हम लोग बहुत वीडियोस बनाते हैं। ढेर सारा नजारे हजार से ऊपर वीडियो बना चुके हैं। बट कुछ वीडियोस है कुछ जगह है जो कि दिल में बस जाता है। और ये जो जगह है ये उनमें से ही है। कोल्हापुर के सबसे पॉपुलर रेस्टोरेंट
में से एक में आए हैं जिसका कि नाम है होटल पड़क। बहुत पुराना ये जगह है। बहुत पुराना रेस्टोरेंट कितना पुराना है। कितना दीवानगी है। ये अंदर चलेंगे तब आपको समझ में आएगा। घंटों का वेटिंग होता है। भरे पड़े हैं लोग यहां बैठे हैं जो सारा
पार्किंग आप देख रहे हैं ये तो दिख ही रहा होगा आपको क्या स्थिति है यहां का सारा गाड़ी मतलब बड़ी-बड़ी गाड़ी डिफेंडर हो या छोटा सा Alto हो सबका भीड़ यहां लगा हुआ है और हर कोई आके इंतजार करते हैं घंटों
तब जाके उन्हें जगह मिलता है तो चलिए चलते हैं कोल्हापुर वो जगह वो नगरी जो कि जाना जाता है अपने मटन के लिए अपने चिकन के लिए आज वहां हम लोग पहुंच चुके हैं आप किसी भी रेस्टोरेंट में जाते होंगे तो कोल्हापुरी मटन कोपुरी चिकन जब पूछते होंगे ना कुछ
स्पाइसी खाना है वो लोग सजेस्ट करते होंगे कि आप कोपुरी मटन ले लीजिए या कोल्हापुरी चिकन ले लीजिए अगर स्पाइसी खाना है तो तो आज परखेंगे आज जानेंगे कि क्या एक्चुअल में कोल्हापुरी मटन कोल्हापुरी चिकन इतना
स्पाइसी होता है और उसे परखने के लिए हम लोग आज पहुंचे हैं होटल पकने तो आप ही यहां के ओनर हो गए हां अच्छा नमस्कार नमस्ते नमस्ते ये होटल का नाम परख होटल है ठीक है और 33 इयर्स हो गए
33 इयर्स हो गए क्या 1994 में चालू हुआ था अच्छा आपका नाम क्या हो गया मेरा संदीप विनायक पाठोड़े और मेरे भाई का नाम अनिल विनायक पाठोड़े तो ये शुरुआत करने वाले कौन है मेरे पिताजी
पिताजी आपके हैं 33 साल पहले 33 साल पहले चालू किया था। अभी हम सुने हैं ना एक झोपड़ी में चालू किया था। अच्छा छोटे से झोपड़ी में स्टार्ट हुआ था इसका और आज इतना बड़ा मतलब एंपायर बना चुके हैं
आप यहां पर कोल्हापुर में जो भी टूरिस्ट आते हैं ना उनके नाम में मतलब उनके जो वहां पे एक ही नाम होता है कि पड़क होटल में सबसे पहले जाना है। पूरे यहां के लोकल ब्लॉगरर्स से भी हम लोग पूछे तो बोले कि सबसे पहले आप जाइएगा पड़क
होटल में। ये सबसे पॉपुलर है पूरे कोल्हापुर में है। है कि नहीं?
तो कौन-कौन सा डिश आपका पॉपुलर है?
क्या-क्या मिलता है यहां पे?
थाली सिस्टम है सब में मटन थाली, चिकन थाली, अच्छा। अंडाकरी थाली, वेज थाली ये सब। अच्छा तो मेनली बस थाली सिस्टम है। सब सब थाली सिस्टम है। तो वो सब नहीं है कि इंडियन चाइनीस ये सब नहीं है। खाली थाली सेक्शन है। ये आपका कौन सा मतलब लोग का जेंट्स हॉल है।
जेंट्स लोग का सेक्शन है। हां यहां पे जेंट्स लोग हैं। अच्छा ये जेंट्स हॉल है। और टोटल सिंग कैपेसिटी कितना है यहां पे?
250 250 250 और उसके बाद भी वेटिंग में रहता है। हां वेटिंग रहता है। बाहर आप देखेंगे चेयर्स लगाए हुए हैं वेटिंग के लिए। हां हां। क्या बात है। 250 लोग एक साथ बैठ के एक टाइम पे यहां खाना खा सकते हैं। और
टाइमिंग क्या होता है यहां का?
टाइमिंग सुबह 12:00 बजे चालू होता है। 4:00 बजे तक। अच्छा। अच्छा शाम को सवा5 चालू होता है 11 और बीच में ब्रेक रहता है चार से चार से सात बंद रहता है ठीक है ये मेरे पिताजी हैं अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा
ये मेरे भाई है अच्छा तो पिताजी जो है वही शुरुआत किए थे यहां पर छोटे से झोपड़ी से शुरुआत हुआ था हां एक झोपड़ी उस टाइम क्या मिलता था यहां पे सब यही यही सेम आइटम अभी सेम आइटम थाली वगैरह यम सब
उस टाइम तो कोल्हापुर का मटन इतना पॉपुलर नहीं होगा जब शुरुआत नहीं नहीं इतना नहीं था लोकल था ना इतना अभी हम पूरे इंडिया में कहीं भी जाते हैं ना हर जगह मेन्यू में कोल्हापुरी मटन कोल्हापुरी चिकन जरूर होता है। हां। अभी
लेकिन उनका उनका जो है ना वो बहुत स्पाइसी बनाते हैं। अच्छा रेस्टोरेंट वाले जो हैं। एक्चुअली कोल्हापुरी व स्पाइसी नहीं होता है। हां ये बात आप सही बोल रहे हैं। और लोग ना मतलब अगर किसी रेस्टोरेंट में जाएंगे ना हम लोग पूछेंगे स्पाइसी में
क्या है? तो बता देंगे कि कोल्हापुरी मटन
क्या है? तो बता देंगे कि कोल्हापुरी मटन खाइए। ये स्पाइसी होता है। ये लोगों को क्या बोलते?
मिसकसेप्शन है। मिसक है। कि कोल्हापुरी खाना बहुत तीखा होता है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। ऐसा नहीं है। आप खा के देखिए। आप तीखा लगा दो बता दीजिए। ठीक है। चलिए। तो एक सेक्शन तो इधर हो गया। अंदर भी है। इस तरह से बहुत
अलग-अलग सेक्शन में डिवाइडेड है। फैमिली सेक्शन आपका उस साइड में है ना?
और इधर सामने किचन है। सामने किचन है। तो चलिए सबसे पहले तो मटन चिकन जो है वो देखते हैं। फिर बाकी का टूर करते हैं हम लोग। क्या बात है। ये आप देखिए किचन में एकदम एक्शन पैक सा किचन। लगातार थाली पर
थाली। थाली पर थाली जो है वो डिस्पैच हो रहा है यहां पे। बहुत बढ़िया। सबसे पहले ना आपका किचन बहुत नीट एंड क्लीन लग रहा है। इतने साफ सफाई से बहुत कम जगह हम लोग देखे हैं काम होते हुए। नहीं नहीं रोज का रोज काम क्लीनिंग का काम
रोज का रोज होता है। अच्छा तो ये अभी यहां पर क्या बन रहा है?
ये यहां पे चपाती बन रहा है। ये गेहूं का चपाती है। अच्छा गेहूं का चपाती बन रहा है यहां पे। हां। मतलब इतने सारे लोग अलॉटेड है सिर्फ चपाती को बनाने के लिए। चपाती कह लो चपाती के बना। तो किसी रेस्टोरेंट में ना इतने स्टाफ
नहीं होते जितने लोग यहां चपाती बनाते हैं। [हंसी] तो पांच छह लोग देखिएगा आप कि यहां पे सिर्फ गेहूं का चपाती जो वो बना रहे हैं। पराठा भी बनता है यहां पे। हां। नहीं नहीं। खाली चपाती और भाकरी। चपाती और भाकरी। भाकरी ज्वार का भाकरी।
अच्छा। और इधर इधर भाकरी बन रहा है। इधर भाकरी बन रहा है। क्या बात है। मतलब 15 20 लेडीज़ लोग सिर्फ इनवॉल्व्ड हैं यहां पर चपाती और भाकरी को बनाने में। क्या बात है। लाइन से आप देखिए
वहां छह सात आठ तवा जो है वो चढ़ा हुआ और इधर भाकरी बन रहा है। तो ये भाकरी किस चीज का रहता है?
जवार का रहता है। ज्वार का रहता है भाकरी। और उधर वो क्या बन रहा है? चपाती। हां वही चपाती सब चपाती चालू है। क्या बात है। तो ये लोग लगातार मतलब जब तक रेस्टोरेंट खुला है तब तक ऐसे बनाते रहती है। ऐसे बनाते रहती है। 11:00 बजे तक ऐसे चालू रहता है।
11 तक चालू रहता है। इसी तरीके से ऐसे चालू रहता है। और इधर क्या है? इधर भी वही चीज़ है। ये भाकरी है। तो ये सारा चपाती भाकरी अनलिमिटेड रहता है यहां पे। अनलिमिटेड कितना भी कितना बिका?
कोई लिमिटेशन नहीं है। कोई लिमिटेशन नहीं है। क्या बात है। एकदम गरमा गरम रोटी चपाती बन रहा है यहां पे। तो मेन थाली लगाने वाला काम जो है वो इधर हो रहा है। ये हो रहा है। ये मटन है। ये सूखा मटन। ये हो गया सूखा मटन। सूखा मटन। हां एक
ये सारा कुछ थाली में जाता है। थाली थाली में सब आता है। अच्छा ठीक है। ये कीमा ये क्या हो गया?
ये मटन कीमा। मटन कीमा?
हां मटन कीमा। ये भी थाली में मिलेगा। ये थाली में मिलेगा। वाह। ये राइस है। ये राइस तो यहां पे प्लेन राइस नहीं मिलता थाली में। ये वाला राइस मसाला राइस। मसाला राइस मिलता है। अरे वाह।
क्या-क्या है इसमें?
थाली राइस और पुलाव टाइप है। पुलाव पुलाव है। पुलाव पुलाव। और [गला साफ़ करने की आवाज़] ये वाला? ये
वाला?
ये अंडा करी। अंडा करी है ना?
ये भी मिलेगा क्या थाली में?
हां। यह अंडा की थाली अलग मिलता है। अंडा थाली, एग थाली अलग से। यह जरा ग्रेवी दिखाइए। बहुत सही ग्रेवी लग रहा है इसका। हां, इसमें थोड़ा थिक होता है। हां, एकदम दाढ़ा सा ग्रेवी है। दाढ़ा सा ग्रेवी। और मटन मसाला भी इसमें ही बनाता है। इसी इसी ग्रेवी में
इसी में इसी ग्रेवी में बनाते हैं। अच्छा। ये चिकन है। ये सूखा चिकन। सूखा चिकन?
हां ये सूखा। वाह। बहुत ज्यादा टेंपटिंग सा हर कुछ यहां पे लग रहा है। बहुत बढ़िया। तो चिकन थाली आपका अलग जाता है। मटन थाली का अपना अलग। इसमें मटन रहेगा। चिकन में सिर्फ चिकन रहेगा।
आप कभी भी आएंगे ना साहब आपको फ्रेश ही मिलेगा सब। फ्रेश मिलेगा वो तो देख ही रहे हैं वो जिस तरीके से यहां काम हो रहा है ना इतने लोग सिर्फ थाली लगा रहे हैं 25 लोग तो सिर्फ रोटी बना रहे हैं तो ब्रश तो मिलना ही है और इधर ये बड़े-बड़े पतीले में क्या है ये ये तामड़ा रस्सा
तामड़ा रस्सा हां ये तामड़ा रस्सा मतलब कोल्हापुर का जो हां मेन तामड़ा रस्सा ये बहुत पॉपुलर सा चीज है आपको कोल्हापुर के किसी भी रेस्टोर में जाइए ये तामड़ा रस्सा और पांडा टामरा और पांड्रा ही बोलते
हैं ना सही वही बराबर तामरा और पांड्रा तो ये किस चीज का होता है ये चिली चिली होती है ना लाल लाल लाल लाल चीनी होती है ना उससे बनाते हैं उससे बनता है ये उससे बनता है
और ये वाला ये ये वाइट रसा नारियल का नारियल का दूध निकाल के अच्छा मटन का स्टॉक सब कोकोनट मिल्क से कोकोनट मिल्क से बनाते हैं क्या बात है तो ये वाला स्पाइसी नहीं रहता होगा
ये स्पाइसी नहीं है ये खाली सूप टाइप रहता है ऐसा सूप टाइप का रहता है इसमें मटन का भी फ्लेवर आता है हां वही मटन का मटन से ही बनाते हैं वो अच्छा मटन को बॉईल करके इसमें बनाते हैं हां मटन का स्टॉक रहता है ना वही वाला और ये वाला में ये भी ऐसा ही होता है
रेड चिल्ली में बनता है और इसमें भी मटन का स्टॉक रहता है मटन का स्टॉक रहता है मटन का पीसेस भी रहता है इसमें नहीं नहीं नहीं सिर्फ फ्लेवर आएगा आएगा और ये कॉम्प्लीमेंट्री रहता है हर थाली में कितना भी खाइए आप जितना उतना खाइए
अनलिमिटेड अनलिमिटेड इतना कितना भी पूरा का पूरा ये पी जाइए कोई दिक्कत नहीं कोई बात नहीं कितना भी खाइए आप 10 बार मांगेंगे तो भी मिलेगा कितने भी कितना भी रोटी भी जितनी बार मांगेंगे उतनी बार मिलेगा कितना भी खाइए आप बहुत लोग तो ऐसे भी होंगे आ के रोटी और ये
ग्रेवी सब खाते रहते होंगे कोई बात नहीं कोई बात नहीं इनका हमारा काम ये ऐसा ही है ना कि जितना खाएंगे ना उतना हमको हमको आनंद मिलता है उसको क्या बात है ये सोच होना चाहिए बहुत अच्छा
लगा सुन यार जो कुछ भी देख रहे हैं ना सब कुछ मतलब ऐसा नहीं कि य रखा हुआ है। इतना ज्यादा यहां ऑर्डर रहता है कि एक ये सिर्फ बेंडी से काम चलेगा नहीं। तो इधर भी आपका सेम चीज हो रहा है। हां जी दो-दो जगह डिस्ट्रीब्यूट किए हुए हैं।
ताकि ऑर्डर में डिले नहीं है। डिले नहीं हो ज्यादा से ज्यादा 5 मिनट में खाना मिलना चाहिए। 5 मिनट में खाना मिल जाता है। और ये सारा थाली जो है ये सब अभी निकलने वाला है। हां निकलने वाला है। वो लगा के रखे हैं। ये पहले से सेट करके रखे हुए हैं ताकि लेट नहीं हो। लेट नहीं।
अंदाज से कितना थाली डेली का निकल जाता होगा यार। 1000 थाली जाता है। 1000?
1000 थाली डेली का। डेली जाता है। वाह। 1000 लोग डेली आके खाते हैं। खाते खाते खाते तो आपके पूरे रेस्टोरेंट में बस यही तीन चीज मिलता है। चिकन थाली, मटन थाली, एक थाली। वेज थाली। और वेज थाली। चार चार थाली मिलता है बस। और कुछ नहीं मिलता।
और कुछ नहीं और कुछ नहीं। इतना बड़ा रेस्टोरेंट है 250 लोग के बैठे हैं। चार थाली यही करने के लिए टाइम नहीं मिलता है। अरे क्या बात है। मतलब यही आपका नहीं हो पाता है। इतना डिमांड है। ये डिमांड है। गजब।
तो इधर थाली लग रहा है अपना। ये देखिए ना ये थाली लगाया जा रहा है। सबसे पहले वही गया अपना टामरा रस्सा। और ये आ गया। ये कीमा है। कीमा जो है वो आ गया। नेक्स्ट इधर ये आ गया वाइट वाला अपना
पांड्रा रस्सा जो था वो और इधर जो है ये आएगा चिकन सूखा। ये मटन ये मटन सॉरी मटन सूखा मटन इसमें ग्रेवी नहीं रहता है ग्रेवी आपको चाहिए तो मटन मसाला भी मिलेगा और फ्राई चाहिए ये सूखा चिकन ये सूखा मटन भी मिलेगा ठीक है
हां और ग्रेवी अगर चाहिए तो वो वाला भी अलग से बना हुआ है हां वो वही बना के देते हैं ये वाला ग्रेवी मिक्स करके लगा मिक्स करा अच्छा अपना थाली जो है ना ये लगाया जा रहा है ऐसे देखिए
ये चिकन थाली में तांबाला रसा पांडा रस्सा अंडा करी और फ्राई मसाला चिकन लावा मसाला अच्छा चिकन थाली में एक भी जाता है एक भी जाता है ये आ गया ग्रेवी ये भी इस तरह देखिए बना
दिए अपना इसको लटपट कर दिए और ये अपना जाएगा थाली में क्या बात है तो एक चिकन थाली कितने का होता है और मटन थाली कितने का होता है मटन थाली 460 460 का ये वाला
मटन थाली हां चपाती चपाती लाओ एक मिनट चपाती लाओ चिकन थाली चिकन थाली 360 360 है और 420 का एक है दो है अच्छा
चिकन थाली में दो ऑप्शन है आपको 420 में दो दो प्लेट चिकन मिलेगा और 360 में एक प्लेट चिकन और अंडा करी मिलेगा। और उसमें भी चपाती भाकरी राइस तांबाला रसा
अनलिमिटेड। अच्छा राइस भी अनलिमिटेड है। चपाती भाकरी जो भी खाएंगे आप हम लगाते ही नहीं है। हां एक-एक चपाती एक चिकन का अलग से पैसा लगता है। चिकन एक्स्ट्रा लगेगा। चिकन एक्स्ट्रा लगेगा तो पैसा लगेगा।
बाकी सब जितना जितना रसा, पांडवा रसा कितना भी खाइए। वाह। इधर आ गया। ये अपना चपाती और भाकरी। ये चपाती आ गया। एक आड़ी लो फिर और राइस जो है ये खाने के बाद फिर मिलता
होगा। राइस राइस खा बाद में शुरू हुआ। यहां देखिए ये राइस जो है बल्क क्वांटिटी में बना हुआ है और दिन भर इसी तरीके से इनका बनते रहता है राइस। मसाला राइस ये भी बहुत अच्छा लगा। मतलब हम लोग पुणे गए थे
वहां इंदिरानी राइस था। यहां थोड़ा डिफरेंट राइस है और यहां हर कोई इनवॉल्वड है थाली लगाने में। नहीं भी तो 101 लोग तो सिर्फ अलॉटेड है थाली लगाने में। उनका और कोई काम नहीं है। वो लोग अपना खड़े हैं यहां
पर थाली वाली लेके और सिर्फ थाली लगाने का जो काम है वो कर रहे हैं और 25 30 40 थाली तो हर समय ऐसे बैकअप में रेडी रहता है और यहां का माहौल देखिए इस किचन का तो एक्शन फैक्ट किचन भीड़ लगा हुआ है सारे स्टाफ
लोग का और 100 150 हां जाइए जाइए जाइए जाइए जाइए इसी में लोग अपना थाली लेकर जा रहे हैं थाली लगा रहे हैं मजा आ गया अभी जस्ट रेस्टोरेंट अच्छा रेस्टोरेंट अभी जस्ट खुला है ना आपका शाम वाला हां अभी चालू हुआ है थोड़ी देर में भीड़ स्टार्ट होगा
हां अभी तो प्रॉपर खाने का टाइम भी नहीं हुआ आज तो आज तो मंडे है ना थोड़ा मंडे हमारे यहां नॉनवेज थोड़ा कम खाते हैं। ऐसा अच्छा इसलिए थोड़ा कम है आज नहीं तो और ज्यादा रहता है। बहुत मजा आ गया हमारा किचन टप्पा टूर करके
क्योंकि हम लोग ने कहीं भी इंडिया में ट्रेवल किए हैं। ऐसा रेस्टोरेंट नहीं देखे थे आज तक कि जो सिर्फ चार आइटम बेच रहे हैं। चार थाली बेच रहे हैं और इतना ज्यादा डिमांड हो क्योंकि बड़ा-बड़ा रेस्टोरेंट तो बहुत कवर किया लेकिन उन लोग का लंबा चौड़ा मेन्यू होता है। हर स्टार्टर भी
देते हैं। मेनकोर्स भी डेजर्ट भी सब चीज़ आप बस चार थाली दे रहे हैं और कुछ नहीं। कुछ नहीं। क्या डाले ये वाला?
ये मटन खाली यही इसका एक मटन भी से जाता है उसमें। अच्छा इसके साथ ऊपर से जाता है ऐसे। ऊपर से जाते ही रहता है। पहले आप भाकरी चपाती देते हैं। बाद में ऊपर से राइस जाता है। वो ये राइस लेके जा रहा है। सेक्शन है।
ये भी फैमिली सेक्शन है। अच्छा ये भी फैमिली सेक्शन है। वो कोई फैमिली अच्छा इधर भी है। हां इधर भी है। वो अलग-अलग पार्ट्स में बटा हुआ है। हां अलग-अलग पार्ट्स है। और ये सब जो है ये सारा अवार्ड्स जो है मिला आपको वो है।
क्या बात है। हर जगह डिफरेंट-डिफरेंट अवार्ड्स का हम लोग फोटो देख रहे हैं। और इधर तो देख ही रहे हैं। अभी जस्ट रेस्टोरेंट ओपन हुआ है। 80% सीट जो है वो भरा हुआ दिख रहा है। और बाकी का इधर देखिए आप इधर के छा
अच्छा इधर भी इतना जगह है बैठने का और हर टेबल पे बस लोग थाली खा रहे हैं और कुछ भी नहीं है सब सब ताली खा रहे हैं और ये टेबल पे क्या वो जो छोटा-छोटा बाल्टी है उसमें क्या वो रस सब अनरस है वो टेबल पे रख देते हैं जितना उतना खा
आपको कितना भी खाइए क्या बात है तो ये यहां माहौल है आप ओपन एरिया में बैठ सकते हैं क्लोज एरिया में बैठ सकते हैं एयर कंडीशन में बैठ सकते हैं और हर टेबल पे ना आपको बस एक थाली जो है वही मिलेगा तो इधर ये जो है ना ये इनका
फैमिली वाला सेक्शन है और हम देख रहे हैं कि अभी से ही सारा का सारा सीड जो है भर गया जबकि आज बता रहे हैं कि आज मंडे को लोग कम खाते हैं यहां पर। ये 250 लोगों का यहां पर सिंग कैपेसिटी है। उसके बावजूद
यहां सारा का सारा टेबल भरा हुआ। और आप ये देखिए ऐसा लग रहा है कि कुछ अभी प्रोग्राम होने वाला है। म्यूजिकल कॉन्टेस्ट वगैरह होने वाला है और लोग बैठे हुए हैं। बट ये है वेटिंग एरिया और इतने सारे लोग यहां ये सभी लोग वेटिंग में हैं।
हां सभी लोग वेटिंग में हैं। और अभी कितना टाइम लगेगा इन लोग का नंबर आने में?
अभी 20 मिनट लगेगा। 202 मिनट लगेगा। क्या मतलब इतने सारे लोग आके वेटिंग में बैठे हुए हैं। अपने नंबर का वेट कर रहे हैं। सबको टोकन दिए हुए हैं आप? नहीं उसके
नाम लिखे हैं। नाम लिख के रखे हुए हैं। हां। क्या बात है। नंबर अगर आएगा तो वो बुलाएंगे। पीक आवर हो चुका है डिनर का। और ये जो सारा गाड़ी है ये किसका है?
ये हमारा ही है गाड़ी सब। ये इतना सारा गाड़ी जो पार्क है ये सब यहीं के लिए है। यहीं के लिए है। क्या बात है। मतलब ये 150 200 गाड़ी तो लगता है यहां पे पार्क अभी है। पार्क का है। और सब इसी रेस्टोरेंट में खाने के लिए। खाने के लिए।
मतलब हर हफ्ते एक बार आते हैं। अच्छा हर हफ्ते एक बार आ जाते हैं आप? और
क्या खाते हैं? कौन सा थाली खाते हैं?
मटन थाली। अच्छा फिक्स है वो मटन थाली। मटन खाली फिक्स है क्योंकि मटन यहां का प्योर एकदम प्योर मटन है। यहां पे कोई मिक्सिंग नहीं
है। कुछ नहीं है। एकदम भाकरी रस्सा पांडा रस्सा हां एकदम फर्स्ट क्लास [हंसी] है। मेन मटन का क्वालिटी है। प्योर है और
टेस्ट भी बहुत अच्छा है। आपको कैसा लगता है टेस्ट यहां का? बहुत ही
अच्छा है और यह टेस्ट कभी बदला ही नहीं है। अच्छा स्टार्टिंग से सेम जो टेस्ट मिलता था वही अभी भी है। टेस्ट है। वही टेस्ट है। बहुत अच्छा है। मैं रेकमेंड करती हूं कि सब आके यहां आके
टेस्ट कर ले। तो आप लोग कोल्हापुर के लोकल हैं?
डिस्ट्रिक्ट के अच्छा कोलापुर डिस्ट्रिक्ट के है और हम लोग यहां पे एक एक घंटा वेट करके यहीं से खाना खा के जाते हैं। वेटिंग सैटरडे संडे आप अगर आओगे
तो आपको 10001 नंबर्स मिलेंगे वेटिंग के। अच्छा वो टोकन काट के नंबर देते हैं। वेटिंग का कितना है आपका?
100 और अबव अच्छा। ये तो मनीष छोटा बच्चा था। तीन पीढ़ी से लोग खाना खाने के लिए आ रहे हैं। तीन पीढ़ी से खाना खाने के लिए आ रहे हैं। ये सही बात है।
बिल्कुल सही बात है। हम यहां पे हमारी थर्ड जनरेशन है जो यहां पे खाना खाने आ रही है। और ये अभी हमारे लिए एक फैमिली रेस्टोरेंट जैसे इनके साथ में हमारा एक पूरा फैमिली रिलेशन बन चुका है। अच्छा।
और यहां इनके जो टेस्ट है वो आज तक इतने सालों में करीबन 25 30 सालों में अनबिटेबल है। तो उसमें कोई कंपैरिजन नहीं है इनका। कोल्हापुर में और साउथ महाराष्ट्र में रादर मैं तो कहूंगा मे बी महाराष्ट्र में
इनके टेस्ट का जैसा कोई कंपैरिजन नहीं है। तो अभी पूरे फैमिली के साथ आप आए हैं यहां पे खाना खाने के लिए। पूरी फैमिली के साथ में आए हैं। और आप लोग को कैसा टेस्ट लगता है यहां पे?
बहुत बढ़िया अच्छा है। आप लोग को अच्छा लगता है टेस्ट सभी को?
तो आप लोगों का फेवरेट डिश क्या है? मतलब
चिकन थाली या मटन थाली कौन सा है?
बेसिकली मटन थाली। मेजरली मटन तली और यहां का तांबड़ा रस्सा जो सबसे प्रीमियम प्रोडक्ट है मतलब अच्छा जो कॉम्प्लीमेंट्री रस्सा मिल रहा है वो मेनेंट वो जो कॉम्प्लीमेंट्री रस्सा है वो सबसे
ज्यादा दैट इज द हार्ट ऑफ द रेस्टोरेंट रेस्टोरेंट अच्छा तो अगर आपने वो नहीं खाया तो फिर आपने क्या ही खाया किराना वेस्ट है यहां पे बहुत हाइजीनिक है हजीनिक
हां हां हां वो तो अभी हम लोग किचन टूर किए बहुत साफ सुथरे तरीके से काम हो रहा है तो अभी हम लोग थोड़ा बाहर गए थे ना और अंदर आए तो देख रहे कि जो यहां के ओनर है वो खुद बैठ गए रोटी पका रहे हैं। तो इतने सारे स्टाफ है उसके बाद भी आप खुद रोटी पका रहे हैं। नहीं वो तो करना पड़ता है ना साहब।
अभी भीड़ ज्यादा हो गया इसीलिए। हां भीड़ ज्यादा हो गई है। वेटिंग में अभी देख रहे हैं कि लोग आ गए हैं। आ गए हैं। इसलिए आप खुद रोटी में लग जाते हैं अपने। लग जाते हैं। और आप क्या बता रहे थे कि शेफ नहीं है यहां पे?
नहीं नहीं। हमारे यहां 33 साल से शेफ नहीं है। मेरे पिताजी ने खाना सिखाया और मैं और मेरे बड़े भाई दोनों खाना बनाते हैं। 33 साल हो गए। 33 साल हो गए बट आज तक कभी कोई शेफ नहीं आया यहां पे?
नहीं नहीं नहीं। शेफ नहीं है। और आज भी आप खुद खाना बनाते हैं? हम खुद
ही खाना बनाते हैं। 6 आएंगे तो हम खाना बनाते हुए आपको दिखेंगे। 6:00 बजे आएंगे तो आप खुद खाना बनाते हुए दिखेंगे। और शाम में 7:30 से मिलना स्टार्ट हो जाता है। सवा5 बजे चालू होता है 11:00 बजे तक।
क्या बात है। ये भी बहुत यूनिक चीज है कि इतने सारे स्टाफ आपको हर तरफ ना यहां स्टाफ दिखेंगे। नहीं तो टोटल कितने स्टाफ होंगे आपके पास?
टोटल 88 स्टाफ। क्या बात है। 88 स्टाफ है। उसके बाद भी आप देखिए यहां पे मतलब ओनर जो है वो खुद बैठ के रोटी पका रहे हैं। और जो चिकन तो सारा जो आइटम है चिकन मटन वो खुद आप बनाते हैं?
हां हम खुद बनाते हैं। सब तांबड़ा रसा, भंडारा रसा, मटन कीमा सब बनाते हैं। तांबाड़ा रसा, पांडा रस ये भी खुद बनाते हैं?
हां यही बनाते हैं। सिर्फ टेस्ट करते हैं या पूरा बनाते हैं?
नहीं सब सब बनाते हैं। सब स्टार्टिंग से लास्ट तक। स्टार्टिंग से लास्ट लास्ट तक। खाली मसाला बनाने के बाद ये खाली नमक देखने इधर खुद बनाते हैं। तो इधर हमारा जो टेबल है वो सज
चुका है और बहुत ज्यादा कुछ जो है वो टेबल पर आ गया। अभी ये एक नया डिश जो है वो ऐड ऑन हुआ है। ये कौन सा फिश है?
सुरमई। सुरमई फिश। रवा रवा फ्राई है ना?
तो इधर जो है पूरा स्प्रेड लग चुका है। और मेनली जो है थाली ही मिलता है। 90% लोग थाली खाते हैं। बट कुछ हल्काफुल्का एक दो स्टार्टर आइटम भी वो बताएं कि है तो वो भी दे दिए हैं। और ये जो है ये है अपना मटन
थाली। यह जो है यह है अपना चिकन थाली और अनलिमिटेड भाकरी चपाती राइस और साथ में ना ऐसे देखिए दो बाल्टी ये अलग-अलग ग्रेवीज को रख दिया जाता है। ये है तांबाड़ा रस और
पांडा रस और इसमें ढेर सारा मटन का चर्बी जो है वो दिख रहा है हमको। ये थोड़ा स्पाइसी वर्जन हो गया और ये थोड़ा क्रीमी वर्जन मेरे हिसाब से होगा। ये कोकोनट मिल्क को यूज़ किए तो टेस्ट करके बताएंगे।
बहुत ज्यादा टटिंग सब कुछ लग रहा है। बहुत बहुत ज्यादा टटिंग सब कुछ लग रहा है। बहुत एक्साइटेड है हम। पहली बार खाने वाले हैं। ऑथेंटिक कोला पूरी थाली। हमेशा सुनते थे कोल्हापुर का मटन। कोल्हापुर का मटन। आज
फाइनली खाने वाले हैं। स्टार्ट करते हैं इस चपाती के साथ। अच्छा चपाती छोड़िए। पहले ये ड्राई फ्राई मटन जो है ना ये खाते हैं। ये आपको दिखाते हैं। क्या बात है। एकदम सॉफ्ट सा मटन है। एकदम
सॉफ्ट मटन का पीस है। के पीस को ऑयल में थोड़ा डीप फ्राई किया गया है। मसाला बिल्कुल भी नहीं। इवन ऊपर से भी कुछ स्प्रिंकल नहीं किया गया। सिर्फ नेचुरल मटन का जो टेस्ट है वो आ रहा है।
बहुत लाइट सा स्टार्टर आप इसे कंसीडर कर सकते हैं। एक है यह ग्रीन चिकन। इसे हम खाएंगे बट वो सब बाद में। पहले हम चीज़ मेन चीज को खाते हैं। ये है मटन सूखा। इसको
ट्राई किया जाए। इसमें कोई हिसाब किताब नहीं है। अंदाज से जितना आया जितना कटोरी कटोरी में गया वो दे देते हैं। लटपट वाला
मटन का बहुत सॉफ्ट है। ये देखिए हल्का सा प्रेशर लगा रहे हैं। मगर मटन का जो है रेसा अलग होता हुआ और मसाला भी बहुत बढ़िया है। हम लोग सोचते हैं ना कि कोला
पूरी मतलब बहुत स्पाइसी बहुत तीखा। यह बिल्कुल भी तीखा एक्स्ट्रा तीखा नहीं है। जितना रहना चाहिए उतना है। बहुत ही बढ़िया। ये कोलापुरी मसालों को
यूज़ किए हैं हम। उसे यूज़ करके बनाया गया। बहुत बढ़िया। हल्का थिक मिलेगा। तीखापन का। टेस्ट बहुत ही बढ़िया आ रहा है। मटन का जो अपना नेचुरल स्वाद है वो और ओवर स्पाइसी
नहीं है। लिमिटेड स्पाइसेस पे यूज़ किए हैं। बहुत सही लगा। अब ट्राई करते हैं ये चिकन। चिकन का ग्रेवी का कंसिस्टेंसी आप देखिए। यह मतलब बहुत गाढ़ा सा ग्रेवी है। और वह
देसी स्टाइल वाला ग्रेवी नहीं लग रहा है यह कंसिस्टेंसी को देख के। यह अलग तरीके का ग्रेवी है। हमको लगता है कि इसमें वो काजू मगर कुछ यूज़ करते हैं। कुछ तो यूज़ करते होंगे थिकनिंग के लिए क्योंकि यह
देसी स्टाइल का ग्रेवी तो ऐसा थिक हो नहीं सकता है। बहुत रिच सा ग्रेवी है। हल्का इसमें जहां तक हमको लगता है कि बादाम या काजू वगैरह
कुछ तो यूज़ किया गया है। जिससे कि ये कंसिस्टेंसी आ रहा है। दोनों ही जैसा हम लोग का धारना बना है ना ओवर स्पाइसी वो चीज दोनों ही नहीं है। अब ट्राई करते हैं। यह जो ग्रीन चिकन है यह और इसके बाद
खाएंगे ना वो टामला रस और पांडा रस बहुत नाम सुना है उसका कोरिएंडर बेस चिकन का टेस्ट आ रहा है। अभी हम लोग गोवा से आए हैं। वहां चिकन कैफल
खाए हैं। हर जगह मिलताजुलता स्वाद आ रहा है। ग्रीन चिल्ली कोरिएंडर ये थोड़ा थिक है। वो थोड़ा लाइट सा होता है। अब ट्राई करते हैं कोल्हापुर की आन बान शान ये
तामरा रस्सा और पांडा रस्सा हम लोग पुणे गए थे ना तो वहां के थाली में वो अलनी सूप देते थे और अलग से रस्सा रहता था ये ऑथेंटिक तामरा रस्सा है
आ हा हा इसका कलर देख के आप बिलकुल भी धोखा मत खाइएगा ये बहुत तीखा लगने वाला है। ये लग रहा है ना कि मटन का सूप को पी रहे हैं हम। प्रॉपर मटन का स्वाद। बहुत बढ़िया।
हम ये हमें लग रहा है कि मटन का सूप पी रहा है। बिल्कुल भी स्पाइसी नहीं है। मुझे लगा बहुत तीखा होगा। और अब ट्राई करते हैं हम ये पांडवा रस्सा।
दोनों का ही अपना एक डिस्टिंग्विश सा टेस्ट है। अपने कैटेगरी के हिसाब से। अच्छा। इसमें मटन और कोकोनट का मिक्स सा टेस्ट आएगा। इसमें डोमिनेटिंग सा मटन का जो फ्लेवर है वही आ रहा है। और ओवरऑल बहुत सही एक्सपीरियंस रहा। चले वीडियो बंद करके
इत्मीनान से खाने। कोल्हापुर अगर आना हुआ ना और कोल्हापुर में इस तरह का मटन थाली वाला जगह तो खैर भरा पड़ा है। बट यह जो जगह है ये ऐसा जगह है जहां आप साफ सुथरे तरीके से फैमिली के साथ भी आके बैठ के खा सकते
हैं। ये वो जगह हम लोग और भी जगह को कवर करने वाले हैं जो कि छोटा होगा। वहां और ओवर क्राउडेड होगा। बट ये जगह वैसा है। शुरुआत हम लोग ऐसी जगह से किया जहां आके इत्मीनान से चैन से खाना खाया जा सके। क्योंकि अभी जस्ट कोल्हापुर पहुंचे हैं।
थके हुए थे और कुछ अच्छा सा मील जो है वो करना तो एकदम सेटिस्फाइड रहे हैं यहां के अपने एक्सपीरियंस। तो चलिए वीडियो खत्म करते हैं। कमेंट कीजिए बताइए वीडियो कैसा लगा। सारा जो मेकिंग मेकिंग तो नहीं किचन
का जो टूर कराया वो कैसा लगा? थैंक यू सो मच।
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