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Reflection on Truth and Truthfulness by Mr. Absar

By CGM Videos

Summary

Topics Covered

  • गणित की तरह सच्चाई हर कदम पर आधारभूत है
  • एक झूठ के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं
  • नकल करना खुद से झूठ बोलना है
  • अल्लाह की हंसी उन लोगों पर जो किस्मत बदलने की कोशिश करते हैं
  • सच बोलो, कामयाबी तुम्हारे साथ है

Full Transcript

अस्सलाम वालेकुम। माय नेम इज मोहम्मद अफसार अहमद। आई एम अ सीनियर लेक्चरर ऑफ़ मैथमेटिक्स एट केएसबीएल सिंस 2022। बिफोर

केएसबीएल आई वाज़ सर्विंग नस्ट एज अ लेक्चरर ऑफ़ मैथमेटिक्स एंड आई हैव मोर देन 15 इयर्स ऑफ़ टीचिंग एक्सपीरियंस।

केएसबीएल इज नॉट टारगेटिंग ओनली स्टूडेंट्स एकेडमिक ग्रोथ। इसके साथ-साथ हमारा टारगेट स्टूडेंट की कररेक्टर डेवलपमेंट भी है। करैक्टर डेवलपमेंट के

हमारे कुछ फाइव गोल्स हैं। उनमें से पहला गोल है ट्रुथ और ट्रुथफुलनेस। इन दिस वीडियो आई विल टेल यू व्हाई इट्सेंट फॉर स्टूडेंट एंड व्हाट डड आई लर्न फ्रॉम माय

लाइफ एंड व्हाई ट्रुथ एंड ट्रुथफुलनेस इजेंट फॉर एवरीवन। ट्रुथ एंड ट्रुथफुलनेस को डिस्कस करने से पहले हमें पहले ये समझना होगा कि इन दोनों

में फर्क क्या है। देखिए एवरीथिंग दैट इज बिलोंग्स टू रियलिटी। लाइक अगर मैं आपसे यह कहता हूं कि आसमान जो है वह ब्लू है।

सो दिस इज़ अ रियलिटी। सन जो है वो हीट प्रोवाइड करता है। इज़ अ सोर्स ऑफ़ एनर्जी आल्सो। तो ये रियलिटी है। ठीक है? हकीकत है। सच है ये। अच्छा इसी के

ठीक है? हकीकत है। सच है ये। अच्छा इसी के साथ-साथ अगर मैं इन सच ऐसे बहुत सारे सच है जिससे हम हमारी सराउंडिंग में हमारे

मौजूद हैं। सो फूल खुशबूदार हैं और इफ वी से के दिस इज अ ब्लैक कलर फैक्ट है हमने पढ़ा। ऐसी जो रियलिटीज हैं इनको अपने लाइफ

में ऐसी हमारी सच्चाई है जिसको हम अपने इंप्लीमेंटेशन करेंगे। ये सब वो है जो मैं आपको बताई ये सारे सच है और इन सच को अपनी लाइफ में अप्लाई करना और रियलिटी को

एक्सेप्ट करना जो हकीकत है उसको मानना ये एक ट्रुथफुलनेस है। अच्छा ट्रुथफुलनेस जो है वो बहुत इंपॉर्टेंट है। किसी भी लाइफ को स्टार्ट करने के लिए बेशक वो आपकी

प्रोफेशनल लाइफ हो या आपकी पर्सनल लाइफ हो। यह बेसिक है। अगर आपकी लाइफ सच्चाई पे डिपेंड नहीं करती तो वो सर्वाइव नहीं कर

सकेंगे। आपको प्रॉब्लम फेस करनी होगी। आपके जो लोग हैं आपसे एसोसिएट प्रोफेशनल हो या पर्सनल हो। सो वो आपके उन सबको

प्रॉब्लम फेस करनी पड़ेगी। देखिए बीइंग अ मुस्लिम हमें पता है कि हुजूर सल्लल्लाहु ताला वसल्लम ने जब 40 साल की उम्र में

नबूवत का ऐलान किया उस 40 साल से पहले वो उन्होंने कभी भी लोगों से झूठ नहीं बोला और बचपन से हम बहुत अर्ली क्लासेस से हम

ये पढ़ते आए और सुनते आए कि जो लोग ईमान नहीं लाए थे और जो लोग आपको पसंद नहीं करते थे इस्लाम कबूल इस्लाम के अनाउंसमेंट

के बाद वो पहले थे जो 40 साल से पहले की जो लाइफ है वो उसमें आपकी बहुत रिस्पेक्ट करते थे। आप अपनी जो चीजें हैं आपके पास

अमानत के तौर पर रखवाते थे और आप सल्ला वसल्लम हमेशा उनसे सच और ईमानदारी से बिहेव करते थे। और यही वजह थी कि जब आप

सल्ला वसल्लम ने दीन की दावत दी तो वो लोग जो आपके करीब थे और जिनके नसीब में ईमान था उन्होंने फौरन एक्सेप्ट कर लिया कि ये

वाकई में जो बोल रहे हैं वो सच है और एक बहुत बेसिक एक बहुत अच्छा एक वाकया मुझे आया के आप जो है जब शुरू का टाइम था आप

सल्ला वसल्लम नेकी जब दीन की दावत देनी थी सो वो पहाड़ पे चढ़ते हैं और अहले कुरैश को और अले मक्का को आवाज देते हैं और बोलते हैं कि अगर मैं तुमसे बोलता हूं कि

पहाड़ के पीछे से एक फौज आ रही है वो तुम पे हमला करेगी। क्या तुम्हें इस बात पे यकीन है? तो सब ने एक जुबान होकर बोला जी

यकीन है? तो सब ने एक जुबान होकर बोला जी बिल्कुल यकीन है। तो क्योंकि हमने कभी आपको झूठ बोलते हुए नहीं देखा। तो ये एक

देखें बेस थी जो हमारे दीन में बनी कि आप सच्चे थे और जिसकी वजह से लोगों ने आप पर भरोसा किया और उसके बाद आज आप देखते हैं कि दुनिया में ईमान और इस्लाम जो है किस

तरह फैला हुआ है। तो इसका मतलब पता ये चला कि सच्चाई जो है वो बिल्कुल बेस है। अगर वो हिल गई तो इसका मतलब है ओवरऑल बेसिकली तो पूरी की पूरी बिल्डिंग पूरी का पूरा जो

आपकी लाइफ है आपका कररेक्टर है वो सब का सब डिमोलिश हो जाएगा। देखिए बीइंग अ मैथमेटिशियन ये इसी तरीके से मैं समझाता हूं कि मैं हर स्टेप को जब मैथ्स के करता

हूं तो हर स्टेप को मैथ्स के जो रूल हैं कवानीन है जो सच्चाइयां हैं उनको सामने रखते हुए करता हूं और आपको पता है जब अगर मैथ में एक भी स्टेप गलत हो जाए तो जो

मेरा रिजल्ट पहुंचेगा वो गलत डायरेक्शन चलाएगा। मैं एक अपना डिजायरेबल और राइट रिजल्ट हासिल नहीं कर सकता। तो इसका मतलब है कि मुझे हर स्टेप को असूलों के मुताबिक

और सच्चाई के साथ और ईमानदारी के साथ जो मैथ्स ने मुझे समझाए हैं मैथ्स के बेसिक कवानीन है उनके अकॉर्डिंग करना होगा तो मैं अपने एक अच्छे रिजल्ट और सही नतीजे

बता दूंगा। तो ये बेसिकली सच और सच्चाई का जो है वो डिफरेंस है। इसी सच्चाई और सच को मैं अपनी लाइफ में हमेशा स्टूडेंट के फीडबैक के लिए बहुत

ज्यादा इस्तेमाल करता हूं कि कोई भी स्टूडेंट अगर कोई किसी भी तरीके से वीक है या फिर कोई उसको प्रॉब्लम है या वो मुझसे अपने चीजों को डिस्कस करता है तो

मैं उसको ट्रूली जो मेरे व्यूज होते हैं सच है वो मैं उसको देता हूं कि अगर मैं उसको जैसे सपोज उसको मैं अगर उसके अंदर अंदर खामी है या वो किसी भी तरीके से मेरे

सब्जेक्ट में या वो बहुत सी कुछ पर्सनल चीजें या कोई अपनी फ्यूचर चीजों को डिस्कस करने आता है और मैं उसकी सारी बातें सुनकर और उसको सच जो सच है उसको सामने रखते हुए

उसको बिल्कुल गाइड करता हूं और उससे झूठ नहीं बोलता कि उसको गलत बात बोलूं उससे झूठ बोलूं कि ये हो जाएगा वो हो जाएगा बट रियलिटी में मुझे पता है कि ये सब नहीं होना तो ये झूठ है तो ये उसको मिसगाइड कभी

भी नहीं करता और उसको इस वजह से अगर कोई फिर उसको हेल्प चाहिए होती है कि किस तरीके से उसको उसके वीकनेसेस पे काम कर सकें तो हम काम करते हैं और मैंने बहुत पॉजिटिव रिजल्ट देखे हैं और इवन के ऐसा

ऐसा भी होता है। इवन आज भी जब ये वीडियो बना रहा हूं तो एक स्टूडेंट जो है वो मेरे पास आती है और बोलती है मतलब इसको कुछ ऐसे स्टूडेंट को मैंने तकरीबन दो साल पहले पढ़ाया कि वो मिस करते हैं कि सर आप बड़े

अच्छे से समझाते थे आप सच बोलते थे आप मेरे अंदर मेरे बुराइयां थी उसको बताया ताकि स्टूडेंट को उसकी सच्चाई और हकीकत से हम जब तक उनको आशना नहीं रखेंगे जब तक वो

स्टूडेंट आपकी रिस्पेक्ट नहीं करेगा और यही चीज मैं अपने प्रोफेशनल लाइफ में अपने सब्जेक्ट में भी करता हूं कि अगर कोई स्टूडेंट ऐसा क्वेश्चन पूछ लेता है 15 20 साल हो गए इस फील्ड में बट स्टिल कभी ऐसा

होता है ऐसा क्वेश्चन मेरी फील्ड से या कोई एक जनरल क्वेश्चन ऐसा पूछता है जिसका आंसर मुझे नहीं आता मैं बिल्कुल सच्चा हो के बोल देता हूं कि अगर बता सकता हूं सही है उस टाइम अगर नहीं हो सकता तो मैं सच्चा

बोलता हूं कि ये मुझे नहीं आता मैं मुझे टाइम दीजिए मैं इसको जो है वो सर्च करके आपको बताऊंगा और ये मेरे साथ बहुत अर्ली जब मैंने स्टार्ट किया अपना करियर तो ये मैंने फेस किया कि मैं बहुत

डरता था कि अगर मैं स्टूडेंट को ये बोल दूंगा कि मुझे ये नहीं आता आता तो बच्चे स्टूडेंट बोलेंगे ये कैसे चीज है इनको ये नहीं आता पर मैंने शायद ओवर टाइम अल्लाह ने मुझे बड़ा हिम्मत दी और मैंने ये

जिंदगी में पहली दफा मुझे अच्छे से याद है जब मैंने ये बोला के आई रियली डोंट नो कि जो आप पूछ रहे हैं वो मैथ का ही सब्जेक्ट काम था मुझे नहीं पता इसके बारे में एक्सैक्टली मुझे सर्च करने

का और ऑनेस्टली स्पीकिंग इट वाज़ अ वेरी वेरी वेरी गुड एक्सपीरियंस और स्टिल मुझे वो याद है इसी वजह से कि बच्चों ने बहुत एप्रिशिएट किया कि सर ओ वाओ आपको नहीं याद

आपने एक्सेप्ट किया ये बात तो अगर मतलब आप सच बोलेंगे अपने आप से तो इसका मतलब है कि आपकी हर कोई रिस्पेक्ट करेगा। सो मैं अपनी लाइफ में भी इस चीज को

अपनी प्रोफेशनल लाइफ को भी कोशिश करता हूं जिस हद तक हो सके अप्लाई करूं और स्टूडेंट को इस चीज को फोकस करूं के आप लोग सच बोल

और अगर आपके अंदर कोई परेशानी आपको कोई प्रॉब्लम है देखिए हर कोई हर चीज में परफेक्ट नहीं हो सकता। बहुत सी चीजों में मैं परफेक्ट हूं। बहुत सी चीजों में आप

परफेक्ट हैं। बट फर्स्ट यू हैव टू टेल ट्रुथ टू योरसेल्फ। आप किसी और से सच से पहले अपने आप से सच बोले। कि आप वाकई में क्या जो कर रहे हैं जो जिसे हम कहते हैं

ना जमीर आपका स्पिरिट है। आप उससे पूछे कि आप जो कर रहे हैं क्या वो सही है। अगर आप अपने से सच बोलना शुरू कर देंगे तो आप फिर किसी और से फिर शायद झूठ बोलते हुए 10 दिन

में सोचें कि नहीं ये गलत है। तो इस बात को हमने जो है वो याद रखना है। मैं अपनी प्रोफेशनल लाइफ में भी इसको अप्लाई करता हूं। कोशिश करता हूं कि अपने आसपास जो

स्टूडेंट है उनके साथ सच्चाई से काम करूं। अच्छा सच्चाई आपके सिर्फ प्रोफेशनल लाइफ में ही आपको कामयाबी नहीं देती। आपकी पर्सनल लाइफ जो कि बहुत इंपॉर्टेंट होती है क्योंकि प्रोफेशनल लाइफ आप कभी भी कुछ

किसी भी प्रोफेशन से हो वो एक लिमिटेड टाइम होता है दिन का जिसको आप गुजारते हैं पर आप अच्छे मोमेंट्स जैसे आपके कोलीग्स होते हैं उनके साथ तो होता ही है अपने

लाइफ अपने पेरेंट्स के साथ अपनी फैमिली के साथ शेयर करते हैं अगर इसी तरह फैमिलीज़ में आपके रिलेटिव्स होते हैं तो उनके साथ अगर आप सच रहेंगे देखिए बहुत से रिलेशंस

ऐसे होते हैं हमें लगता है कि अगर मैं इसे सच बोल दूंगा तो यह शायद मुझे छोड़ दे या उसको बुरा लगे या गुस्सा करे। बड़े-छोटे अलग-अलग एक्सपीरियंस होते हैं कि आप किससे बात कर

रहे हैं। पर मैंने ये एक्सपीरियंस किया है कि मैंने जब देखें इंसान कोई भी हो गलतियां तो करता है। मैंने भी लाइफ में कभी झूठ बोला है। मैं ये नहीं कह रहा कि

मैं सदोमीन इंसान हूं। बट होता है। मैंने यह फील किया बाद में जब मैंने यह सोचा कि वाकई में यह जो झूठ मैंने बोला है ये वक्त तौर पे तो मुझे

इसने फायदा दिया है। बट लॉन्ग टर्म में ये बात एक्सपोज हो जाएगी और वो हुआ ऐसा और वाकई में जब हुआ तो मुझे बहुत ए्बरेसिंग फील हुआ कि जिस भी शख्स से मैंने बोला था

एक्स व जेड उसने मतलब एक अच्छा जस्ट पे शो नहीं किया। बोला तुमने झूठ बोला उसे। सो आई थिंक बहुत सी लाइफ की चीजें हैं जो वक्त दौर पर झूठ पर मोबनी होती है। हमें

लगता है कि हमें चीजें जो है वो मिल जाएंगी। सो बट ऐसा होता नहीं है। आप सच बोल देंगे तो मेरे ख्याल से चीजें वक्त दौर पे तो कहते हैं ना झूठ सच जो है वो

कड़वा होता है और झूठ मीठा होता है। तो वक्त दौर पे हो सकता है हमें लगे कि हमें ये चीज जो है वो मिल जाए। बट वो लॉन्ग टर्म सर्वाइव नहीं करती। ये मेरे लाइफ में

भी रहा। फिर मैंने जब चीजें रियलाइज करी कि नहीं ऐसा नहीं है। मुझे अब सच बोलना चाहिए। कुछ-कुछ जगहों पे जहां झूठ बोल देता है बोल देता हूं वहां भी मुझे ख्याल करना चाहिए। तो मैंने उन जगहों पर भी किया

और फिर उसके बाद जब शुरू जब लोगों ने एक्सेप्ट कर लिया इस बात को कि यह बंदा सच्चा है ये झूठ नहीं बोलता वक्त तौर पे हो सकता है बातें बुरी लगती है उनको लगती

थी अब वो भी नहीं लगती आपको जब आपका एक कररेक्टर बिल्ड हो जाता है ना कि इससे बात करेंगे तो सही जवाब देगा जब ये माइंडसेट इस किसी का भी हो जाता है आपके सामने वाले

का सो वो फिर आपसे फिर जो है ना वो उसी तरीके से डील करता है वो उसको फिर बाद बुरी लगना शुरू शुरू में लगती है फिर बाद में बुरा लगना छोड़ देती है बस सीधा फिर आपके पास आता है। आप यह देखेंगे अपनी लाइफ

में कि मैं एक्सपीरियंस करता हूं कि बहुत से लोग जो शुरू में बुरी लगती थी उनको बात। मतलब अब मुझसे मशवरा लेते हैं। उसको पता है कि ये जो बात करेगा बिल्कुल सच बोलेगा। ये सच बोलेगा ये नहीं सोचेगा कि

मैनपुलेट नहीं करेगा। इधर से उधर उधर कनेक्ट सीधी बात करेगा। तो जो लोग वाकई में अप्रिशिएट करते हैं लाइफ में। और सच की एक और बहुत इंपॉर्टेंट चीज बताऊं। आपको बहुत कॉन्फिडेंट

फील होता है। आपको पता है कि जो आपने क्लास में पढ़ाया है, आपने जो अपने प्रोफेशनल जो कोलीग्स हैं, आपकी जो प्रोफेशनल हरारकी है, अपने सीनियर्स से जो

बात की है वो सच बोली है। तो आपको कोई जो है वो ब्लैकमेल नहीं कर सकता कि तुम्हें पता है तुमने वो बात की थी और यह बात की थी तो मैंने यह बात की और मैंने आ गई तो

तुमने झूठ बोला। नो नो वन कैन प्ले विद यू। आई एम शेयरिंग यू अ वेरी इंपॉर्टेंट एक्सपीरियंस कि ऐसा होता है लाइफ में। आप जब सच बोलते

हैं ना सबको पता है यार इसको तो हम किसी तरीके से कर ही नहीं सकते क्योंकि बॉस से लेकर आपके लास्ट जो आपका केयर करने वाले जो आपके सपोर्टिंग स्टाफ होते हैं वो सब आपकी रिस्पेक्ट करते हैं क्योंकि आप सच

हो। अगर आप झूठ बोलते हो ना आपका बॉस अच्छा बॉस को पता होता है जो भी आपके सीनियर हैं उनको पता होता है कि ये क्योंकि झूठ छुपता नहीं है आपको पता है ना कहते हैं मिसाल है कि एक झूठ बोलने के लिए

एक झूठ को छुपाने के लिए 100 झूठ बोलने पड़ता है और ऐसा है आपकी लाइफ में देखिए आपको लगता है कि बहुत से चीजें एक झूठ बोलते हैं फिर आपको दूसरा झूठ बोलना पड़ता

है और मजे की बात बताऊं कि आपकी जो लाइफ है ना वो झूठों में झूठ में ऐसे घिर जाती है कि आप उससे निकल नहीं पाते यू

विल बी ट्रैप्ड कि आपको क्या किसको क्या बोला था कुछ पता नहीं चलता। आप मेंटली तौर पे स्ट्रेस में रहते हैं। आप फोन आता है किसी से अगर आपने झूठ बोला हुआ है तो फोन आता है उसको पता नहीं चलता। बहुत से

एक्सपीरियंस मैं आपको बताऊं ये भी हुआ के मैं दोस्त किसी दोस्त क्या कहूं कि कोई भी शख्स है एक्स व जेड उसको मैंने फ़ करा। मैं सामने खड़ा हुआ मैं उसको देख रहा हूं या होटल में बैठा हुआ है। मैं उसको देख रहा हूं कि वो बैठा हुआ है। मैं फ़ करता हूं।

हां भाई ऐसे ही मुझसे मिलने के लिए तफरी के लिए देखते हैं क्या बोलता है। फ़ कर रहा हूं। तो वो बोलता है यार मैं तो यार निकला हूं। मैं तो इधर गया हूं। उधर गया हूं। मैं तो सदर में हूं। तो मैं बोलता हूं यार ये मैं तुम्हारे पीछे खड़ा हूं। वो एकदम

शर्मिंदा यार ये क्या हुआ? बस वो फिर मजाक में लेके चला जाता हूं। पर बात की छोटी सी मिसाल थी। वो मजाक बोले कि मजाक कर रहा था ये कर रहा था। पर वो झूठ बोल रहा था। तो ऐसी भी छोटी-छोटी चीजें नहीं आपको नहीं

बोलना। हां यहां बैठा हूं। क्या करोगे?

क्योंकि क्या बात करनी है? क्या क्यों बात करनी है? नहीं मैं अभी मिलना नहीं चाहता

करनी है? नहीं मैं अभी मिलना नहीं चाहता यार। कल मिलूंगा। मैं मेंटली तौर पे अभी फ्रेश नहीं फील कर रहा। जो भी आप फेयर रहो कि भाई मैं नहीं कर सकता मैं अभी नहीं मिल सकता मैं कल मिल लूंगा तो आपको लगेगा कि

आप को इंशाल्लाह लोग बहुत रिस्पेक्ट करेंगे। अच्छा ये स्टूडेंट के लिए क्यों इंपॉर्टेंट है? देखिए स्टूडेंट की जो लाइफ

इंपॉर्टेंट है? देखिए स्टूडेंट की जो लाइफ है उसमें बहुत इंपॉर्टेंट जो है वो रोल होते हैं उसके मार्क्स। अब स्टूडेंट करते क्या है? वो

क्या है? वो चीटिंग की तरफ जाते हैं जो स्टूडेंट वीक होते हैं किसी सब्जेक्ट में और वो चीटिंग बेसिकली क्या है? चीटिंग आप अपने आपको अपने आप से झूठ बोल रहे हैं ना कि आपको एक

चीज नहीं आती और रिजल्ट आता है। आपके मार्क्स आते हैं उसमें और आप बोलते हैं कि आप खुशी फील करते हैं। आपके पेरेंट्स आपके पेयर्स जो है वो हैप्पी होते हैं कि आप इतने अच्छे नंबर लाए। पता चला वो चीटिंग

करके लाए। तो आपने वो जो सक्सेस फॉर द टाइम बीइंग हासिल की है वो आपने अपने आप से झूठ बोल के हासिल की कि आपने ये कामयाबी हासिल की पर रियलिटी में तो ऐसा नहीं है वो तो आप उसकी कैपेबल नहीं है।

मैंने ऐसे बहुत से केसेस देखे हैं लाइफ में जिनके स्कोर्स उन्होंने चीटिंग करके हासिल कर लिए। पर जब उनका करियर शुरू हुआ तो करियर में उन्होंने बिल्कुल भी ग्रोथ

नहीं करा। क्योंकि वो जो चीजें जो पेपर्स में शो हो रही थी वो रियलिटी में उनके अंदर थी ही नहीं ना। तो देखें स्टूडेंट के लिए ट्रुथ जो मैंने आपको पहले बताया कि

अपने आप में सच बोलना कि मुझे एक चीज नहीं आती एक्सेप्ट करो कि नहीं आती मैं वर्क करूंगा नंबर कम आएंगे कोई बात नहीं मैं उस पे वर्किंग करूंगा मेहनत करूंगा क्योंकि हार्ड वर्क का अल्टरनेट कुछ नहीं है

जिंदगी में जो भी कामयाब लोग हैं तो कहीं से भी अगर आप कहीं किसी लेवल से भी उठे हैं आपने कामयाबी ली है तो आप किसी की भी हिस्ट्री पढ़े उन्होंने मेहनत की है तो मेहनत हर चीज का हल है तो स्टूडेंट मेहनत

करो करें उसके लिए कामयाबी के चीटिंग से अवॉयड करें। लेकिन चीटिंग एक पहला स्टेप है झूठ का कि आप चीटिंग करते हैं और वो चीज़ हासिल करते हैं जिसके लिए आप डिर्व

नहीं करते। सो ये एक चीज़ को एक्सेप्ट करना वही चीज़ आपकी फिर अपनी लाइफ में जाती है। प्रोफेशनल लाइफ में। प्रोफेशनल लाइफ में क्या होता है? फिर प्रोफेशनल लाइफ में आप लेग पुलिंग करते हैं। आप कैपेबल नहीं होते

कि बहुत कॉमन है क्या? या तो आप जो माइंडसेट है लोगों का या तो आप कामयाब हो जाओ मेहनत करके। वरना फिर दूसरे को कामयाब

ना होने दो। यह मतलब उसके लिए लेग पुलिंग करो। फिर वो शॉर्टकट करते हैं। देखिए शॉर्टकट्स का कोई वो नहीं है। शॉर्टकट फॉर द टाइमिंग आपको लगता है कि सक्सेस मिल

जाएगी। पर कोई भी चीज जो इललीगल तरीके से जो नेचर से जो मैंने आपको बिल्कुल स्टार्ट बताया जो कुदरत ने जो बनाया जो रूल्स के अगेंस्ट जाएगी वो सर्वाइव वो सस्टेन नहीं कर सकती। वो कोलैप्स हो जाएगी थोड़े टाइम

बाद। तो इस चीज को स्टूडेंट जो है बहुत इंपॉर्टेंट अपने रखें कि चीटिंग से अवॉइड करें। मेहनत करें। और यह मेहनत जब शुरू से जब लाइफ़ यहां स्टडी से स्टडी लाइफ़ से

करेंगे, तो वही मेहनत उनके अंदर जब फिर आ जाएगी, तो वो फिर अपनी प्रोफ़ेशनल लाइफ़ में मेहनत करने से बिल्कुल घबराएंगे नहीं। देखिए एक चीज कह के मैं थोड़ा सा कंक्लूड

करूंगा इस बात को के जो आपके नसीब में है ना वो रिस्पेक्ट इज्जत हो पैसा हो

आपके रिलेशंस हो आपके कोई भी चीज जो आपको लगता है कि आपके साथ होनी चाहिए बेशक वो लोगों की फॉर्म में हो या फिजिकल मटेरियलिस्टिक चीज हो अगर वो आपके नसीब

में है ये मेरा ईमान नहीं है सिर्फ ये हर मुसलमान का ईमान नहीं कुदरत का निजाम है। जो चीज अल्लाह ताला ने आपके नसीब में लिखी है ना वो आपको मिलके रहे। एक छोटा सा

वाकया है जो मुझे बहुत अच्छा लगा कि हजरत मूसा अल सलाम ने अल्लाह ताला से पूछा के अल्लाह तुझे हंसी आती है कभी? तो अल्लाह

ताला ने कहा हां मुझे भी हंसी आती है। तो मूसा सलाम ने फरमाया कि कब आती है तुझे हंसी? तो उन्होंने अल्लाह ने फरमाया कि

हंसी? तो उन्होंने अल्लाह ने फरमाया कि मुझे दो जगहों पर दो दफा हंसी आती है। नंबर वन कि जब सारे लोग दुनिया के एक शख्स

को कोई चीज देने की कोशिश करते हैं और देने का मतलब वो इज्जत है, माल दौलत है, सक्सेस है, कुछ भी और मैं नहीं चाहता कि मैं उस शख्स को इज्जत ये चीज दूं। और मुझे

हंसी आती है कि मैं बनाने वाला, मैं कायनात का मालिक। मैं डिसाइड करूंगा ना कि इसको देना या नहीं देना। यह सब क्यों?

इतनी मेहनत कर रहा है तो मुझे हंसी आती है। कितने बेवकूफ लोग हैं। मैंने इनके नसीब में नहीं लिखा है। आपको नहीं मिला। और दूसरी बात दूसरी बात कब हंसी आती है?

जब मैं किसी चीज से कोई शख्स से कोई चीज लेना चाहता हूं। कोई देना चाहता हूं के इसको कामयाबी दूं। उसको सक्सेस दूं। उसको

पैसा दूं, उसको सेहत दूं और लोग जेलसी के लेग पोलिंग बहुत कोशिश करते हैं। उनसे लेना चाहती हूं। मुझे हंसी आती है कि मैं अब हूं। मैं फैसला कर चुका हूं। मैंने

देना है ऐसे तो ये क्यों कर रहे हैं? तो

मुझे हंसी आती है लोगों की नादानी में। तो देखें ये याद रखिएगा कि आप सच बोल रहे हैं। कामयाबी आपके साथ है। क्योंकि आप अल्लाह के बनाए हुए रास्ते पे चल रहे हैं। जो अल्लाह ने

बोला है कि सच बोल। जो मैंने आपको बिल्कुल सारी बातें जो बताई उसके हिसाब से आपने कंक्लूड कर लिया होगा कि कायनात का बेसिक रूल है ये। तो अल्लाह के जब बताए हुए चीज पे चलेंगे। सच बोलेंगे तो आपको कोई आपकी

कोई ऐसा यह नहीं सोचेगा कि आपको कोई डिसरिस्पेक्ट करे। कुछ नहीं करेगा। आपकी हमेशा लाइफ में सक्सेस आपको मिलेगी। वो रिस्पेक्ट में हो, रिलेशंस में हो,

फाइनेंशियली हो या सक्सेस ग्रोथ आपकी प्रोफेशनल ग्रोथ हो हर तरीके से। ये मेरा अपना पर्सनल भी ऑब्जरवेशन है, पर्सनल भी एक्सपीरियंस है। तो मेरा सबको यह मैसेज

है। देखिए सच जो है वो बेसिक है हमारी किसी भी लाइफ को स्टार्ट करने के लिए। तो प्लीज सच बोलिए। स्पीक ट्रुथ एंड बी

ट्रुथफुलनेस। इसको आप फॉलो करें और देखेंगे आपकी लाइफ में जो है वो बहुत जो है वो कामयाबी और बहुत सारी चीजें जो चेंज होंगी। फॉर द टाइम बीइंग हो सकता है आपको

लगे कि ये बहुत पेनफुल है आसान नहीं है। कोई भी चीज स्टार्ट करते हैं। मैंने भी आपको बताया मैं भी कभी कबार झूठ बोलता था और जब सोच लेता है इंसान तो फिर उसप

वर्किंग करता है और ग्रेजुअली उसको सक्सेस मिल जाती है। थैंक यू वेरी मच। टेक केयर।

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