Tartib E Zindagi | Heart Touching bayan | Molana Ibadullah Raiwind Ijtema Bayan 2025 | RSA Writes
By RSA Writes
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Topics Covered
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यह कीमती जिंदगी है इसको कीमती बना ले दोबारा नहीं मिलनी कैसे अल्लाह को राजी करे आमाल तरतीब जिंदगी ठीक करें रात को जल्दी सोना है
सुबह को जल्दी उठना है नमाज पढ़ो कुरान पढ़ो इशराक से पहले जो सो जाते हैं ना या जो उठते ही नहीं है य जो फजर पढ़ते ही सो
जाते हैं यह बरकतों से महरूम होते हैं ये जो बैठे हुए हैं ना अभी इनमें से अक्त वो है जो फजर में नहीं होती मस्जिद में
इनका बेटा नहीं होता है इनका दामाद नहीं होता है इस इन्होने रिश्ता करते वक्त यह नहीं देखा कि यह नमाज पढ़ता है कि नहीं पढ़ता इन्होने देखा कि यह पैसा कितना
कमाता है यह बेटी का रिश्ता तलाश कर रहे हैं किसको किस किसको पैसा कौन ज्यादा कमाता है
ये नहीं देख रहे तक वाला कौन है ईमान वाला कौन है आमाल वाला कौन है हैया है कि नहीं अल्लाह का खौफ है कि नहीं
इसमें इसमें इंसानियत है कि नहीं मशरा बिगड़ा हुआ है मारा बिगड़ा हु है मारा कैसे सम
रेगा तुम अपने आप को ठीक करो तुम अपने आप को ठीक करो अपने घर को ठीक करो अपने बोलने को ठीक करो अपने सुनने को ठीक
करो अपने देखने को ठीक करो अपनी कमाई को ठीक करो अपने खर्च को ठीक करो अपने घर के निजाम को ठीक करो मुशरा संभरना शुरू हो
जाएगा तो भाई जिंदगी जा रही भागी जा रही भागी जा रही हम जितने बैठे हुए हैं हम सबके बारे में एक दिन यह कहा जाएगा
फौत हो गए क्या हो गए और सुनने वाला पता क्या कहेगा इन्ना लिल्ला व इना राज और फौरन
पूछेगा जनाजा कब है जनाजा कब है के जी जोर में है जनाजा पढ़ा व
गए अक्सर जनाजा पढ़ के घरों को कुछ जो बहुत करीबी है दफना के और दफना के घर में आते हैं और पता क्या होता है रोटी लाओ बोटी लाओ गरम गरम
दो चार पाच छ दिन तजक खत्म तो मेरे भाइयों अपनी जिंदगी की तरतीब ठीक करें तरतीब जिंदगी ठीक करें घर जाएं
सब घर वालों से सब घर वालों से तय करवाए कि देखो भाई अपनी जिंदगी की तरतीब ठीक करो निजाम उल औकात बनाए सब अपना निजाम उल औकात
बनाए घर वालों से निजाम उल औकात बनवाए पेंसिल लो हर बच्चे के हाथ में कागज कलम दो कि बेटा लिखो कब सोना है कब उठना है
नमाज की तरतीब बनाओ कुरान कितना पढ़ना है रोजाना तस्बी करनी है सैर करनी है इतने वक्त सैर करो जिम जाना है जाओ यह वक्त है जिम का
तुम्हारा खेलना है खेलो यह वक्त है खेलने का यह वक्त है तुम्हारा दुकान दफ्तर कारोबार का इतना वक्त तुम्हें मस्जिद को देना है इतना वक्त तुम्हें कुरान को देना
है सबसे तय करवाओ ये क्या सो रहे तो सो रहे
बैठे तो बैठे बातें तो बातें सियासत है तो सियासत है हालत हजर तो हालत हजरा प चल
पड़े मुझे परसों फोन आया क्या ईद वाले दिन कहता मैंने मिलना है आपसे मैंने कहा जी बात करो क्या बात करनी है कह जी मैंने
मिलना है मैंने कहा काम क्या है कि जी वैसी गपशप मारनी है गपशप मारनी है है वो इतना
वेला गपशप मारनी है व मुसलमान के पास कहां वक्त है गपशप मारने का कहते आओ बैठो जरा कोई वक्त बैठ के वक्त पास
करें व ये बड़ी कीमती जिंदगी है और नहीं मिलनी दोबारा और जा रही है एक एक दिन कीमती है एक एक मिनट कीमती एक
एक ल कीमती है इसको कीमती बना ले यह गन्ने का रस भेजता है ना गन्ने को डालता है बीच में मशीन के फिर छिलके को दौरा करके फिर डाल देता है चौरा करके फिर डाल देता है
उसको नि चोड़ता अच्छी तरह इस तरह इस जिंदगी को कीमती बना ले अजीब अजीब बात है अगर किसी की समझ में
आ जाए ना बड़ी अजीब बात है बहुत ही अजीब बात है अगर समझ में आ जाए ना समझ में आए तो कुछ भी नहीं है
वो दफनाने के बाद ना कब्रस्तान में किसी ने पूछा कि जिसको हमने अभी दफनाया
है अगर इसको दुनिया में वापस भेज दिया जाए तो यह क्या करेगा नमाज छोड़ेगा कि पढ़ेगा कि पढ़ेगा वक्त कैसे गुजारे कि बड़ा सही को
गलत काम करेगा कि नहीं नहीं सच बोलेगा झूठ नहीं सच बोलेगा गाना सुनेगा कि कुरान क गाना कुरान सुनेगा गाना कभी नहीं सुनेगा
के उन्होने कहा देखो जिसको दफनाया है ना इसने तो वापस आना कोई नहीं हम अभी मौजूद हैं हम तो वक्त को कीमती बना द हम तो
तरतीब जिंदगी ठीक कर लेंगे हमने भी मर जाना है एक दिन और जब हमने मर जाना है फिर वापस हमने भी कोई नहीं आना ओ
यह बहुत ऊंची बात और गहरी बात है अगर किसी की समझ में आए ये जितने भी आते हैं ना ये बयान सुनने नहीं आते बहुत कम लोग है जो बयान सुनने
आते हैं वो तो जुमा पढ़ने आए इसलिए एक बज गया अब घड़ियों की तरफ नजर उठेंगी और बात को
समझे बात को समझे एक आया मेरे पास कोई वजीफा बताओ बड़ी परेशानी है मैंने कहा तुम फजर की नमाज मस्जिद में पढ़ते हो क नहीं फजर में तो नहीं उठा जाता वजीफा बताऊं
जाहिल कहीं का नमाज मस्जिद में पढ़ो ये वजीफा है सबसे बड़ा नहीं तो कोई वजीफा बताओ मैंने कहा अच्छा रोजाना कुरान पढ़ते हो तुम कि नहीं
जी कुरान पढ़ने का तो वक्त नहीं मिलता और ये कुरान वजीफा है देखो भूख लग रही तो आदमी खाना खाता है कि वजीफा पूछता है गाड़ी खराब हो गई तो गाड़ी ठीक करवाते कि
वजीफा पूछते है मशीन खराब हो गई आपकी फैक्ट्री में तो आप वजीफा पूछते हो वजीफा
बताओ मुझे बहुत से लोग आते हैं अ म साब य जरा फूक मार देना मैं कहा मैं तो लोगों की फूक निकालता हूं हम तो लोगों की फूक निकाल रहे हैं फूक तो
भरी पड़ी है लोगों में य फूक मारने का काम नहीं है यह दम और वजों का काम नहीं है अ मैं पिछ एक जगह गया हुआ था मैं नाम नहीं लेता वो जिसे देखो
बोतल लेके आ रहा म सा दम कर दो अ मला से फूक मार दो और मैं कहा भाई तबलीग में पीर परस्ती कोई नहीं है ये फूक फूक वाला काम नहीं
है जिंदगी की तरतीब ठीक करो पांच वक्त नमाज पढ़ो रात को जल्दी सो सुबह को जल्दी उठो रोजाना कुरान पढ़ो चलो आधा सिपारा चलो
पाव सिपारा चलो दो रुक तस्बी करो तस्बी करो हाथ में तस्बी हो जेब में तस्बी हो सुबह शाम की दुआएं मा
पढ़ो गुनाहों से बचो बोलने को ठीक करो देखने को ठीक करो सुनने को ठीक करो कमाई को ठीक करो खर्च को ठीक
करो एक साबी कैद हो गए एक सहाबी कैद हो गए काफिरों की कैद बेड़ियों में जकड़े गए
उनके वालिद हुजूर सलम के पास आए हुजूर मेरा बेटा कैद हो गया है अल्लाह के नबी ने दो बातें फरमाई दो बातें पहली बात फरमाई
उससे कोहो तकवा इयार करे उससे कहो तकवा इख्तियार करे और दूसरी बात फरमाई उससे कहो ला हला लावत इल्ला
बिल्लाह कसरत से पढ़ा करें ला हौला वला कुवत इल्ला बिल्ला कसरत से पढ़ा
करें वजीफा बाद में बताया पढ़ने वाला अमल पहले बताया तकवा तकवा तकवा किसे कहते हैं गुनाहों से
बचो गलत ना बोलना गलत ना देखना गलत ना सुनना कमाई गलत ना हो खर्च गलत ना हो लिबास ठीक करो शक्ल ठीक करो गुनाहों से
बचो अब वजीफा पढ़ो इसमें जान होगी गोली बंदूक में रख के मारो शेर भी मरेगा हाथ से मारो बिल्ली भी नहीं
मरेगी वजीफे में जान आती है ताकत आती है किससे तवे से गुनाहों से बचो अमली जिंदगी ठीक
करो तो भाइयों बड़ी कीमती जिंदगी और जा रही है जा रही है नहीं मिलनी
दोबारा हां एक एक दिन कीमती एक एक मिनट कीमती इसको कीमती बनाए कैसे अल्लाह की तात और फरमाबरदार आमाल का
एहतमाम रात को जल्दी सोए सुबह को जल्दी उठे रोजाना पांच वक्त नमाज घर का हर फर्द जो नमाज नहीं पढ़ते गफलत करते कभी
पढ़ते कभी नहीं पढ़ते यह परेशानियों को दा मुब को दावत दे रहे अल्लाह के अजाब को दावत दे रहे अल्ला से टक्कर ले रहे हैं अल्लाह ने जिस चीज को अहम कहा यह कहते हम
नहीं है अल्ला जिस चीज को जरूरी कर य कते कोई जरूरी नहीं है अल्ला जिस चीज का हुकम दे रहे क कोई
जरूरी नहीं है नमाज नमाज जितने बैठे हुए ना घर जाओ अपने घर के सब बच्चों को
को बहु को सबको बिठा सबसे तय करवाओ अपना निजाम कात बनाओ
सब सब निजामत बनाओ कागज पर लिखो भाई सब लिखो सोना किस वक्त उठना किस वक्त नमाज किस वक्त कुरान किस वक्त कितना कुरान
पढ़ना है एक सिपारा आधा सिपारा प सिपारा घर का हर फर्द पढ़े तस्बी करनी है या आमन
अल्लाह फरमा र ईमान वालो अपने आप को अपने घर वालों को जहन्नम की आग से
बचाओ कितनी फिक्र बच्चों की मुस्तकबिल की बच्चियों की शादी की जहेज की जेवर की उनका
मकान बन जाए कितनी फिकर है इन बच्चों बच्चियों की आखरत की फिक्र करो इनकी कबर अच्छी हो इनकी कयामत अच्छी
यह दन पर है अल्लाह फरमा रहे अपने आपको अपने घर वालों को जहन्नम की आग से बचाओ जहन्नम का धन क्या है इंसान है
इंसान पत्थर इंसान इनको बचाओ घर वालों को जहन्नम की आग से इन्ह दीनदार बनाओ इन्ह दन सिखाओ हर
नमाज में बच्चों के लिए दुआ है र जानी मुकीला क्या मांगा अल्ला मुझे क्या बना नमाज कायम
करने वाला बना मुझे मालदार बना मुझे बड़ा ताजिर बना नहीं मुझे क्या बना नमाज कायम करने वाला और किसे
मनती मेरी औलाद को नमाज कायम करने वाला बना दे नमाज कायम करने का मतलब क्या होता है खाने वाली नमाज ना हो दिल लगा के नमाज
पढ़ने वाले हो एक खाने नमाज एन टाइम पर और भागे और
सारी नमाज में पता नहीं दिमाग क घूम रहा है दिल लगा के नमाज पढ़ो मुस्त बात की त करते हुए आदाब की त करते हुए अरकान की
रियत करते हुए वाज बात की त करते हुए नमाज को दिल लगा के पढ़ो अकी
सला नमाज कायम करो अल्लाह की याद में डूब के नज पढ़ो क्या खूबसूरत तर्जुमा किया इसका
अलाली अल्लाह की याद में डूब के नमाज पढ़ो अल्लाह की मोहब्बत से नमाज [संगीत] पढ़ो अल्लाह की मोहब्बत से नमाज होगी ना
तो रुकू सजदे की तस्बी लंबी होनी शुरू हो जाएगी उसके रुकू सजद की तस्बी कभी न कभी 11 कभी 13 कभी 21 आप सब अपने आप से पूछो
पूरे साल में कोई सजदा आपका नौ तस्बी तक गया पूरे साल में कोई सजदा आपका 21 तस्बीह तक गया चलो पूरे साल में कोई सजदा आपका नौ
तस्बीह तक सात तस्बी तक गया अभी तो तीन तस्बीह पड़े हुए हैं तीन तस्बी पड़े हुए
हैं मेरे भाइयों एक गुजारिश है आज सबसे अपना निजाम उल औकात बनाए अपना निजाम उल औकात बनाए घर वालों से अपना निजाम मुलाकात
बनवाए रात को जल्दी सोना है सुबह को जल्दी उठना है पांच वक्त नमाज घर का कोई फर्द बे नमाजी ना हो फजर में मस्जिद भरी
हो फजर में मस्जिद जुम्मे के लिए नहीं है मस्जिद पांच नमाज के लिए है और पांच नमाज में सबसे पहली नमाज फजर है यह सब फजर में
मस्जिद में हो रोजाना कुरान पढ़ना है सब तय करें अपना एक सिपारा आधा सिपारा पा सिपारा जिक्र करना है दुआ मांगनी है हम
अल्लाह के मोहताज है अल्लाह से मांगे परेशानियों से अल्लाह बचाएगा मुसीबतों से अल्लाह बचाएगा
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