मूली के रहते हुए आलू ने कर ली दूसरी शादी | गाजर मूली की सौतन बनकर आई घर 😱
By Sabjiyo Ki Duniya
Summary
Topics Covered
- विश्वास टूटा तो घर टूटा
- असली रिश्ता पैसों से नहीं, पहचान से
- अकेले का फैसला सबको सज़ा देता है
- प्यार कभी-कभी जाने देने में है
Full Transcript
आज आलू के लिए उसकी पसंद की सब्जी और गरम-गरम रोटियां बनाऊंगी। सुबह से ऑटो चलाने गया है। बेचारा बहुत मेहनत करता है।
लगता है आलू आ गया। आलू ये ये सब क्या है?
कुछ बोल [संगीत] भी। आखिर यह लड़की कौन है?
यह गाजर है। वो तो मुझे भी दिख रहा है, लेकिन यह तेरे साथ दुल्हन बनकर क्यों खड़ी है?
मैंने इससे शादी कर ली है। क्या कहा तूने?
आज से गाजर मेरी पत्नी है। तो मैं कौन हूं? बोल, मैं कौन हूं?
तू भी मेरी पत्नी है। चुप, बिल्कुल चुप। शर्म नहीं आई तुझे?
दीदी, मेरी बात सुन लीजिए। मुझे दीदी मत कहना। मुझे नहीं पता था कि नाटक मत कर। शादी करने से पहले एक बार भी नहीं पूछा पत्नी है या नहीं।
मुझे नहीं पता था कि क्या कहा था? उसने
कहा था कि उसकी पत्नी उसे छोड़ कर चली गई है। झूठ बोला तूने, बोल। मैं मजबूर था। कैसी मजबूरी? क्या कमी रह गई थी मुझ में?
कैसी मजबूरी? क्या कमी रह गई थी मुझ में?
[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं बाद में समझाऊंगा। नहीं, अभी समझा। अभी नहीं। तो फिर इस घर में कदम मत रखना। यह मेरा भी घर है।
घर। जिस घर की नींव विश्वास पर थी, उसे तूने अपने हाथों से तोड़ दिया। [रोने की आवाज़] रुक जा। इस चौखट के अंदर कदम रखने से पहले
याद रखना इस घर की पहली बहू मैं हूं। मैं किसी का हक छीनना नहीं चाहती थी लेकिन छीन लिया। बस करो मूली। तू मुझे चुप कराएगा?
मैं लड़ाई नहीं चाहता। और जो तूने किया उसे क्या कहते हैं?
आज शादी करके आया है और ऐसे कपड़े बदल रहा है जैसे कुछ हुआ ही नहीं। मुझे शाम को ऑटो लेके निकलना है। वाह! एक तरफ घर उजाड़ दिया दूसरी तरफ ऑटो
वाह! एक तरफ घर उजाड़ दिया दूसरी तरफ ऑटो चलाने की चिंता है। घर चलाने के लिए कमाना भी पड़ता है। घर पहले ही टूट चुका है।
कहां जा रहा है?
काम पर। आज भी। अगर आज नहीं जाऊंगा तो कल घर का खर्च कैसे चलेगा? [नाक से की जाने वाली आवाज़]
चलेगा? [नाक से की जाने वाली आवाज़] किस घर का?
[हंसी] [संगीत] सच-सच बता। तूने उससे शादी क्यों की? मैंने सोचा था कि वह अकेला है। उसने
की? मैंने सोचा था कि वह अकेला है। उसने कहा था कि उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं उससे प्यार करने लगी थी कि उसकी जिंदगी में कोई
नहीं है। अगर मुझे आपकी सच्चाई पता होती तो मैं कभी शादी नहीं करती। मैं उससे प्यार करने लगी थी। उसने मुझे भरोसा दिलाया था कि उसकी जिंदगी में कोई
नहीं है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] [नाक से की जाने वाली आवाज़] हां [गहरी सांस लेने की आवाज़] बहुत मेहनत करनी पड़ी। शहर में सवारी भी कम थी लेकिन जैसे
तैसे कुछ कमाई हो गई। गाजर ये लो आज की पूरी कमाई संभाल कर रख देना महीने का खर्च इसी से चलेगा।
वाह अभी शादी को एक दिन भी नहीं हुआ और अब घर घर की कमाई भी नई दुल्हन के हाथ में जाने लगी। नहीं मैं नहीं लूंगी। हं?
पहले जब तुम ऑटो चला कर आते थे तो मेरे हाथ में पैसे रखते थे। कहते थे कि तुम इस घर की लक्ष्मी हो। आज क्या बदल गया?
बात वैसी नहीं है जैसी तुम सोच रही हो। तो कैसी है? समझाओ मुझे। क्या अब मैं इस घर में पराई हो गई हूं?
मैं सच कह रही हूं। मुझे पैसों की कोई लालच नहीं है। लालच हो या ना हो बात पैसों की नहीं है। बात उस भरोसे की है जो धीरे-धीरे मुझसे
छीना जा रहा है। तुम ठीक कह रही हो। इतने सालों से इस घर की जिम्मेदारी तुमने संभाली है। आज भी यह पैसे तुम्हारे ही हाथ में रहेंगे।
आज मुझे पहली बार लगा कि इस घर में मेरी कोई भी कोई जगह नहीं है। जब पैसे देने की बारी आई तब तुम्हें पहली
पत्नी याद आ गई। अगर हर अधिकार उन्हीं का है तो मुझसे शादी क्यों की?
मैं किसी का घर तोड़ने नहीं आई थी। मुझे लगा था कि मैं तुम्हारी जिंदगी का हिस्सा हूं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] लेकिन ऐसी बात नहीं है। मैं किसी के साथ
अन्याय नहीं करना चाहता। लेकिन अन्याय तो हो चुका है। मूली का भी दिल टूटा है और मैं भी रो रही हूं। लेकिन अन्याय तो हो ही रहा है। या तो उनके
साथ या मेरे साथ। [गहरी सांस लेने की आवाज़] [नाक से की जाने वाली आवाज़] उसी ने मुझे सबसे बड़ा दर्द दिया। दीदी अगर हो सके तो मुझे माफ कर दीजिए।
मुझे पूरी सच्चाई नहीं पता थी। अगर पता होता तो मैं कभी यह रिश्ता स्वीकार नहीं करती। अगर हो सके तो मुझे माफ कर दीजिए। गलती सिर्फ तुम्हारी नहीं है। सबसे बड़ी गलती
आलू की है। शायद भगवान मुझे यही सजा दे रहे हैं कि आज भगवान की कृपा से अच्छी कमाई हो गई।
सोचा था कि आज घर में थोड़ा अच्छा माहौल होगा। लेकिन तुम दोनों को देख के लग रहा है कि अभी भी मेरे कारण इस घर की खुशियां कहीं
खो गई हैं। नहीं आलू यह पैसे मुझे मत दीजिए। अब कभी नहीं। इस घर को इतने सालों तक दीदी ने संभाला है। घर चलाने का हक भी सबसे पहले
उन्हीं का है। आप यह पैसे उन्हें दीजिए। मुझे इन पैसों पर कोई अधिकार नहीं चाहिए। हां। मूली आज भी इस घर की जिम्मेदारी तुम्हारे हाथों में ही सबसे सुरक्षित है। अगर मैंने
तुम्हारा भरोसा तोड़ा है तो कम से कम अब उसे वापस जीतने की कोशिश करना चाहता हूं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] आलू मैंने हर सुखदख में तुम्हारा साथ
दिया। तुम्हारी कमाई से घर चलाया। तुम्हारे सपनों को अपना सपना बनाया। आलू फिर ऐसा कौन सा दर्द था जो तुम मुझसे अब से कह भी नहीं सके?
मैंने जो किया वह सही नहीं था। मुझे तुमसे बात करनी चाहिए थी लेकिन मैं अंदर से टूट गया था लेकिन तुम्हें बताने की हिम्मत नहीं कर पाया।
हर किसी का एक ही सवाल तुम दोनों कब तक परिवार दोनों में से किसी के अंदर कमी है। उनके घर में खुशियां नहीं आएंगी। कोई बच्चा नहीं होगा। मैं उस दबाव में टूट
गया। मुझे लगा कि मैं कोई रास्ता ढूंढ रहा हूं। लेकिन सच तो यह है कि मैंने अपने ही घर को बर्बाद कर दी। गलती मेरी थी। बहुत बड़ी गलती। मुझे पता है कि मैंने तुम्हें बहुत दर्द
दिया है। तो मुझे कभी माफ मत करना। जो कहना है खुलकर कहो। अगर तुम्हें इतना दर्द था, हम दोनों मिलकर हर मुश्किल का सामना करते। लेकिन तुमने फैसला अकेले लिया
और उसकी सज़ा हम तीनों को भुगतना पड़ रहा है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं हर दिन अपनी गलती पर पछतावा कर रहा हूं। काश समय वापस लौट आता।
समय वापस नहीं आता। लेकिन इंसान अपनी गलती सुधारने की कोशिश जरूर कर सकता है। क्या बात है? तुम दोनों इतनी चुप क्यों हो?
[नाक से की जाने वाली आवाज़] ये ये क्या है?
यह मेरा फैसला है। मैं किसी की मजबूरी बनकर नहीं जीना चाहती। जब मैं इस घर में आई थी तब मुझे लगा था कि मुझे अपना परिवार मिलेगा।
लेकिन मुझे हमेशा ऐसा लगा कि मैं बीच में आ गई हूं किसी और की जिंदगी में किसी और के हक के बीच। लेकिन अब समझ में आ गया है कि मेरी वजह से
इस घर की खुशियां खत्म हो रही हैं। ऐसा मत करो। दीदी, आपने मुझे कभी अपना दुश्मन नहीं समझा। इसलिए मैं भी आपका घर बचाना चाहती हूं।
मैं कभी किसी का बुरा नहीं चाहती। मूली दीदी, मैं आपके दुख को समझती हूं। इसीलिए मैं [नाक से की जाने वाली आवाज़] यह फैसला ले रही है। आप मुझे मत रोकिए।
नहीं, मैं यह हस्ताक्षर नहीं करूंगा। मेरी वजह से तुम्हारी जिंदगी बर्बाद हुई है। मैं तुम्हें इस तरह अकेला नहीं छोड़ सकता।
कभी-कभी किसी को रोक लेना प्यार नहीं होता। उसे सम्मान के साथ जाने देना ही सबसे बड़ा प्यार होता है। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
मेरी खुशी अब इसी में है। मेरी खुशी अब इसी में है कि मैं कर दूं ताकि आप दोनों की खुशियां फिर से वापस आए। खुश रहिएगा और इनका हमेशा साथ दीजिए।
आलू आज के बाद कभी कोई ऐसा फैसला मत लेना जो किसी अपने का दिल तोड़ दे। झूठ से नहीं।
आज मैं जा रही हूं लेकिन अजीब सा सुकून है। शायद यही सही है। यही सही है। दोस्तों हमारे प्यार के लिए एक लाइक तो बनता है।
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