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By Scary Pumpkin

Summary

Topics Covered

  • शिकारी थी वो, शिकार बने ड्राइवर
  • बाथटब में लाशों का ढेर
  • पत्रकार की डायरी का खुलासा
  • आत्मा की बदले की कहानी
  • भूत का शिकार अबाध

Full Transcript

सब्सक्राइब करें और देखें एक दिल दहला देने वाली हॉरर स्टोरी। बिना घबराए बेल आइकॉन प्रेस करना ना भूलें। [हंसी] [गहरी सांस लेने की आवाज़]

[संगीत] इस कथा के लेखक हैं धीरज कुमार सालों के। [संगीत]

रात के 2:00 बज रहे थे। एक 3035 साल की औरत सुनसान रास्ते पर ऑटो का इंतजार कर रही थी। तभी उसी रास्ते पर एक ऑटो आ गया।

जैसे ही उस औरत ने हवा में हाथ लहराया। वैसे ही ऑटो ड्राइवर ने ऑटो उसके पास [संगीत] जाकर रोक दी। कहां जाना है मैडम?

ऑटो ड्राइवर ने उस औरत से पूछा। अवंती नगर। [संगीत] औरत ने उत्तर दिया। ऑटो ड्राइवर ने अपना मोबाइल निकाला और Google मैप पर अवंती नगर

की तलाश [संगीत] की क्योंकि वह शहर में नया ही आया था और वह पहले कभी अवंती नगर की ओर नहीं गया था। अवंती नगर वहां से 7

कि.मी. की दूरी पर था। भाड़ा ₹300 होगा

कि.मी. की दूरी पर था। भाड़ा ₹300 होगा मैडम। ऑटो ड्राइवर ने औरत से पूछा। क्या ₹300? [संगीत] भैया 300 बहुत ज्यादा

क्या ₹300? [संगीत] भैया 300 बहुत ज्यादा है। 200 में छोड़ दो। उस औरत ने ऑटो ड्राइवर [संगीत] से कहा। ऑटो ड्राइवर ने

उस औरत को सिर से पैर तक देखा [संगीत] और कुछ देर सोचकर वह बोला बैठिए छोड़ देता हूं। [संगीत]

वो औरत ऑटो में बैठ गई और ऑटो अवंती नगर की तरफ निकल पड़ा। [संगीत] ऑटो ने 4- 5 कि.मी. की दूरी तय की थी। जब से वह औरत ऑटो में बैठी थी। तब से ऑटो

ड्राइवर उसे आईने में घोरे जा रहा था और गाना गा रहा था। [संगीत] सलाम इश्क मेरी जान जरा कबूल कर लो। तुम

हमसे [संगीत] इश्क करने की जरा सी भूल कर लो। [संगीत] ऑटो ड्राइवर के इस बर्ताव से वो औरत डर गई। उसने तुरंत किसी को फोन किया और धीरे

से बोलने लगी। वैसे ही रिक्शे वाले ने गाना बंद कर दिया [संगीत] और उसकी बातें सुनने की कोशिश करने लगा। हेलो शालिनी तू आ रही है [संगीत] ना मेरे

घर? तुझे पता है ना कि मेरे पति विशाल

घर? तुझे पता है ना कि मेरे पति विशाल अमेरिका चले गए हैं और मैं घर [संगीत] पर अकेली हूं। वो औरत बोली नहीं यार मैं नहीं आ सकती। मैंने तुम्हें

दोपहर में ही बताया था ना। फोन [संगीत] की दूसरी तरफ से दूसरी औरत बोली। ठीक है मत आना। ऐसा कहकर उस औरत ने गुस्से में फोन रख दिया। [संगीत]

ऑटो ड्राइवर ने उस औरत की बात सुन ली थी। उसने सुन लिया था कि वह औरत आज [संगीत] रात अपने घर पर अकेली है और उसके सहेली ने भी उसके घर आने के लिए मना कर दिया है।

[संगीत] ऑटो ड्राइवर अभी भी शीशे से उस औरत को घूर रहा था। इस वजह से वो औरत बहुत ज्यादा डर गई थी। [संगीत] तभी उस औरत ने एक बंगले के

सामने ऑटो ड्राइवर को रोकने के लिए कहा। ऑटो ड्राइवर ने देखा कि उस घर पर सिल्वर लीफ लिखा हुआ था। [संगीत] वैसे वह घर नहीं

एक बड़ा सा आलीशान बंगला लग रहा था। जैसे ही ऑटो रुक गया वो औरत ऑटो से [संगीत] उतर गई और ऑटो ड्राइवर को पैसे देने के लिए उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया। तभी ऑटो

ड्राइवर ने पैसे लेते समय उसका हाथ पकड़ लिया और [संगीत] बोला अब जब तुम मुझे यहां तक ले ही आई हो तो एक कप चाय ही पिला दो। ऑटो ड्राइवर की बात सुनकर औरत और भी

ज्यादा डर गई। उसने ऑटो [संगीत] चालक के हाथ से अपना हाथ छुड़ा लिया और सीधे गेट के अंदर भाग गई। [संगीत] यह देख ऑटो चालक

मुस्कुराया। तभी उसकी नजर पीछे की सीट पर गई। औरत ऑटो में अपना मोबाइल भूल गई थी। इससे पहले कि औरत अपना मोबाइल लेने वापस आती। [संगीत]

ऑटो ड्राइवर ने ऑटो स्टार्ट कर दी और वह वहां से 91 हो गया। [संगीत] कुछ दूर जाकर उसने ऑटो रोका और उस मोबाइल को देखा। वो

कुछ 2025,000 का महंगा मोबाइल [संगीत] था। यह देखकर वो बहुत खुश हुआ। लेकिन उसने देखा कि मोबाइल बंद था। लेकिन अब कुछ समय पहले ही तो वो औरत मोबाइल पर किसी से बात

कर रही थी। तभी तो मोबाइल चालू था। [संगीत] फिर इतने जल्दी ये बंद कैसे हो गया? वो मन

ही मन बोला। लेकिन फिर उसने सोचा कि शायद मोबाइल की बैटरी डेड हो चुकी [संगीत] होगी इसलिए बंद पड़ा होगा। तभी अचानक उसके सिर में एक

डरावनी योजना आ गई। मोबाइल फोन [संगीत] देने के बहाने उस औरत के घर जाने की। उसके दरवाजा खोलते ही उसके गर्दन पर [संगीत]

छुरा रखकर उसकी इज्जत लूटने की और फिर घर में से सारे पैसे लूट [संगीत] के 9 दो 11 होने की योजना बनाई। लेकिन इसके लिए उसे एक और साथी की जरूरत थी। इसलिए उसने अपने

एक दूसरे ऑटो ड्राइवर दोस्त [संगीत] को फोन किया और उसे अपनी योजना के बारे में बताया। जब उसके दोस्त ने सुना [संगीत] कि एक सुंदर औरत घर पर अकेली है तब उसका

दोस्त वहां आने के लिए राजी [संगीत] हो गया। उसने अपने दोस्त को उस औरत के घर का पता बताया और उसे तुरंत वहां आने के लिए कहा और खुद [संगीत] उस औरत के बंगले के

बाहर जाकर रुक गया। 10-15 मिनट बीत गए थे। पर फिर भी उसका दोस्त अभी तक नहीं आया था। उसने उसे बहुत फोन किए लेकिन वो उसका फोन

नहीं उठा रहा था। ऑटो ड्राइवर कुछ ज्यादा देर तक रहा नहीं जा रहा था। उसे उस औरत का चेहरा बार-बार उसकी आंखों के सामने [संगीत] दिखाई दे रहा था। उसके वो हवा में

उड़ने वाले बाल उसकी आंखों के सामने आ [संगीत] रहे थे। उसके परफ्यूम की महक अभी भी उसकी नाक में बस गई थी। तो उसने

[संगीत] अपने दोस्त को मैसेज किया। मैं अंदर जा रहा हूं। तुम्हारे लिए दरवाजा खुला रखूंगा। [संगीत] जल्दी आ जाना। जैसे

ही उसने मैसेज किया वैसे उसने सीट के नीचे छुपाया हुआ चाकू निकाला और एक हाथ में चाकू और दूसरे हाथ में मोबाइल लेकर वो गेट खोलकर अंदर चला गया। [संगीत]

उसने डोरबल बजाई लेकिन अंदर से कोई भी जवाब नहीं आया। उसने तीन-चार [संगीत] बार डोर बेल बजाई। लेकिन फिर भी अंदर से कोई जवाब नहीं आया। उसने सोचा कि शायद वह औरत

अब वो सो गई होगी। [संगीत] उसे लगा कि उसकी योजना विफल हो गई और गुस्से में आकर उसने दरवाजे पर अपना हाथ मारा। तभी घर का दरवाजा खुल गया। उसने उस

औरत का मोबाइल अपनी जेब में रखा और दाहिने हाथ में चाकू लेकर घर में घुस गया। उसने [संगीत] घर का दरवाजा बंद कर दिया और

इधर-उधर देखने लगा। वह एक बड़ा सा हॉल था। उस फ्लोर पर कोई बेडरूम उसे दिखाई नहीं दी। इसीलिए वह सीढ़ियां चढ़कर दूसरे फ्लोर

पर गया। वहां उसने देखा कि एक बेडरूम का दरवाजा खोला हुआ है और उस कमरे में रोशनी चालू थी। ऑटो ड्राइवर चुपके से दबे पांव

उस कमरे में जा पहुंचा। अंदर कोई भी नहीं था। तभी उसे बाथरूम [संगीत] में से पानी गिरने की आवाज सुनाई दी। अच्छा तो वो औरत बाथरूम में है इसलिए

उसे डोरविल की आवाज सुनाई नहीं दी [संगीत] और इसीलिए उसने दरवाजा नहीं खोला। वो मन ही मन बोला और जल्दी से बाथरूम के दरवाजे के बाहर जाकर खड़ा हो गया क्योंकि उसने

सोचा कि जब वो औरत बाथरूम से बाहर आएगी तो वह तुरंत उसके गले पर चाकू रख देगा और फिर बड़ी आसानी से उसकी इज्जत लूट लेगा। तभी अंदर से दरवाजे की कुंडी खुलने की आवाज

आई। ऑटो ड्राइवर हाथ में चाकू पकड़ कर सतर्क हो गया क्योंकि वह औरत अब बाहर आने वाली थी लेकिन 2 मिनट बीते 4 मिनट बीती पर

वो औरत अभी तक बाथरूम से बाहर नहीं आई थी। आखिरकार ऑटो ड्राइवर ने बाथरूम के दरवाजे को अंदर धकेल दिया। जैसे ही उसने दरवाजा

अंदर धकेला वैसे ही उसकी नाक में सड़े हुए मांस की बदबू घुस गई। उसने अपने बाएं हाथ से अपनी नाक बंद कर ली और बाहर से बाथरूम

में झांक कर देखा और सामने का नजारा देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। डर के मारे

वो थर-थर कांपने लगा क्योंकि बाथरूम के बाद टब में 810 लाशों का एक ढेर था। वो डर के मारे पीछे हटने ही वाला था कि

तभी उस औरत ने पीछे से आकर ऑटो ड्राइवर की कमर में लात मारी और वो बाथरूम में जा गिरा। ऑटो ड्राइवर बाथरूम में गिरते ही उस

औरत ने झट से बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया। जैसे ही ऑटो ड्राइवर ने उसकी दाई तरफ देखा, वो पसीने से तर-बतर हो गया और उसने उठकर दरवाजा खोलने की कोशिश की।

लेकिन दरवाजा नहीं खुला क्योंकि उस औरत ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया था। उसे पता चल चुका था कि उस औरत ने जानबूझकर उसे बाथरूम में बंद कर दिया है। ऑटो ड्राइवर

दरवाजा पीट-पीट कर जोर-जोर से चिल्लाने लगा। मैडम दरवाजा खोलो। मैडम मैं आपके पैर पकड़ता हूं। मुझे मुझे

यहां से बाहर निकालो। मुझसे गलती हो गई मैडम। मुझे माफ कर दो। मैडम वो भीख मांग रहा था। लेकिन बाथरूम के

बाहर से कोई जवाब नहीं आया। बाथरूम के बाहर सन्नाटा फैल गया। आखिरकार दरवाजा पीट-पीट कर उसके हाथ दुखने लगे। और उसने

दरवाजा पीटना बंद कर दिया। उसने उसके दाई ओर देखा। वैसे ही उसे बाथ टब में लगा लाशों का ढेर दिखाई दिया। 810 लाशें एक के

ऊपर एक रखी हुई थी। और हैरानी की बात तो यह थी कि उन सभी लाशों के ऊपर ऑटो ड्राइवर की यूनिफार्म थी। इसका मतलब यह था कि वे

सभी लाशें [संगीत] ऑटो ड्राइवर की थी। उसने अपने कपड़ों को देखा तो उसने भी वैसे ही यूनिफार्म पहन रखी थी। बाथ टब के बगल में मोबाइलों का ढेर पड़ा हुआ था। ऑटो

ड्राइवर ने उसकी जेब से मोबाइल निकाला और वह फिर एक बार चौंक गया क्योंकि बिल्कुल वैसे ही मोबाइल का ढेर था। वो समझ गया कि

उसे धोखे से फंसाया गया है। उस औरत का ऑटो में कहना कि मैं घर पर अकेली हूं और उसके बाद ऑटो में मोबाइल छोड़ना यह सब उसकी ही

चाल थी और वह बुरी तरह से उसकी जाल में फंस चुका था। वो समझ चुका था कि वे सभी ऑटो ड्राइवर भी बिल्कुल उसकी तरह ही उस

औरत के जाल में फंस गए थे और वो बाद में उसी बाथ डब में मर गए। ऑटो ड्राइवर बाथरूम में फंस गया था। वो डर के मारे पीछे हटने

लगा। तभी उसके पैरों को कुछ लगा। जैसे उसने पीछे देखा। उसे एक झटका लगा। उसे लकड़ी के फर्नीचर के एक खोखले में एक और

ऑटो ड्राइवर की लाश [संगीत] दिखाई दी। जिसकी आंखें बाहर निकल आई थी और मुंह में से जुबान बाहर लटक रही थी। उस लाश को देखकर ऐसा लग रहा था कि उस बेचारे की मौत

बहुत ही दर्दनाक हुई होगी। वो काफी तड़प-तड़प कर मर गया होगा। ऑटो ड्राइवर को उस लाश के हाथ के पास एक टॉयलेट क्लीनर की

बोतल दिखाई दी। ऐसा लग रहा था कि उस ऑटो ड्राइवर ने वो टॉयलेट क्लीनर पीकर खुदकुशी की थी। वो जल्दी से उस लाश से दूर हो गया। और दरवाजे के ठीक सामने [संगीत] बनी

टॉयलेट सीट पर बैठ गया। तभी उसे याद आया कि उसके पास उसका मोबाइल है। उसने अपना मोबाइल अपनी जेब से निकाला और अपने दोस्त को फोन किया। जैसे ही उसने फोन उठाया

रिक्शा वाले ने रोना शुरू कर दिया। राजू मुझे बचाओ। राजू यह औरत मुझे मार डालेगी।

ऑटो ड्राइवर फोन पर बात ही कर रहा था कि इतने में उसके हाथ से किसी ने उसका फोन छीन लिया। ऑटो ड्राइवर ने उसकी मोबाइल छीनने वाले की ओर देखा और डर के मारे उसके

रोंगटे खड़े हो गए। उसे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था क्योंकि उसका मोबाइल लकड़ी टेबल के नीचे पड़ी हुई लाश ने छीन लिया था। उस लाश ने ऑटो ड्राइवर का मोबाइल

छीना और उसे किसी रसगुल्ले की तरह निगल गया और फिर वापस आकर खोखली की जगह में जाकर अपने हाथपांव फैलाकर मुंह से जुबान

बाहर निकाल कर लेट गया। ऑटो ड्राइवर आंखें फाड़-फाड़ कर उस लाश की तरफ देख रहा था। उसने बचपन में अपने पिता से सुना था कि एक

मरा हुआ आदमी फिर कभी नहीं उठता। लेकिन आज उसे एहसास हुआ कि उसके पिता गलत थे। उसके मन में ख्याल आया क्या? क्या क्या इन्हीं

जीवों को भूत कहते हैं? भूत तो वही होते हैं ना जो मरकर भी उठते हैं, चलते हैं। रात को यहां वहां घूमते हैं। [गहरी सांस लेने की आवाज़] उस मुर्दे को उठते देखकर ऑटो ड्राइवर की

आंखें सफेद पड़ चुकी थी। [हांफने की आवाज़] [गहरी सांस लेने की आवाज़] [हंसी] तभी अचानक से उसकी मोबाइल की रिंगटोन बजनी शुरू हो गई। उसका मोबाइल उस मुर्दे के पेट

में बज रहा था। यह पक्का राजू का ही फोन होगा। [हंसी] ऑटो ड्राइवर मन ही मन बोल पड़ा। उसे समझ

नहीं आ रहा था कि अब करें तो क्या करें। वो बड़ी ही मुश्किल में पड़ चुका था क्योंकि वो अब ना तो राजू को कॉल कर सकता था ना राजू का कॉल रिसीव कर सकता था। उसका

मोबाइल दो-तीन बार बजा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि फोन उठाना अब उसके लिए असंभव था। वो मोबाइल ही उसका बच निकलने का

एकमात्र रास्ता था। और जब उसे महसूस हुआ कि अब वह रास्ता बंद हो गया है। तो वह फूट-फूट कर रोने लगा। [हंसी]

मैडम मुझे यहां से बाहर निकालो। मैडम मुझे यहां से बाहर निकालो। [चीखने की आवाज़] वो चीख-चीख [हंसी] कर रोने लगा। तभी

बाथरूम के बाहर से वो औरत बोली अरे तुम अंदर कैसे फंस गए? आपको अंदर

किसने बंद किया?

ऑटो ड्राइवर यह सुनकर खुश हो गया कि औरत ने उसे बाथरूम में बंद नहीं किया था। मैडम जल्दी से बाहर से दरवाजा खोलो। किसी

ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया है। उसने बाथरूम के बाहर खड़ी औरत से कहा, हां खोलती हूं। आप बस दरवाजे के आगे ही खड़े हो जाइए।

ऐसा कहकर वो औरत वहां से चली गई। कुछ ही देर में लोहे का कांटों वाला फावड़ा लेकर आ गई। ऑटो ड्राइवर दरवाजे के आगे ही खड़ा हुआ था।

क्या आप दरवाजे पर नहीं है?

उसने रिक्शा वाले से पूछा। ऑटो ड्राइवर अंदर से दरवाजे के सामने खड़ा था। हां मैडम मैं दरवाजे के सामने खड़ा हूं।

आप बस जल्दी से दरवाजा खोलिए। ऑटो ड्राइवर बाथरूम से चिल्लाया। वो औरत हाथ में नुकीला फावड़ा लेकर बाथरूम के दरवाजे की

तरफ भागी। इधर बाथरूम के अंदर ऑटो ड्राइवर ने सोचा मैडम अभी दरवाजा खोलेंगी। कहीं मैं दरवाजे के बीच में ना आ जाऊं। इसलिए

वो दरवाजे के किनारे पर चला गया। और जैसे ही दरवाजे से बाजू हटा उसी वक्त वो लोहे का नुकीला फावड़ा दरवाजे के आर-पार हो

गया। यह देखकर ऑटो ड्राइवर के होश ही उड़ गए। अगर वह उस दरवाजे के सामने एक और पल भी खड़ा होता तो वह लोहे का नुकीला फावड़ा

उसके पेट से बाहर गुजर जाता और वह उसी पल मर गया होता। वह औरत जान गई थी कि उसका हमला जाया हो गया है। इसलिए उसने वह फावड़ा दरवाजे में से खींच कर बाहर

निकाला। अरे क्या हुआ? आप दरवाजे के सामने खड़े रहिए ना। मैं अभी दरवाजा खोल देती हूं। वो औरत बहुत ही प्यार से बोली। लेकिन ऑटो ड्राइवर ने अपने मुंह से एक शब्द भी नहीं

निकाला। अरे अरे डरो मत। मैं तो सिर्फ दरवाजा खोलने की कोशिश कर रही थी। एक बार फिर मीठी आवाज में बड़े प्यार से

बोली। अंदर ऑटो ड्राइवर का हाथ डर के मारे कांप रहे थे। उसे पता था कि अगर वह दोबारा दरवाजे के सामने गया तो वह औरत नुकीला फावड़ा उसके पेट में घुसेड़ देगी। लेकिन

फिर भी वो देखना चाहता था कि अगर वो इस बार दरवाजे के सामने गया तो क्या होगा?

मैं खड़ा हूं दरवाजे के सामने। ऑटो ड्राइवर दरवाजे के बाजू में खड़े होकर बोला। वो औरत जोर से चिल्लाई और उसने फिर एक बार बड़ी ताकत से लोहे का फावड़ा

दरवाजे में घुसेड़ दिया और बाहर निकाला। यह देखकर ऑटो ड्राइवर घबरा गया। औरत को फिर से एहसास हुआ कि वह अपना शिकार चुक गई है तो उसे गुस्सा आ गया।

क्या हुआ? दरवाजे के सामने आ जाना। मैं

क्या हुआ? दरवाजे के सामने आ जाना। मैं दरवाजा खोल रही हूं। ऑटो ड्राइवर को समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करें? नहीं रहने दो। तो मैं अंदर ही

क्या करें? नहीं रहने दो। तो मैं अंदर ही ठीक हूं। आप दरवाजा मत खोलना। ऑटो ड्राइवर ने उस औरत से कहा। वैसे वो औरत गुस्से से लाल हो गई और उसने अपने हाथ

में से फावड़ा नीचे फेंक दिया। ठीक है। तो तुम बाहर नहीं आना चाहते तो मैं ही अंदर आ जाती हूं। वो औरत ने डरावनी आवाज में ऑटो ड्राइवर से

कहा और वो दरवाजा खोलने लगी। ऑटो ड्राइवर ने सोचा कि अगर वो अंदर आ गई तो ना जाने उसके साथ क्या करेगी क्योंकि उस औरत के सर

पर खून सवार था। तभी उस औरत ने दरवाजे को अंदर धकेल दिया। एक तभी ऑटो ड्राइवर होश में आया और अपनी पूरी ताकत से उसने दरवाजे

को अंदर से बाहर धकेला और अंदर से बंद कर दिया। वो औरत गुस्से से लाल हुई और दरवाजे पर लात मारने लगी। खोलो दरवाजा। खोलो

दरवाजा। खोलो। वो दरवाजे पर लात मारते हुए चिल्ला रहा। उस औरत का वो भयानक बर्ताव देखकर ऑटो

ड्राइवर बहुत डर गया। वो अपने सिर पर हाथ रख कर नीचे बैठ गया और रोने लगा। ये मैं कहां आकर फंस गया? [हंसी]

वो सर पकड़ कर रोने लगा। तभी उसे अपने गांव के पागल बाब्या की बात याद आने लगी। एक औरत के चक्कर में बाब्या ने अपनी

खेतीबाड़ी और घर बेचकर वो भिखारी बन गया था और बाद में वो पागल हो गया था। तब से वह हर आदमी को पकड़ कर सिर्फ एक ही वाक्य

कहता था। भाईचान खूब वाहटा है। मतलब औरत की लत बहुत खराब है। लेकिन तभी ऑटो ड्राइवर उसे हर वक्त कहता कि वो मर्द

मर्द है क्या जिसे औरत की लत ना हो। ऐसी जिंदगी से तो मौत अच्छी और आज वो एक औरत की वजह से ही मौत के सामने खड़ा हुआ था।

बाबिया सही कहता था। भाईचनाथ खूब वाइट टसो उसने खुद से ही कहा। वो टॉयलेट सीट पर अपना सिर रखकर सोच रहा

था। इतने में उसे एक ऑटो की आवाज सुनाई दी। उस घर के सामने एक ऑटो आकर खड़ा हो गया था। उसे पता चल गया था कि वो उसका

दोस्त राजू ही था जो ऑटो में आया था। राजू, तू आ गया है। वो उठकर जोर-जोर से राजू का नाम लेकर चिल्लाने लगा। राजू, ए

राजू, मैं इस घर में हूं। इस औरत ने मुझे बाथरूम में कैद कर दिया है। राजू, राजू, [चीखने की आवाज़]

तभी उस औरत ने दरवाजे पर जोर से लात मारी। चुप बैठ। वरना तेरे मुंह में फावड़ा घुसेड़ दूंगी। उसने रिक्शा वाले से कहा, नहीं चुप बैठूंगा।

ऑटो ड्राइवर थोड़ी हिम्मत दिखाते हुए बोला। तभी उस औरत ने जोर से दरवाजे पर लात मारना शुरू कर दिया। ऐसा लग रहा था कि

जैसे दरवाजा टूटने ही वाला है। ऑटो ड्राइवर बहुत डर गया था। तभी घर की डोरविल बजी। वैसे ही औरत शांत हो गई और ऑटो

ड्राइवर राजू राजू कहकर चिल्लाने लगा। जरा रुको। हां। मैं बस 1 मिनट में आई। वो औरत मीठी आवाज में चिल्लाई और दरवाजा

खोलने के लिए वहां से चली गई। ऑटो ड्राइवर बाथरूम के दरवाजे पर आ गया। दरवाजे में लोहे का फावड़ा घुसाने के कारण दरवाजे में

छेद हो गए थे। ऑटो ड्राइवर एक छेद से बाहर देखने लगा। बेडरूम में कोई नहीं था। 3-4 मिनट में वो औरत राजू को बेडरूम में ले आई। राजू को देखकर ऑटो ड्राइवर ने

चिल्लाना शुरू कर दिया। राजू बचाओ। इस [नाक से की जाने वाली आवाज़] औरत ने मुझे बाथरूम में बंद कर दिया है। राजू

राजू ने ऑटो ड्राइवर की आवाज सुन ली। वो दौड़ता हुआ बाथरूम के दरवाजे पर आया और बोला रुको मैं दरवाजा खोलता हूं। उसने

दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन वो खुल ही नहीं रहा था। इस औरत को मत छोड़ना राजू। इसने मुझे अंदर

बंद कर दिया है। इसने मुझे मारने की कोशिश की है। खलास कर डालो इसको। ऑटो ड्राइवर ने बड़े गुस्से में राजू से यह कहा। यह सुनकर

राजू गुस्से से लाल हो गया। उसने अपनी जेब से चाकू निकाला और जोर से चिल्लाया। भाई उसके सिर से खून निकलने लगा।

फिर भी राजू उठने की कोशिश करने लगा। उस औरत ने पास में एक टेबल से एक और एक शीशे का फलदान लिया और उसे फिर से राजू के सिर

में जोर से पटक दिया और बोली ऊप्स तुम्हें तो लग गई। और एक डायन की तरह हंसने लगी। [चीखने की आवाज़] [हंसी]

राजू फर्श पर खून से लथपथ था। वह दर्द से तड़प रहा था। उसके सर में टूटे हुए कांच के टुकड़े घुस गए थे। उसके सर में से सफेद

फर्श पर खून बहने लगा था। यह देखकर ऑटो ड्राइवर का दिल दहल गया था। वह जोर-जोर से रोने लगा और राजू का नाम लेने लगा। राजू

मेरे दोस्त। [चीखने की आवाज़] राजू ही उसके बच निकलने का आखिरी रास्ता था और वो रास्ता बंद हो चुका था। वो औरत राजू के बगल में बैठ गई और उसने राजू का

सिर अपनी गोद में रख लिया और उसके सिर पर हाथ फेरते हुए वो लोरी गाने लगी। सो जा मेरे राजकुमार

तुम हो मेरा सारा संसार जब से तुम मुझे मिले

मेरा [गाना गाने की आवाज़] जीवन हुआ खुशहाल जीवन में मेरे

रंग भरे तूने ही लाखों को हजार सो जा [गाना गाने की आवाज़] मेरे राजकुमार

सो जा मेरे राजकुमार वो लोरी गा रही थी इतने में अचानक राजू ने अपने पास पड़ी चाकू को उठाकर

उस औरत के सिर में घोंप दिया। वो औरत चिल्लाई और फर्श पर [संगीत] गिर गई। राजू को जिंदा देखकर ऑटो ड्राइवर बहुत खुश हुआ।

उसकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। राजू मेरे भाई तू जिंदा है। जल्दी से यहां आजा और मुझे यहां से बाहर निकाल।

उसने राजू से कहा। राजू ने अपने हाथों के कोहने को फर्श पर टिका दिया और कोहने के बल वो बाथरूम के दरवाजे पर आ गया। उसने दरवाजा खोलने के लिए अपना हाथ उठाया। तभी

रिक्शा चालक जोर से चिल्लाया। राजू पीछे देख। और जैसे ही उसने पीछे मुड़कर देखा, उस औरत ने उसके मुंह पर लोहे का फावड़ा दे मारा

और राजू का सिर उल्टा हो गया। यह देख ऑटो ड्राइवर का मुंह खुला का खुला रह गया। वो औरत फिर से जिंदा हो गई थी और उसने लोहे

के फावड़े से एक ही बार में राजू को मार दिया था। लेकिन यह कैसे हो सकता है? ये

औरत तो मर चुकी थी। राजू ने इसके सिर में चाकू घोंप दिया था। और चाकू वो चाकू अभी भी उसके सिर में है। ऑटो ड्राइवर सोचने

लगा। उस औरत ने उसके हाथ में से फावड़ा फर्श पर फेंक दिया और उसने अपने सिर में घुसा हुआ चाकू बाहर खींच लिया। फिर उसने

उस चाकू पर लगे खून को अपनी लंबी और काली जीभ से चाटा। उस औरत की साड़ी राजू के खून से लथपथ हो गई थी। उसके लंबे-काले बाल

बिखरे हुए थे। उसकी आंखों के नीचे काले घेरे आ गए थे। थोड़ी देर पहले उसके चेहरे पर जो चमक और चेहरे की नाजुकता दिख रही थी अब वह गायब हो गई थी। उसके हरकत से उसके

इंसान होने के कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहे थे क्योंकि एक इंसान कभी भी इतना निर्दय नहीं हो सकता और कोई भी इंसान सर में चाकू घोंपने के बाद जिंदा नहीं होता।

[चीखने की आवाज़] राजू की लाश खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी। उस औरत ने राजू की लाश उठाई। उसने राजू का सिर अपने कंधों पर रख लिया। तभी टेबल पर

रखा हुआ म्यूजिक प्लेयर अचानक से चालू हो गया और गाना बजने लगा और उसके बाद वो औरत राजू के लाश के साथ

नाचने लगी। वो औरत राजू के लाश के साथ नाच रही थी। यह देख ऑटो ड्राइवर के होश उड़ गए। ऑटो ड्राइवर दरवाजे के पास से हट गया

और उसने अपना सिर टॉयलेट सीट पर रख दिया और जोर-जोर से रोने लगा क्योंकि उसने अपना सबसे करीबी दोस्त गवाया था।

अब मैं यहां से बाहर कैसे निकलूूंगा?

वो रोते-रोते खुद से ही बोल पड़ा। उसे पता चल गया था कि वह औरत या तो भूत या फिर चुड़ैल है और उस चुड़ैल का मकसद सिर्फ

उसकी मौत है। उसने आंखें मूंद ली और भगवान का ध्यान करने लगा। कुछ देर बाद वो भगवान का ध्यान करते हुए सो गया। लेकिन कुछ ही

समय में किसी ने उसे गाल पर जोर से थप्पड़ मार दिया। कौन है? कौन है?

ऑटो ड्राइवर नींद से जागते हुए बोला। बाथरूम में चारों ओर देखा। उसके और उसके लाशों के सिवा बाथरूम में कोई नहीं था।

उसने पीछे मुड़कर मेज के नीचे लाश को देखा। वह अभी भी अपने हाथों और पैरों को फैलाकर लेटी हुई थी और उसकी आंखें और मुंह

खुले थे। ऑटो ड्राइवर की नजर उस लाश की जांघ पर गई। उसके जांघ के नीचे एक काली कवर वाली डायरी थी। उसे लगा कि उसे कोई

आभास हुआ होगा। इसलिए वह फिर से सो गया। जब वह सो गया तो किसी ने उसे पीछे से उसके पिछवाड़े में लात मारी। उसने पीछे मुड़कर

देखा लेकिन उसके पीछे कोई नहीं था। वहां केवल मेज के खोखले में उसी ऑटो ड्राइवर की लाश पड़ी हुई थी जो उसका मोबाइल निगल गया

था। तभी उसके मन में एक सवाल आया। क्या इसी लाश ने तो मुझे लात नहीं मारी। वो मन ही मन बोल पड़ा। तभी उसकी नजर उस लाश की

जांघों पर पड़ी और उसके रोंगटे खड़े हो गए। क्योंकि थोड़ी देर पहले जो डायरी उस लाश के जांघ के नीचे थी, वह अब उसकी जांघ से बाहर निकली थी। इसका मतलब यह था कि या

तो वह डायरी खुद चलकर उस लाश की जांघ के बाहर निकली होगी या फिर या फिर वो लाश वहां से सड़क गई होगी और डायरी तो खुद से

चल नहीं सकती। इसका मतलब वो लाश ही थी जो वहां से हिली थी। उसे समझ आ गया कि वो लाश ही थी जिसने उसे पहले थप्पड़ मारा और बाद

में लात मारी थी। वो लाश उसी जगह पर पड़ी थी और कुछ कुछ हलचल कर रही थी। पर उसे देखना था कि क्या वो लाश जिंदा है।

इसलिए उसने बाथ टब के पास में से एक मोबाइल फोन उठाया और उस लाश पर फेंक दिया। लेकिन वो लाश हिली नहीं। उसने फिर से उस मोबाइल के ढेर में से तीन मोबाइल उठाए और

एक-एक करके उस लाश के ऊपर फेंके। पर वो लाश हिली नहीं। उसे लगा कि उसे कोई वहम हुआ होगा। इसलिए वो फिर से जाकर टॉयलेट

सीट पर सर रखकर सो गया। उसने आंखें बंद कर ली थी। इतने में उसके सर पर कुछ आ टकराया। ऑटो ड्राइवर ने आंखें खोली और चिल्लाया। कौन है?

तभी उसकी नजर उसके सामने पड़े हुए मोबाइल पर पड़ी और उसकी सांसे रुक गई क्योंकि उसके सर पर किसी ने मोबाइल फेंक कर मारा था। उसने पीछे मुड़कर टेबल के खोखले में

पड़ी लाश को देखा। उसके बाजू में तीन मोबाइल पड़े हुए थे। यह देखकर तो उसका दिल धड़कना बंद हो गया क्योंकि उसने उस लाश के

ऊपर चार मोबाइल दे मारे थे। अब यहां सिर्फ तीन थे। इसका मतलब वह लाश ही थी जिसने उसे मोबाइल फेंक कर मारा था। वो उस लाश को

देखकर पीछे-पीछे जाने लगा। तभी उसके पीछे बात टब में से दूसरी लाश ने उसके पिछवाड़े में लात मारी और ऑटो ड्राइवर सीधे टेबल के

नीचे पड़े हुए लाश के पैरों में जा गिरा। उस लाश के पैरों में गिरते ही उस लाश ने दोनों हाथों से उसका गला घोटना शुरू कर

दिया। ऑटो ड्राइवर दर्द के मारे तड़प रहा था। वो उस लाश का चेहरा अपने नाखूनों से नोच रहा था। पर वो लाश उसका गला छोड़ ही नहीं रही थी। ऑटो ड्राइवर को उसकी मौत

उसके सामने दिखाई दे रही थी। तभी उसने अपने हाथ फर्श पर टिका दिए। उसका नसीब अच्छा था कि उसे अपना चाकू फर्श पर मिला

और उसने चाकू को उठाकर सीधा उस लाश के आंखों में घुसे दिया और वैसे ही लाश सुन पड़ गई। उसने ऑटो ड्राइवर का गला छोड़

दिया और बेजान होकर नीचे पड़ गई। ऑटो ड्राइवर वहां से उठ गया और टॉयलेट सीट पर जाकर चढ़ गया। उसकी सांसे अटक रही थी। अब

उसकी बाई ओर टेबल के नीचे पड़ी हुई लाश थी और दाई ओर बाथ टब जो लाशों से भरा हुआ था।

हे भगवान मुझे यहां से बाहर निकालो। मैं फिर कभी शराब नहीं पऊंगा। गालियां नहीं दूंगा।

हमेशा आपकी पूजा करूंगा। किसी भी औरत की तरफ नहीं देखूंगा। आप कहे आप कहे तो मैं सन्यासी बन जाऊंगा पर मुझे इस बाथरूम से

बाहर निकालो भगवान। [चीखने की आवाज़] बाहर निकालो। मैं आपसे विनती करता हूं। ए भगवान

ऑटो ड्राइवर ने भगवान से प्रार्थना की। तू कभी यहां से बाहर नहीं निकल पाएगा। ना

जिंदा ना मुर्दा। उसके बाद वो जोर-जोर से हंसने लगी। [हंसी] ऑटो ड्राइवर ने अपने कान बंद कर लिए और

भगवान का नाम लेना शुरू कर दिया। हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम हे राम। पर भगवान का नाम लेते हुए उसके मन में एक ही

सवाल आया। क्या भगवान उसके इस गलती के लिए माफ़ कर देंगे? क्योंकि उसने एक औरत की इज्जत लूटने की कोशिश की थी। उसके मन में ना जाने कौन सा ख्याल आया और उसने भगवान

का नाम लेना बंद कर दिया। कुछ देर बाद सुबह हो गई थी और वो सोचने लगा क्या मेरे इस गलती की सजा सिर्फ मौत

है? क्या सच में मैं इस बाथरूम के बाहर

है? क्या सच में मैं इस बाथरूम के बाहर कभी नहीं निकल पाऊंगा? क्या मैं कभी अपने बीवी बच्चों को नहीं देख पाऊंगा?

और वो रो पड़ा। उसे अपनी बीवी बच्चों की याद सता रही थी। नहीं मैं इतनी जल्दी हार नहीं मानूंगा। मैं लडूंगा मैं जरूर लडूंगा।

वो खुद से बोल पड़ा और वो अपनी जगह पर खड़ा हुआ। बचाओ। [चीखने की आवाज़] कोई मुझे बचाओ। मैं इस बंगले के बाथरूम में फंसा हुआ हूं।

बचाओ। [चीखने की आवाज़] वो गला फाड़ कर चिल्लाने लगा। चिल्ला-चिल्ला कर उसका गला दर्द करने लगा। तभी वो फिर से रो पड़ा। कोई [नाक से की जाने वाली आवाज़] मुझे

बचाओ। वो रोते हुए बोला। पर कोई भी उसकी बातें सुन नहीं पा रहा था। आखिरकार वो चुप बैठ गया। तभी उसकी नजर टेबल के नीचे पड़े हुए

उस लाश के पास पड़ी हुई डायरी पर पड़ी। उसने उस लाश के पास से डायरी उठाकर खोली। उसने डायरी में नाम पढ़ा महेश सातारकर।

वह शायद उसी की डायरी थी जिसमें वह हर दिन बिताए हुए अपने दिन के बारे में लिखा करता था। ऑटो ड्राइवर ने सोचा कि उसने जरूर इस डायरी में लिखा होगा कि वह बाथरूम में

कैसे फंस गया था। कुछ पन्ने पलटने के बाद वह एक पेज पर रुक गया। उस पेज की शुरुआत में ऑटो ड्राइवर ने लिखा था। मुझे पता है किसी ना किसी दिन मेरी डायरी

कोई ऑटो ड्राइवर द्वारा पढ़ी जाएगी। मेरा नाम महेश शतारकर है और मैं कोई ऑटो ड्राइवर नहीं हूं। मैं एक पत्रकार हूं। यह

पढ़कर ऑटो ड्राइवर चौंक गया। अगर वो ऑटो ड्राइवर नहीं बल्कि पत्रकार था तो उसने ऑटो ड्राइवर की यूनिफार्म क्यों

पहन रखी थी? ऑटो ड्राइवर के मन में सवाल आया। उसने सोचा इसके पीछे कोई ना कोई बड़ा कारण होगा। इसीलिए इस पत्रकार ने ऑटो

ड्राइवर की यूनिफार्म पहन रखी होगी और इसी कारण वो चुड़ैल के जाल में फंस गया होगा। पर वो फंसा कैसे है? उसके मन में और एक सवाल आया। तो इन प्रश्नों के उत्तर जानने

के लिए ऑटो ड्राइवर ने वो डायरी पढ़ने का फैसला किया और उसने डायरी पढ़ना शुरू कर दिया। पिछले तीन महीनों से हर शनिवार को इस शहर में से एक ऑटो ड्राइवर गायब हो रहा

है। रात में ऑटो चलाने वाले ऑटो ड्राइवरों में से हर शनिवार को एक गायब हो रहा था। इसलिए ऑटो ड्राइवर के परिवार वाले शहर के पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज

करा रहे थे। लेकिन उन लापता ऑटो ड्राइवर का कुछ भी पता नहीं चल रहा था। लेकिन इन सभी घटनाओं में कॉमन बात अवंती नगर थी। ऑटो ड्राइवर लापता होने के अगले दिन ही

उसका ऑटो अवंती नगर के सिल्वर लीफ बंगले के बाहर पाया जाता था। सिल्वर लीप बंगला 4 महीने से बंद पड़ा था। इसलिए पुलिस को उस बंगले पर शक हो गया। पुलिस को शक था कि उन

सभी ऑटो ड्राइवरों का किसी साइको ने अपहरण कर लिया है क्योंकि सभी ऑटो ड्राइवर शनिवार की रात से लापता हुए थे और उनके खाली ऑटो सिल्वर ली बंगले के बाहर पाए गए

थे। इस वजह से पुलिस ने सिल्वर ली बंगले की तलाशी ली। लेकिन उन्हें बंगले में कुछ भी संदिग्ध [संगीत] नहीं मिला। इसलिए पुलिस ने उस बंगले को अनदेखा कर दिया। मैं

एक पत्रकार था। इसलिए मैंने फैसला किया कि मैं ऑटो ड्राइवरों के लापता होने का कारण जानकर ही रहूंगा और मैंने जांच शुरू की। तब मुझे पता चला कि जो ऑटो ड्राइवर लापता

हो गए थे। वे रात में गुलाबगंज इलाके में ऑटो चलाते थे। इसलिए मैंने शनिवार की रात को गुलाबगंज इलाके में ऑटो चलाने का फैसला किया। उस शनिवार की रात को 2:00 बजे मैं

गुलाबगंज इलाके में ऑटो चला रहा था। जब मैंने सुनसान रोड के किनारे पर एक औरत को देखा। मैंने ऑटो उसके करीब जाकर खड़ा कर लिया। मैंने उस औरत के चेहरे की तरफ देखा।

उसका चेहरा मुझे कुछ जाना पहचाना सा लग रहा था। जैसे कि मैंने उसे पहले कहीं देखा हो। लेकिन मुझे याद आ रहा था कि मैंने उसे कहां देखा था। भैया अवंती नगर छोड़ दोगे?

उस औरत ने मुझसे पूछा अवंती नगर के शब्द सुनते ही मेरी आंखें चमक उठी। हां बिल्कुल बैठ जाइए। मैंने उस औरत से कहा। जैसे ही

औरत रिक्शा में बैठ गई मैं ऑटो को अवंती नगर की तरफ ले जाने लगा। ऑटो में बैठकर मैं याद करने की कोशिश कर रहा था कि मैंने उस औरत को कहां देखा है। लेकिन मुझे कुछ

याद नहीं था। कुछ ही समय में अवंती नगर आया। उस औरत ने मुझे एक बंगले के सामने रुकने को कहा। उसने भाड़ा दिया और एक बंगले का गेट खोलकर अंदर चली गई। मैंने उस

बंगले को देखा और मेरी आंखें खुली की खुली रह गई। क्योंकि उस बंगले का नाम सिल्वर लीव था। लेकिन यह बंगला तो 4 महीने से बंद है। फिर यह औरत इस बंगले में क्यों गई है?

मैं मन ही मन बोल पड़ा। मुझे लगा कि कुछ तो गड़बड़ है। और मैंने उस बंगले में जाने का फैसला किया ताकि पता चल सके कि मामला क्या है। तभी अचानक से मेरी नजर पीछे की

सीट पर गई। वो औरत ऑटो में अपना मोबाइल भूल गई थी। बस मुझे उस बंगले में घुसने का कारण मिल गया। मैंने मोबाइल लिया और गेट खोलकर बंगले के आंगन में आ गया। मैंने

दरवाजे की घंटी बजाई लेकिन कोई भी दरवाजा नहीं खोल रहा था इसलिए उन्होंने दरवाजे को थोड़ा सा धक्का दिया और यह क्या अचानक दरवाजा खुल गया औरत शायद गलती से दरवाजा

बंद करना भूल गई थी मैडम जी मैंने अंदर आते ही उस औरत को आवाज दी तभी मैंने उस औरत के चिल्लाने की आवाज सुनी। दूसरी मंजिल के एक बेडरूम से वो

चीखने की आवाज आई थी। इसलिए मैं दूसरी मंजिल के उस बेडरूम की तरफ भागा। लेकिन मैंने देखा कि बेडरूम खाली था। तभी एक बार फिर से औरत जोर से चीखी। वो चीख वाशरूम से

आई थी। तो मैं दौड़कर वाशरूम का दरवाजा खोलकर वाशरूम में घुस गया और सामने का नजारा देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि मैंने वाशरूम के बाहर ट में ऑटो ड्राइवर की लाशें देखी थी। तभी उस औरत ने

बाहर से वाशरूम का दरवाजा बंद कर दिया। मैंने दरवाजा खोलने की कोशिश की। पर मैं असफल रहा। मैं रोया चिल्लाया। उससे भीख मांगी लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला। मैंने

बाथ टब के पास मोबाइलों का ढेर देखा। मैंने अपनी जेब से उस औरत का मोबाइल निकाला तो वो एकदम उन्हीं मोबाइलों की तरह था। मैं समझ चुका था कि उस औरत ने मुझे

अपने जाल में फंसाया है। लेकिन वो औरत कौन थी? मेरे मन में सवाल आया। अचानक मेरे

थी? मेरे मन में सवाल आया। अचानक मेरे दिमाग में कुछ आया और मेरे दिल की धड़कन बंद हो गई। कुछ 4- 5 महीना पहले सिल्वर लीफ में मतलब इसी बंगले में इस बंगले की

मालकिन की बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। मैंने तुरंत अपनी जेब से मोबाइल निकाला और Google पर श्यामला देशमुख मर्डर लातूर सर्च किया। पर वहां मैंने श्यामलाल

देशमुख यानी इस बंगले की मालकिन की फोटो देखी और डर के मारे मेरे रोंगटे खड़े हो गए। क्योंकि जिस औरत ने मुझे इस वाशरूम में बंद कर दिया उस औरत का चेहरा और इस

बंगले की मालकिन के चेहरे से मेल खा रहा था। पर ये कैसे मुमकिन है? ये औरत तो 5 महीने पहले ही मर गई थी। मैं मन ही मन बोल

पड़ा। और इस तरह से मुझे पता चल गया कि वह औरत भूत है। वो जरूर अपनी मौत का बदला लेने के लिए ऑटो ड्राइवरों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें मार डालती रही थी। यह

बात सभी लोगों को पता होनी चाहिए थी। इसीलिए मैंने अपने दोस्त को कॉल किया। पर उसके फोन उठाने से पहले ही टेबल के खोखले में लेटी एक लाश में मेरा मोबाइल निगल

लिया। मैं वह देखकर बहुत ज्यादा डर गया था। पर उसके बाद मुझे उस लाश की आदत सी पड़ गई थी। जैसे ही रात में सोने की कोशिश करता वह लाश मुझे कभी थप्पड़ मारती तो कभी

लात मारती थी। सुबह होते ही वह लाश ठंडी पड़ जाती थी। दिन का समय तो कुछ भी हरकत नहीं करती थी। इसलिए मैंने दिन में ही सोने का फैसला किया। रात होते ही उस औरत

का भूत वाशरूम के बाहर बेडरूम में बड़ी ही डरावनी आवाज में गाना गाते हुए नाचती थी। उसकी आवाज सुनकर मेरे कान दर्द करते थे। हर वक्त मेरी नजर वाशरूम में पड़ी लाशों

पर जाती थी। उसमें से आधे ऑटो ड्राइवर तो उस वाशरूम में बिना खाने पीने के तड़प के मर गए थे। मैं हमेशा सोचता था कि वो औरत इन सभी की मौत कैसे देख पाती होगी?

[संगीत] उस औरत की हत्या बेहद ही बेदर्दी से हुई थी। शायद इसीलिए मरने के बाद वो इतनी क्रूर बन गई थी। मिज देशमुख के साथ बहुत बुरा हुआ था।

[संगीत] असल में हुआ यह था वो शनिवार की रात मिज देशमुख देर से एक पार्टी से घर लौट रही थी। पर रास्ते में उनकी स्कूटी बंद पड़ गई। इसलिए उन्होंने वहां से ऑटो

लिया और घर आ गई। लेकिन घर आने के 10-15 मिनट [संगीत] के बाद उनके घर की घंटी बजी। उन्होंने दरवाजे के पीप होल से देखा तो उन्हें दरवाजे पर वही ऑटो ड्राइवर दिखा।

जिसकी ऑटो में वो घर आई थी। क्या हुआ भैया? आप यहां क्यों आए हो?

उन्होंने घर के अंदर से ही रिक्शा वाले [संगीत] से पूछा, मैडम आप अपना मोबाइल ऑटो में भूल गई थी इसलिए मैं आपको लौटाने आया हूं। [संगीत] लेकिन मिसेज देशमुख उस रात

घर पर अकेली थी। उनके पति काम के सिलसिले में विदेश गए [संगीत] हुए थे। सास का पहले ही निधन हो चुका था और कुछ देर पहले वो ऑटो ड्राइवर शीशे में उन्हें गंदी नजर से

देख रहा था। इसलिए उन्हें इतनी [संगीत] रात गए एक ऑटो ड्राइवर के लिए दरवाजा खोलना ठीक नहीं लगा। भैया आप मोबाइल दरवाजे के बाहर छोड़ दो। मैं कल सुबह बाहर आकर ले लूंगी।

ओके मैडम। ठीक है। ऑटो ड्राइवर बोला। उसने मोबाइल दरवाजे के बाहर रख दिया और ऑटो लेकर वहां से चला गया। ऑटो के चले जाने की

आवाज सुनकर मिसेज देशमुख ने दरवाजा खोला। और वो ऑटो ड्राइवर के [संगीत] जाल में फंस गई। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला। रिक्शा चालक का एक दोस्त जो वहीं छुपा [संगीत]

हुआ था। उसने मिसेज देशमुख की गर्दन पर चाकू रख दिया और बोला बिल्कुल चुप रहना अगर आवाज की ही तो कला काट दूंगा। मिज देशमुख [संगीत] डर के मारे चुप बैठ गई और

उसने फोन करके ऑटो ड्राइवर को वापस बुला लिया। ऑटो ड्राइवर जानता था कि मिज देशमुख [संगीत] मोबाइल लेने के लिए दरवाजा नहीं खोलेंगे। वह जानता था कि जब वह मोबाइल

रखकर उनके घर से चला [संगीत] जाएगा। तभी मिज देशमुख घर के बाहर मोबाइल लेने के लिए आएंगे। इसलिए उसने अपने प्लान में अपने दोस्त को शामिल कर लिया था। उसने दरवाजे

की बेल बजाने से पहले ही अपने दोस्त को दरवाजे के बाजू में चाकू लेकर खड़ा करवाया था और सब उसके प्लान के मुताबिक हुआ और मिज देशमुख उसके जाल में फंस गई। ऑटो

[नाक से की जाने वाली आवाज़] ड्राइवर उसके दोस्त ने मिलकर मिज देशमुख से जबरदस्ती की। उसके बाद उन्होंने घर का सारा सोना और पैसे लूट लिए और वहां से जाते समय उन्होंने मिसेज देशमुख के हाथ पैर रस्सी

से बांधे। उनके मुंह को कपड़े से बांध दिया और उन्हें वाशरूम के बाथ टब में मरने के लिए फेंक दिया। वहां से भागते समय ऑटो ड्राइवर के दोस्त ने बाहर से घर को ताला

लगाया ताकि जब कोई उनके घर आए तो उन्हें ऐसा लगे कि मिसेज देशमुख घर पर नहीं है और वो कहीं बाहर चली गई है। सुबह जब उनकी नौकरानी घर का काम करने के लिए बंगले पर

आई तब उसने देखा कि घर के दरवाजे पर ताला लगा हुआ है। उसने मिसेज देशमुख को कॉल किया लेकिन उनका फोन बंद था। इसीलिए वह

वहां से चली गई। लगातार छ दिनों तक काम वाली भाई बंगले के चक्कर काटती रही। पर उसे घर का दरवाजा बंद ही दिखाई दिया। सातवें दिन जब मिसेज देशमुख के पति मनोज

राव देशमुख विदेश से आए और उन्होंने अपने पास के चाबी से घर का ताला खोला। जब वह फ्रेश होने के लिए वाशरूम गए तो उन्होंने

उनकी पत्नी का शव बाथ टब में पाया। मिसेज देशमुख की छ दिनों तक भूख और प्यास से मौत हो गई थी। 7 दिनों के भीतर [संगीत] पुलिस ने दो रिक्शा चालकों को पकड़ लिया। तब

पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि उस शनिवार की रात क्या हुआ था। मैं समझ गया कि मैं श्यामला देशमुख की रूह ऑटो चालकों को मारकर अपनी मौत का बदला ले रही थी

क्योंकि शायद उन्हें लग रहा है कि जो उनके साथ हुआ वह किसी और महिला के साथ ना हो। इसीलिए वह समाज से ऐसे लोगों को मार रही थी जो औरत की तरफ बुरी नजर से देखते हैं

और उनके साथ उल्टी सीधी हरकत करने की कोशिश करते हैं। मैं चिल्लाचिल्लाकर मिसेज श्यामला देशमुख की आत्मा को समझाने की कोशिश कर रहा था कि

मैं कोई ऑटो ड्राइवर नहीं बल्कि मैं एक पत्रकार हूं और मैं किसी बुरी नियत के साथ यहां नहीं आया था लेकिन उस आत्मा को मेरी किसी भी बात से कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा

था वो कभी यहां से बाहर नहीं निकल पाएगा ना जिंदा ना मुर्दा

मुझे इस बाथरूम में बंद हुए चार दिन बीत चुके हैं भूख प्यास से मेरा शरीर कमजोर हो चुका है। अब तो जैसे मेरे जीने की इच्छा ही खत्म हो रही है। इस डायरी में अपना

दर्द बांटकर थोड़ा अच्छा महसूस होता है। बस एक उम्मीद के साथ जी रहा हूं कि वह दरवाजा खुल जाए और मैं वहां से भाग जाऊं। मुझे मेरी बीवी बच्चों की बहुत याद आती

है। मैंने लाख कोशिश की पर वो मजबूत दरवाजा नहीं खुला। प्यास से मेरा गला पूरी तरह सूख चुका है। मैं रो रहा हूं।

लेकिन मेरे आंसू तक खत्म हो चुके हैं। नल से लगातार काला पानी बह रहा है। जिससे गंदी बदबू आ रही है। मैं मन ही मन सोच रहा

हूं आखिर मेरी क्या गलती है? क्यों मैं इस मौत के भवर में फंस गया हूं। तभी मेरे मन में ख्याल आया। मिज श्यामला देशमुख भी ऐसे

ही मौत के जाल में फंस गई थी। उनकी भी क्या गलती थी? आज पांच दिन हो चुके हैं। अब मैं भूख प्यास बर्दाश्त नहीं कर पा रहा

हूं। मेरा दिल और दिमाग नकारात्मकता से भर चुका है। आज मैंने टॉयलेट क्लीनर पीकर आत्महत्या करने का फैसला कर लिया है। अगर

कोई यह डायरी पढ़ रहा है तो मेरी उसे एक ही सलाह है। यहां से बचने का बस एक ही रास्ता है। और वह है मौत। मुझे [संगीत]

शायद पहले ही यह फैसला कर लेना चाहिए था। वो औरत एक बुरी आत्मा बन चुकी है। और वो आपको इस बाथरूम से बाहर किसी भी हालत में जाने नहीं देगी। यदि आप निर्दोष हो तब भी

नहीं। [चीखने की आवाज़] डायरी के आगे के पन्ने खाली थे। ऑटो ड्राइवर उस पत्रकार की डायरी पढ़ के बहुत डर गया था। क्योंकि उसे पता चल गया था कि

जो भी इस बाथरूम में फंसता है, उसकी मौत बहुत दर्दनाक होती है। उसे लगा कि पत्रकार सही था। उस औरत को बस एक ही चीज चाहिए और

वो है ऑटो [संगीत] ड्राइवर की मौत। पर वो ऑटो ड्राइवर हार मानने वालों में से नहीं था। पर यहां से निकलूं कैसे?

वो ऐसा सोचने लगा। तभी अचानक उसे याद आया। पत्रकार ने डायरी में लिखा था कि हर शनिवार की रात एक ऑटो ड्राइवर इस बाथरूम

में फंस जाता है। मैं भी शनिवार की रात को ही फंस गया था। यानी कि अब इस बाथरूम का दरवाजा अगले शनिवार की रात को कोई ऑटो

ड्राइवर ही खोलेगा। जब कोई ऑटो ड्राइवर इस बाथरूम का दरवाजा खोलेगा तभी मुझे यहां से भागने का मौका

मिलेगा। और अगर वो औरत ने मुझे रोका तो मैं मैं वो ऑटो ड्राइवर मिलके उसका सामना करेंगे। मुझे कुछ भी करके इस आने वाले

शनिवार तक यहां मुझे जिंदा रहना होगा। उसने अपने आप से कहा और वो शनिवार की रात देखने लगा। ऑटो ड्राइवर को फंसे हुए अब

पांच दिन हो चुके थे। पिछले 5 दिनों से उसने कुछ भी नहीं खाया था। बिना पानी के उसका गला सूख गया था। उसने सोचा

भूख के मारे कहीं मेरी मौत ना हो जाए। पर क्या खाऊं? शव। उसने वहां पड़े शव के मांस

क्या खाऊं? शव। उसने वहां पड़े शव के मांस को खाने के बारे में सोचा। पर दुविधा यह थी कि वो शाकाहारी था। उसने अपनी पूरी

जिंदगी में कभी मांस नहीं खाया था और यह तो इंसान का मांस है। पर उसे जिंदा रहने के लिए यह आखिरी मौका था। इसलिए उसने

इंसानी [संगीत] मांस खाने का सोचा। उसने खोखले में पड़ी हुई लाश की आंख से चाकू निकाला। और बाथ टब में पड़े शव का मांस निकाला।

उसने अपनी जेब से लाइटर निकाला और उस मांस को चाकू में लगाकर उस मांस को भून कर खाने

लगा। उसे दो-तीन बार उल्टियां आई पर उसे जिंदा रहने के लिए वो मांस खाना पड़ा। आखिरकार उसका इंतजार खत्म हुआ। शनिवार की

रात आई। ऑटो ड्राइवर इंसानी मांस खाकर शनिवार तक जिंदा रहा। उसने घड़ी में देखा तो रात के 2:00 बजे थे।

वो औरत पक्का नई शिकार के लिए निकल गई होगी। उसने अंदाजा लगाया क्योंकि वह भी रात के

2:00 बजे के आसपास उससे मिला था। वो औरत गुलाबगंज रोड पर ऑटो की राह देख रही थी। तभी वहां एक ऑटो आई। ऑटो ड्राइवर ने पूछा, कहां जाना है मैडम?

अवंती नगर। उस औरत ने कहा, अवंती नगर सुनते ही ऑटो ड्राइवर थोड़ा डर गया क्योंकि उसे पता था कि गायब हुए ऑटो ड्राइवर्स की ऑटो रिक्शा

दूसरे दिन अवंती नगर के कोई सिल्वर लीफ बंगले के बाहर मिलते थे। उसने मन ही मन कुछ सोचा और कहा नहीं नहीं मैडम अवंती नगर मैं नहीं आऊंगा।

उसने औरत से कहा, अरे मुझे पता है भैया कि आप क्यों मना कर रहे हो। पर क्या आपको [संगीत] मैं कोई अपराधी लग रही हूं। मेरी स्कूटी बंद पड़ी

है। रात के 2:00 बजे हैं और मुझे घर जाना है। काफी देर हो गई है और आज घर पे मैं अकेली हूं। आप अगर घर नहीं छोड़ेंगे तो मैं घर कैसे जाऊंगी?

वो औरत ऑटो ड्राइवर से बोली। यह सुनकर ऑटो ड्राइवर को उस औरत पर दया आ गई। इंसानियत के नाते उसने कहा

ठीक है मैडम बैठिए। वो औरत ऑटो में बैठ गई और ऑटो अवंती नगर की ओर चल पड़ा। यहां बाथरूम में बैठकर ऑटो ड्राइवर उस औरत और

दूसरे ड्राइवर की राह देख रहा था। तभी उसे बंगले के बाहर किसी ऑटो रुकने की [संगीत] आवाज आई और थोड़ी देर बाद उसे ऑटो जाने की

आवाज आई। उसे पता था उस औरत ने ऑटो में मोबाइल छोड़ा होगा और ऑटो ड्राइवर उसे देने वापस यहां आएगा। थोड़ी देर बाद वही

हुआ। उसे बंगले के बाहर ऑटो रुकने की आवाज आई। वो ऑटो ड्राइवर ईमानदार था। इसलिए वह मोबाइल देने वापस आया था। उसने बंगले की

ओर देखा। उस पे लिखा था देशमुख विला। उसे लगा कि उसे सिल्वर लीफ बंगले से खतरा है ना कि देशमुख विला से। इसलिए उसने बंगले के अंदर जाने का निर्णय [संगीत] लिया।

उसने दो-तीन बार डोरवेल बजाई। पर अंदर से कोई आवाज नहीं आई। उसे लगा शायद वो औरत सो रही होगी। तभी किसी के चिल्लाने की आवाज आई।

बचा कोई तो बचाओ मुझे। मैं इस बाथरूम में फस गया हूं।

बचाओ। बाथरूम से ऑटो ड्राइवर चिल्लाने लगा। बंगले के अंदर से आने वाली आवाज सुनकर नया

ऑटो ड्राइवर सावधान हो गया और उसने दरवाजे पे हाथ मारा तो दरवाजा खुला था। उसे लगा कुछ तो गड़बड़ है। इसलिए वो अंदर की ओर

चला गया। तभी उसे बाथरूम में फंसे ऑटो ड्राइवर की आवाज आने लगी। बचाओ बचाओ। मैं ऊपर वाले कमरे के बाथरूम

में फंस गया हूं। बचाओ बचाओ। नया ऑटो ड्राइवर दौड़ते हुए उस बाथरूम की ओर गया। जल्दी दरवाजा खोलो। मुझे यहां से बाहर

निकालो। उस औरत ने मुझे इस बाथरूम में बंद कर दिया है। जल्दी खोलो। हां हां 1 मिनट। ऐसा कहकर नए ऑटो ड्राइवर ने दरवाजा खोला।

और दरवाजा खोलते ही उस औरत ने नए ऑटो ड्राइवर को पीछे से लात मारी। और वो नया ऑटो ड्राइवर भी बाथरूम

में गिर गया। और वो तभी उस औरत ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। नया ऑटो ड्राइवर बाथरूम में लाशों के ढेर को देख जोर-जोर

से चिल्लाने लगा। अब वो जान चुका था कि शहर के गायब हुए ऑटो ड्राइवर जाते कहां है। दूसरी ओर पुराना ऑटो ड्राइवर अपना सर पकड़ के बैठा था क्योंकि उसका यहां से

बाहर निकलने का प्लान फेल हो चुका था। नया ऑटो ड्राइवर दरवाजे पे लात मारने लगा। दरवाजा खोलो। वरना मैं तुम्हें छोडूंगा

नहीं। तुम्हें जान से मार दूंगा। तभी अचानक पुराने ऑटो ड्राइवर ने कहा, दोस्त तुम्हारा मोबाइल कहां है? जल्दी से

निकालो और पुलिस को फोन लगाओ। जल्दी निकालो। तभी नए ऑटो ड्राइवर ने अपने जेबी तराशते हुए कहा। अरे अरे मैं अपना मोबाइल फोन ऑटो में भूल

गया। [रोने की आवाज़] ये सुनते ही पुराने ऑटो ड्राइवर को गुस्सा आया। तेरी मां की मैं इतने दिन तुम्हारी

राह देख रहा था और तुम मोबाइल ऑटो में भूल आए। [चीखने की आवाज़] पर यहां हो क्या रहा है? हमें यहां क्यों

बंद किया है?

तभी पुराने ऑटो ड्राइवर ने उसे सारी बातें बताई। अब हम यहां से कैसे बाहर निकले? कि तभी

दरवाजे पे किसी ने हाथ मारा और उस औरत ने बाहर से कहा मैं तुझे बाहर निकालूंगी पर तुझे मेरा एक काम करना पड़ेगा।

काम कौन सा काम?

तुम्हारे सामने वाले ऑटो ड्राइवर को मार डालो। [संगीत] [चीखने की आवाज़] [कराहने की आवाज़] ना तू मुझे मार सकता है ना वो औरत मैं अमर

हूं। हां [हंसी] मैं तुम्हें नहीं मारने वाला था। पर मैं मरने वाला था। हैं क्योंकि मुझे पता था ऐसा ही कुछ होगा। और आज नहीं तो दो

दिन बाद तू मुझे मार ही देता क्योंकि मैं कमजोर हो चुका हूं। इसलिए तुम मुझे मारो। इसके पहले मैं ही तुम्हें मार दूंगा। हां [हांफने की आवाज़]

नहीं नहीं मुझे मत मारो। मैं तुम्हारे पैर पकड़ता हूं। [हंसी] मुझे मत मारो। मत मारो

मुझे। बाय बाय मेरे दोस्त। बाय बाय। ये [चीखने की आवाज़] [चीखने की आवाज़] [हांफने की आवाज़] [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]

मैडम मैडम मैडम मैंने उसे मार दिया। मैडम और अचानक दरवाजा खुल जाता है। नया ऑटो चालक अपने पीठ पर हाथ रखकर वाशरूम से बाहर

आता है। तुझे क्या लगा? [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं तुझे छोड़ दूंगी। जो भी इस घर में आता

है वो यहां से कभी बाहर नहीं जाता। ना जिंदा ना मुर्दा। घर आजा सजन

तेरी राह तकू मैं रात दिन के कहीं ना लागे

मन तेरे बिन तेरे बिन घर आ [चीखने की आवाज़]

आजा सनम मधुर चांदनी में हम तुम मिले तो वीराने [गाना गाने की आवाज़] में आ जाएगी बहार झूमेगा आसमान

तभी अचानक रास्ते के किनारे उसे एक औरत दिखी उसने औरत के पास आकर ऑटो रोका कहां जाना है अवंती नगर यह सुन ऑटो ड्राइवर को डर के मारे पसीना आ जाता है।

नहीं मैडम ऑटो नहीं जाएगा वहां। प्लीज छोड़ दो ना। आज मैं अकेली हूं घर पर। नहीं ऑटो नहीं जाएगा। ऐसा कहते हुए ऑटो ड्राइवर वहां से चला जाता है। कुछ दूर जाने [संगीत] के बाद वो

सोचता है ये कैसे मुमकिन है? ये औरत तो 4- 5 [संगीत] महीने पहले मर चुकी थी। तभी अचानक

उसे गाना सुनाई देने लगता है। घर आ जा सजन

तेरी राह थकूं मैं रात दिन [हंसी] ऑटो ड्राइवर आईने में देखता है तो वो औरत पीछे ऑटो में बैठी हुई वही गाना गा रही थी।

धरा घर नहीं आओगे तो ऐसा ही होगा। एंड वेलकम होम। [हंसी] यह कहानी आपको अच्छी लगी हो तो हमें

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