Zombies in Hostel - Horror Story | डरावनी कहानी | Horror Story in Hindi | KM E336🔥 🔥🔥
By Khooni Monday
Summary
Topics Covered
- हॉस्टल में खून का ताज़ा निशान और ज़ॉम्बी का खुलासा
- बिजली गई, नेटवर्क गया - दरवाजे पर खड़ा था कोई
- दरवाजा टूटा - विराट का ज़ॉम्बी अटैक
- टॉपर्स की वेलकम ड्रिंक ने बना दिया ज़ॉम्बी
Full Transcript
दोस्तों, हम हर हफ्ते बड़ी मेहनत से आपके लिए एक दिल दहला देने वाली एनिमेटेड हॉरर स्टोरी बनाते हैं। तो अगर आप हमारी यानी खूनी मंडे चैनल की कहानियां एन्जॉय कर रहे
हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए और हमारी लेटेस्ट वीडियोस की नोटिफिकेशन के लिए बेल आइकॉन दबाना मत भूलना। देर रात अगर आप किसी इंजीनियरिंग हॉस्टल
के कॉरिडोर में चले जाओ तो एक अजीब सी फीलिंग आती है ट्यूबलाइट की सफेद रोशनी डोर के नीचे से निकलती हुई हल्की सी लाइट
कहीं किसी रूम में कोडिंग चल रही होती है तो कहीं असाइनमेंट और कहीं ब्रेकअप। यह कहानी है इंडियन इंस्टट्यूट ऑफ इनोवेशन के
एक ऐसे ही हॉस्टल की जहां एक रात कुछ ऐसा हुआ जो किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। रात के 1:00 बज रहे थे। इंस्टट्यूट के
बॉयज हॉस्टल के ग्राउंड फ्लोर कॉरिडोर में सिर्फ एक रूम की लाइट जल रही थी। रूम 107 और उस रूम के अंदर बैठा था फोर्थ ईयर
इंजीनियरिंग स्टूडेंट रवि। रवि अकेला बैठा। अगले दिन होने वाले अपने प्लेसमेंट इंटरव्यू की तैयारी कर रहा था। टेबल पर कॉफी मार्क्स पड़े थे। वाइट बोर्ड पर
फार्मूलाज़ लिखे थे और विंडो के बाहर सिर्फ अंधेरा था और एक अजीब सी खामोशी। जैसे किसी तूफान से पहले की शांति हो। उस रात उनके कॉलेज कैंपस में प्लेसमेंट के लिए एक
बहुत बड़ी टेक कंपनी हाइपोटेन्यूस टेक्नोलॉजीस आई थी। लेकिन वो उसमें सिलेक्ट नहीं हो पाया था। जिसकी वजह से वह पहले से थोड़ा दुखी था।
इसलिए अब वो अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता था और एक अच्छी नौकरी के लिए दिल लगाकर पढ़ाई कर रहा था। तभी उसे एक
जोर की ठक की आवाज आई। उसके रूम के बाहर कॉरिडोर में शायद कुछ गिरा। रवि ने पहले इग्नोर किया। हॉस्टल में आवाें आना नॉर्मल
होती हैं। उसे लगा कि शायद कोई ड्रंक होगा या कोई बाथरूम गया होगा। लेकिन कुछ देर में उसे किसी के गुर्राने
की आवाज आई। जैसे कोई जानवर बाहर घूम रहा हो। रवि ने धीरे से अपने रूम का डोर खोला
और बाहर देखा। कॉरिडोर एकदम खाली था। बस एक ट्यूबलाइट जल रही थी जो फ्लिकर कर रही थी। पर फ्लोर पर एक पतली सी डार्क लाइन थी
जो हॉस्टल के कॉमन बाथरूम से होती हुई उसके डोर के सामने से फर्स्ट फ्लोर की सीढ़ियों की तरफ जा रही थी जब उसने उस
लाइन को ध्यान से देखा तो वो घबरा उठा वो कोई पानी नहीं था बल्कि गाढ़ा लाल खून था
अचानक रवि को कॉमन बाथरूम से किसी के चीखने की आवाें आई रवि हिम्मत करके कॉमन बाथरूम की तरफ बढ़ा जहां से वो खून की लाइन शुरू हुई थी। कॉमन
बाथरूम में रवि ने जो देखा उसे देखकर रवि के होश उड़ गए। उसने देखा कि एक लड़का जिसका चेहरा खून से लथपत है वो उसी के फ्लोर पर रहने वाले फर्स्ट ईयर स्टूडेंट
अमित की गर्दन को अपने मुंह से काट रहा है। वो लड़का जिसका चेहरा खून से लाल था। वो कोई और नहीं। उन्हीं के हॉस्टल में
रहने वाला विराट था। रवि विराट का अच्छा दोस्त था और उसके साथ क्रिकेट खेलता था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि विराट को हुआ
क्या है। पर रवि जैसे ही अमित की मदद के लिए आगे बढ़ा विराट उस पर गुर्राने लगा और एक अजीब ढंग से चलता हुआ वो रवि के पास
आने लगा। विराट का एक खूंखार रूप देखते ही रवि डर के मारे वापस अपने रूम में भागा और उसने अपना रूम अंदर से लॉक कर लिया। तभी
उसने अपना फोन देखा। हॉस्टल ग्रुप 500 मैसेजेस ब्रो रूम लॉक करो। डोंट ओपन द डोर। कॉलेज में लोग पागल हो गए हैं। काट
रहे हैं एक दूसरे को। रवि ये मैसेजेस पढ़कर हैरान हो रहा था। सारे मैसेजेस पढ़कर उसे पता चला कि कॉलेज में आज जो प्रीप्लेसमेंट पार्टी थी उसमें कॉलेज
टॉपर्स ने कोई सीरम पी लिया है। जिसके बाद वो सब दूसरे स्टूडेंट्स पर अटैक करके उन्हें मार रहे हैं और अपने जैसा बना रहे
हैं। रवि ये सारे मैसेजेस पढ़ ही रहा था कि अचानक हॉस्टल की इलेक्ट्रिसिटी चली गई और फोन से नेटवर्क चला गया। पूरा रूम अंधेरे में डूब चुका था। सिर्फ लैपटॉप और
मोबाइल स्क्रीन से हल्की ब्लू लाइट निकल रही थी और उसी ब्लू लाइट में रवि ने देखा कि उसके रूम के बाहर कोई खड़ा है। डोर के
नीचे से एक परछाई नजर आ रही थी। थक डोर पर एक नॉक हुआ। पहले एक बार रवि ने घबराते हुए पूछा कौन है? कौन है? कोई कुछ नहीं
बोला। फिर तीन बार दरवाजा खटखटाने की आवाज आई। ठक ठक ठक। इस बार ज्यादा जोर से जैसे बाहर खड़े इंसान का पेशेंस खत्म हो रहा
हो। रवि डर के मारे पीछे हटा। उसने अपने कपकपाते हाथों से अपनी फोन की टॉर्च ऑन की। डोर हैंडल धीरे-धीरे हिलने लगा। लेफ्ट
राइट लेफ्ट राइट जिसे बाहर खड़ा इंसान अंदर आने की कोशिश कर रहा हो। अचानक वो हैंडल जोरों से शेक होने लगा।
और फिर रवि के हॉस्टल रूम का दरवाजा जोर से हिला। पहले एक बार, फिर दूसरी बार। ऐसा लग रहा था कि कोई उसे तोड़ने की कोशिश कर
रहा है। दरवाजे की लकड़ी धीरे-धीरे क्रैक होने लगी थी। लेकिन फिर अचानक से एकदम शांति हो गई।
बिल्कुल साइलेंस। कोई मूवमेंट नहीं, कोई नोक नहीं, कुछ नहीं। 5 सेकंड, 10 सेकंड, 20 सेकंड, कुछ भी नहीं। रवि धीरे-धीरे डोर
के पास गया। उसे लगा कि शायद जो भी था वो अब चला गया है। पर अगले ही सेकंड डोर पर इतनी जोर से अटैक हुआ कि दरवाजा टूट कर
नीचे गिर गया। रवि के सामने अब विराट खड़ा था। वो तेज-तेज़ सांसे ले रहा था और रवि के ऊपर गुस्से से गुर्रा रहा था। विराट अब और
भी ज्यादा खूंखार लग रहा था। विराट धीरे-धीरे रूम के अंदर आने लगा। रवि को कुछ समझ नहीं आ रहा था। उसे लगा कि शायद
आज उसकी जिंदगी का आखिरी दिन है। विराट रवि पर अटैक करने ही वाला था कि एकदम से रवि ने अपने बगल में रखी चेयर उठाई और विराट के सर पर मारी। मौके का फायदा उठाकर
रवि ने विराट को एक जोर का धक्का दिया और अपने रूम से बाहर भाग गया। वो छुपते-छुपाते कैंपस के गेट की तरफ जाने लगा कि तभी उसने देखा कि 100 से ज्यादा
स्टूडेंट्स एक झुंड में लड़खड़ाते हुए चल रहे हैं। सबकी आंखें सफेद सी चमक रही हैं और कपड़े फटे हुए हैं। बॉडीज पर बाइट
मार्क्स हैं और सबके चेहरों पर खून लगा है। वो सब रवि की तरफ ही आ रहे थे। यह देखकर रवि भागकर कॉलेज की लाइब्रेरी में
घुस गया और एक बुक शेलफ के पीछे छुप गया। धीरे-धीरे लाइब्रेरी के अंदर भी इनफेक्टेड लोग घुसने लगे। रवि को कुछ समझ नहीं आ रहा
था कि यह सब क्या हो रहा है। उसका पूरा शरीर डर के मारे कांप रहा था। पर धीरे-धीरे वो लोग लाइब्रेरी से बाहर जाने
लगे। रवि को लगा कि शायद वो बच गया है। लेकिन तभी रवि के चेहरे पर खून की एक बूंद गिरी। जब रवि ने ऊपर देखा तो उसके होश उड़
गए। लाइब्रेरी के शेलफ के ऊपर विराट बैठा था। वो रवि के ऊपर कूदा और उसने उस पर अटैक कर दिया और एकदम से सभी इनफेक्टेड लोगों की भीड़ वहां आ गई और सबने रवि को
घेर लिया। रवि की चीखें पूरी लाइब्रेरी में पहुंच गई। कुछ देर बाद जब रवि ने आंखें खोली तो उसकी आंखें भी सफेद थी।
बिल्कुल बाकी इनफेक्टेड लोगों की तरह रवि भी अब एक ज़ॉम्बी बन चुका था। इंडियन इंस्टट्यूट ऑफ इनोवेशन अब इंडियन इंस्टट्यूट ऑफ ज़ॉम्बीज़ बन चुका था। कौन
रोकेगा इस ज़ॉम्बी अटैक को? क्या होगा आगे?
दोस्तों, यही इंटरेस्टिंग कहानी है नई ज़ॉम्बी हॉरर कॉमेडी मूवी आईआईड इंडियन इंस्टट्यूट ऑफ ज़ॉम्बीज़ की। जहां एक प्रीप्लेसमेंट पार्टी में कॉलेज के टॉपर्स
वेलकम ड्रिंक समझकर एक ऐसा सीरम पी लेते हैं जिससे वो ज़ॉम्बी बन जाते हैं और फिर पूरे कॉलेज में डर फैल जाता है। पर उन्हें रोकने के लिए जो चीजें दूसरे स्टूडेंट्स
करते हैं वो आपको बहुत हंसाने वाली हैं। क्योंकि यह मूवी ढिंढोरा, ताजा खबर और फर्जी के राइटर्स ने लिखी है। तो, आप फन डेफिनेटली एक्सपेक्ट कर सकते हो। तो 15th
मई को थिएटर्स में रिलीज हो रही है आईआईzेड इंडियन इंस्टट्यूट ऑफ ज़ॉम्बीज़। जाओ दोस्तों के साथ जाकर देखो और मस्ती करो।
और अगर आपको यह वीडियो अच्छी लगी तो हमारा चैनल खूनी मंडे सब्सक्राइब करना बिल्कुल मत भूलना।
Loading video analysis...